कैंसर और मधुमेह जैसे रोगों से बचाने में सहायक गेहूं के जवारे के फायदे

हम सभी जानते है कि गेंहू का सेवन स्वास्थ के लिए फायदेमंद है, लेकिन क्या आप जानते है कि गेंहू के छोटे-छोटे हरे पौधे भी पोषक तत्वो से भरपूर होते है। इन पौधो को व्हीटग्रास कहा जाता है।

यह व्हीटग्रास शरीर में डी-टॉक्सिन एजेंट के रूप में कार्य करता है। जब गेंहू के बीज को उपजाऊ जमीन में बोया जाता है तो यह बीज कुछ दिनों में बाहर की और हरी घास के रूप में बढ़ने लगता है, जिसे गेंहू की घास कहते है।

यह घास शरीर को कई प्रकार की बीमारियो जैसे पेट के छाले, कैंसर, चर्म रोग, उच्च रक्तचाप आदि से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है। साथ ही गेंहू की घास मोटापे को भी कम करने में सहायक होती है। हरी घास को लोग कई प्रकार से खा सकते है जैसे इसकी सब्जी बनाकर, व्हीटग्रास पाउडर या फिर इसका जूस बनाकर।

गेंहू की घास में आइरन, कैल्शियम सहित 19 एमिनो एसिड और 92 खनिज तत्व मौजूद होते है। साथ ही इसमे कई प्रकार के विटमिन्स और पोषक तत्व पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद करते है। इसके और भी फायदे जानने के लिए यहाँ पढ़िए Wheatgrass Benefits in Hindi.

 

Wheatgrass Benefits in Hindi: जाने इसके स्वास्थ्यवर्धक लाभ

इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाए

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी की वजह से चक्कर आना, कमजोरी और थकान लगने जैसी समस्या होने लगती है साथ ही यह कई प्रकार की गंभीर बीमारियो को भी न्योता देती है।

गेंहू की घास में रोग निरोधक गुण होता है जो कि कमज़ोरी को दूर करने के साथ-साथ कई प्रकार के रोगो से लड़ने की शक्ति देता है। इसके लिए अच्छे खान-पान के साथ-साथ रोजाना एक ग्लास व्हीटग्रास जूस ज़रूर पीना चाहिए।

 

पाचन में सहायक

गेंहू की घास शरीर के पाचन तंत्र को बनाए रखती है। इसमे मैग्नीशियम की उच्च मात्रा पाई जाती है साथ ही कई प्रकार के क्षारीय(आल्कलाइन) तत्व भी होते है। जो कि शरीर को कब्ज, पेट दर्द, अल्सर, मूह के छाले और दस्त से राहत प्रदान करते है।

इसके साथ ही इसमे उपस्थित विटामिन बी, एमिनो एसिड और कई प्रकार के एंजाइम और सिने में जलन जैसी समस्याओ को दूर करते है।

 

कैंसर से बचाए

शरीर में ऑक्सिजन की कमी कई प्रकार के कैंसर और संक्रमण का कारण बनती है। इसके लिए व्हीटग्रास शरीर में ऑक्सिजन के प्रवाह को बनाए रखता है। इसके साथ-साथ इसमे कई प्रकार के पोषक तत्व, क्लोरोफिल और मिनरल्स होते है जो कि शरीर की अंदरूनी सफाई करते है और बीमारियो से बचाते है।

 

त्वचा के लिए

गेंहू की घास त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। इसका जूस पीने से शरीर के सभी खराब सेल्स की रिपेरिंग होती है और नये सेल्स बनते है जो कि पुराने घाव को भरने में सहायक होते है। इसके साथ ही इसके जूस को रुई की सहयता से चेहरे पर लगाने से पिंपल्स, दाग और चेहरे की झाइया दूर हो जाती है।

 

मोटापा कम करे

मोटापे को कम करने में गेंहू की घास का बहुत बड़ा योगदान होता है। इसमे उपस्थित न्यूट्रीशन और पोषक तत्व शरीर को उर्जा और शक्ति प्रदान करते है और लंबे समय तक भूक को लगने नही देते है। जिससे ओवर ईटिंग से बचा जा सकता है और मोटापे के साथ-साथ वजन को भी कम करने में सहायक होता है। इसके अलावा यह थयरॉइड ग्रंथि की सक्रियता को भी बढ़ाता है जो की वजन को घटाने में मदद करता है।

 

हीमोग्लोबिन को बढ़ाए

गेंहू की घास में क्लोरोफिल की अधिक मात्रा पाई जाती है। इस  क्लोरोफिल को ग्रीन ब्लड कहा जाता है, यह शरीर में उपस्थित ऑक्सीजन से मिलकर लाल रक्त कोशिकाओ और सफेद रक्त कोशिकाओ के बनने में सहायक होता है। इस वजह से यह शरीर के हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में सहायक होता है। जो कि एनीमिया जैसे रोगो से लड़ने की शक्ति देता है।

 

मधुमेह में फायदेमंद

मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्तियो के लिए गेंहू की घास बहुत ही लाभकारी होती है। यह शरीर में ग्लूकोस की मात्रा को बनाए रखने में सहायक होता है और शरीर में उपस्थित सभी विषैले पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है साथ ही यकृत और अग्नाशेय की कार्य प्रणाली को भी बनाए रखता है।

 

जानिए गेंहू के जवारे से मिलने वाले अन्य फायदे

  1. शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बनाए रखने में भी यह सहायक होता है।
  2. व्हीटग्रास का जूस, हाथ-पैरो के दर्द और सनबर्न को भी दूर करने में  सहायक होता है।
  3. गेंहू की घास शरीर की प्रजनन शक्ति को बनाए रखने और गर्भधारण में भी मदद करता है।
  4. रूसी को दूर करने के लिए इसके पाउडर से सिर को धोना चाहिए। इससे रूसी और सिर की खुजली में राहत मिलती है।
  5. इसके पाउडर का नियमित सेवन आँखो की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है।
  6. गेंहू की घास का सेवन करने से शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते है। साथ ही इसमे उपस्थित विषाणुनाशक, रक्त को साफ करता है जिससे शरीर और पसीने से बदबू नहीं आती है।
  7. गेंहू की घास के जूस को मूह में थोड़ी देर तक रखने पर दांतो की सड़न दूर होती है। साथ ही यह दांतो को मजबूती भी प्रदान करते है।
  8. गेंहू की घास में उपस्थित क्लोरोफिल, खनिज और विटमिन्स, बवासीर जैसे रोगो में फायदेमंद है। इस समस्या के लिए रोजाना 3 महीनो तक दिन में 2 बार गेंहू की घास का पाउडर आहार के रूप में लेना चाहिए।

आज आपने जाने Wheatgrass Benefits in Hindi. इसी की तरह प्रकृति से प्राप्त बहुत से पोषक तत्वो से परिपूर्ण फल और सब्जियां भी है। जिनका गुणों के बारे में हमे जानकारी नहीं होती है। अगर आप किसी तरह के रोग से परेशान है तो आप भी गेंहू के जवारे खाना शुरू करें, जरूर फायदा मिलेगा।

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