Ganesh Chaturthi 2017: जानिए महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

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गणेश चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। भगवान गणेश के जन्म के उपलक्ष्य में यह दिन मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। देश के प्रत्येक हिस्से में यह त्योहार मनाया जाता है।

हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों में इस त्यौहार को अलग-अलग प्रकार से मनाया जाता है।गणेश चतुर्थी का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इसलिए कई लोग इस दिन शुभ कार्य का प्रारम्भ भी करते हैं।

मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत इस दिन से करते है तो फल अच्छा मिलता है। साल भर में पड़ने वाली सभी चतुर्थियों में यह गणेश चतुर्थी सबसे बड़ी व् अहम होती है।

गणेश जी के भक्त इस दिन अपने अपने घर में भगवान गणेश को स्थापित कर पूजा अर्चना करते हैं। बताया जाता है कि गणेश जी की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और संपन्नता आती है। इस बार Ganesh Chaturthi, 25 अगस्त को मनाई जाएगी|

Ganesh Chaturthi 2017: जानिए गणेश चतुर्थी से जुड़ी कुछ बातें

Ganesh Chaturthi 2017

कई लोग गणेश चतुर्थी के दिन व्रत रखते हैं। व्रत रखने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं। साथ ही श्रद्धालूओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। गणेश जी की प्रतिमा को घर में मंदिर में रखना होता है। इनके लिए मंदिर में एक अलग स्थान बनाया जाता है।

ऐसे मनाई जाती है गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी के उपरांत 10 दिन बाद तक गणेशोत्सव मनाया जाता है। श्रद्धालु अपने-अपने घरों में भगवान श्री गणेश की मूर्ति स्थापित करते हैं और पूरे दस दिन तक गणेश भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। फिर आखिरी दिन अर्थात अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति जी का विसर्जन किया जाता है। कई जगहों पर 10 दिनों तक पंडाल सजे हुए दिखाई देते हैं, जहां गणेश जी की मूर्ति स्थापित होती हैं।

इस बार 11 दिन विराजेंगे गजानन

आपको बता दे कि इस बार गणेशोत्सव 10 दिन का ना होकर, 11 दिनों का होगा, क्योंकि इस अवधि में दो दशमी तिथि पड़ रही हैं। 31 अगस्त और 1 सितंबर दोनों ही दिन दशमी तिथि रहेगी। 25 अगस्त से शुरु होकर गणोत्सव पांच सितंबर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा।

प्रसाद तथा भोग

भगवान गणेश खाने के बहुत शौकीन है। गणेश जी को कई प्रकार की मिठाईयां जैसे मोदक, गुड़ और नारियल जैसी चीज़े प्रसाद या भोग में चढ़ाई जाती हैं। गणेश जी को मोदक बहुत ही प्रिय है। जिन्हें  बनाने के लिए चावल के आटे, गुड़ और नारियल का उपयोग किया जाता है। इस पूजा में गणपति को 21 लड्डुओं का भोग लगाने का विधान हैI

गणेश चतुर्थी 2017: पूजा शुभ मुहूर्त और समय

  • मध्याह्न के समय को गणेश पूजा: सुबह 11:25 से 1 बजकर 57 मिनट
  • 24 अगस्त को, चंद्रमा को नहीं देखने का समय- 20: 27 बजे से शाम 21:02 बजे तक
  • 25 अगस्त को, चंद्रमा को नहीं देखने का समय- 09: 00 बजे से 21: 41 बजे तक

अनंत चतुर्दशी दिवस पर गणेश विसर्जन शुभ मुहूर्त

  • सुबह का मुहूर्त (चार, लाभ, अमृत) – 09:32 बजे- 14:11 अपराह्न
  • दोपहर का मुहूर्त (शुभ) = 15: 44 बजे- 17:17 बजे
  • शाम का मुहूर्त(प्रयोग) = 20:17 अपराह्न – 21: 44 बजे
  • रात का मुहूर्त (शुभ, अमृत, चार) = 23:11 बजे

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