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सेतुबंधासन (ब्रीज पोज़) योगा – जानिए विधि, लाभ, सावधानी

हम सभी की जीवनशैली में काफ़ी बदलाव आ चुका है। अधिकतर लोग काम करने लगे है। और बहुतो का काम ऐसा है की दिन के 9 से 10 घंटे कंप्यूटर के सामने 1 कुर्सी पर बीतता है। ऐसे में पीठ और गर्दन में दर्द होना बड़ी ही स्वाभाविक बात है।

इसमे कोई शक नही है की यह दिन भर की थकान, काम का तनाव रात को अच्छी नींद भी नही लेने देता है। फिर दिनचर्या को सुधारने के लिए हम दूसरे दिन की सुबह जिम जाने का सोचते है। हर दिन जिम के लिए वक्त निकाल पाना आसान नही है।

काम के बोझ के चलते जहा हमने एक दिन मिस किया तो समझ जाइए आने वाले 3-4 दिन हम इसे और टाल देते है। इसलिए यदि हम यह कहे की व्यायाम करने का सबसे आसान और सबसे फायदेमंद कोई तरीका है तो वो है योग। आप इसे कही भी कर सकते है घर के लिविंग रूम में, गर्दन में या फिर चाहे तो क्लासस ज्वाइन कर ले।

आज हम आपको योग के ऐसे आसनों के बारे में बता रहे है जो रोजमर्रा के बेहद ही आम समस्या से राहत दिलाता है। तो आइए जानते है सेतुबंधासन योगा के बारे में।
 

पीठ और गर्दन दर्द से राहत दिलाए: Setu Bandhasana Yoga

 
Setu Bandhasana Yoga in Hindi
 
चाहे आप कामकाजी व्यक्ति हो या घर में काम करने वाली महिला। सबको कमर के दर्द से दो चार होना पढ़ता है। सेतुबंधासन आपको इससे राहत दिलाने में मदद करता है। अँग्रेज़ी में इस आसन को ब्रीज पोज़ कहते है।

इस आसन को करते वक्त आपके शरीर का आकार सेतु के समान दिखाई देता है इसलिए इसे सेतुबंधासन कहा जाता है। यह आसन गर्भवती महिला के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
 

सेतुबंधासन स्टेप्स: इस आसन को करने का तरीका

  1. सेतुबंधासन योग का अभ्यास आप घर या बाहर कही भी कर सकते है। बस इसे करने के लिए एक साफ़ समतल जगह का चुनाव करे।
  2. फिर इस जगह पर दरी बिछाकर पीठ के बल लेट जाए। आपके हाथो को सीधा रखे और हथेलिया ज़मीन पर होना चाहिए।
  3. अब धीरे से अपने घुटनो को मोड, आपके पैर और घुटने दोनो एक सीध में होना चाहिए।
  4. इसके पश्चात सास लेते हुए अपने पीठ को उपर उठाए और कंधो को अंदर की और करे।
  5. आपको पहले अपनी पीठ के निचले हिस्से, फिर मध्य का हिस्सा और फिर उपर का हिस्से को उठाना है।
  6. कोशिश करे की आपकी थोड़ी आपकी छाती से टच हो।
  7. आपके कंधे, पैरो और हाथो से वजन को संभाले और अपने शरीर की संतुलित रखे।
  8. यदि आपको इसे नही करते बन रहा है तो आप अपनी कमर को सहारा देने के लिए अपने हाथो का इस्तेमाल कर सकते है।
  9. कम से कम दो मिनिट तक इस आसन में बने रहे फिर सास छोड़ते हुए धीरे धीरे कमर को वापिस ले आए।
  10. कुछ सेकेंड्स शवासन में बने रहे। ताकि अगली बार इस क्रिया को करने के लिए एनर्जी आ सके|
  11. इस क्रम को 4 से 5 बार तक वापिस दोहराए। यदि योग के लिए बिल्कुल नही है तो 2 बार इसे दोहराए।

 

Setu Bandhasana Benefits: इसके लाभ

  • इस आसन को करते वक्त आपके पेट में खिचाव होता है। इसलिए इसे करने सा नेवल पेट की चर्बी कम होती है बल्कि पेट के कई विकार भी दूर होते है।
  • यह रोजमर्रा के आम दर्द जैसे पीठ दर्द, पेट में दर्द, कंधे दर्द, कमर दर्द आदि से निजात दिलाता है।
  • इससे आपकी पीठ में खिचाव आता है इसलिए आपकी पीठ की माशपेसिया लचीली बनती है और उनमे मजबूती आती है।
  • इसे करने से आपके कंधे, हाथ और पैर भी मजबूत बनते है।
  • ब्रिज पोज़ के फायदे कई है। इससे तनाव दूर होता है और आप चिन्तामुक्त महसूस करते है।
  • थायराइड के रोगियो को इसे ज़रूर करना चाहिए, क्योकि यह उसमे भी फायदेमंद है।
  • यह मासिक धर्म में होने वाली कई परेशानियो से निजात दिलाता है। साथ ही इसे नियमित भी करता है।

 

सेतुबंधासन में सावधानिया

  1. इसे भरे पेट ना करे।
  2. यदि पेट का कोई ऑपरेशन हुआ हो तो भी इसे ना करे।
  3. कंधे, हाथ, पैर आदि में चोट की स्तिथि होने पर भी इसे करने से बचे।
  4. इसे करने के बाद यदि शरीर के किसी भी हिस्से में बहुत ज़्यादा दर्द हो तो एक बार अपने डॉक्टर से आपको राय ले लेना चाहिए।

 
उपर आपने जाना Setu Bandhasana Yoga के बारे में| आप भी इस आसन के अभ्यास से इसके फायदों को प्राप्त कर सकते है। लेकिन योग के नियमो के अनुसार योग के फायदों को प्राप्त करने के लिए इसे सही तरीके से करना बेहद ज़रूरी है। इसलिए यदि आपको ब्रिज पोज़ को भी करते नही आ रहा है तो घर में करने से पहले आपको इसे कुछ दिन क्लास जाकर सिख लेना चाहिए।

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