जानिए हनुमान जी की पूजा कैसे करे, ये सरल उपाय आजमाएं

अगर आप राम भक्त हनुमान को प्रसन्न करना चाहते है, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इनकी पूजा अर्चना पुरे विधि विधान से करना बहुत ही जरुरी है। बजरंग बली की पूजा के लिए आप लोगो को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आज हम आपको बताने जा रहे है।

Hanuman Ji Ki Puja: हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए यह करे नियम 

Hanuman Ji Ki Puja

साफ वस्त्र में ही करें पूजन

अगर आप हनुमान जी की पूजा करने जा रहे है, तो सबसे पहले स्नान कर साफ कपडे पहन ले। क्योंकि हनुमान जी को प्रसन्ना करने के लिए तन और मन का पवित्र होना बहुत जरुरी है। इसके अलावा अगर आप हनुमान जी को चोला चढ़ाने जा रहे है, तब भी इस बात का विशेष ध्यान रखें।

सही क्रम में करें पूजन

शिख से नख तक संहार क्रम होता है और नख से श‍िख तक सृष्टिज क्रम। अगर आप शिख से नख तक यानी कि संहार क्रम में हनुमान जी की पूजा करेंगे तो वो उग्र हो जाएंगे। इसलिए अगर कोई विशेष कामना है तो पहले संहार क्रम से पूजन करने के बाद सृष्टिज क्रम से पूजन कर चोला चढ़ाया जा सकता है।

हनुमान चालीसा से पूरे होंगे काम

रोजाना या फिर मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा पढ़ने से आपकी मनोकामना और अधूरे काम जरूर पूरे होंगे। इसके साथ ही आप सुन्दर कांड का पाठ भी कर सकते है। हालांकि इस पाठ को करने में समय ज्यादा लगता है। परन्तु इस पाठ में हनुमान जी के बहुत से मूल मंत्र है। जिनके उच्चारण से आपके जीवन में सुख और शांति बनी रहती है।

पूर्ण आस्था है तो हनुमान जी करेंगे कृपा

हमारे हिन्दू शास्त्र में लिखा गया है कि हनुमान जी के नाम को जपने से सिद्धि प्राप्त होती है। धैर्य, श्रद्धा और हनुमान जी में विश्वास है तो निश्चित रूप से आप पर हनुमान जी की विशेष कृपा होगी।

हनुमान जी की पूजा से शांत रहते हैं शनि देव

हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या, शौर्य और निर्भयता का प्रतिक माना जाता है। हमारे हिन्दू शास्त्र के मुताबिक अगर कोई भी किसी संकट या परेशानी में हनुमान जी को याद करता है। तो उसकी विपदा को हनुमान जी हर लेते है और इसी कारण से उनका नाम संकटमोचन पड़ा है।

एक बार हनुमान जी ने शनि महाराज को कष्टों से मुक्त कराया और उनकी रक्षा की थी। इसलिए शनि भगवान ने हनुमान जी को यह वचन दिया था कि हनुमान जी की आराधना करने वालो को शनि भगवान कभी कष्ट नहीं देंगे। इसलिए शनि के साढ़ेसाती होने पर उनके कष्टों का निवारण करने के लिए हनुमान जी की पूजा करना चाहिए।

ऐसे करें हनुमानजी की पूजा

मारुती नंदन की पूजा करने से शनि भगवान का क्रोध शांत होता है। सूर्य और मंगल के साथ शनि की शत्रुता व योगों के कारण उत्पन्न कष्ट भी दूर हो जाते हैं। हनुमान जयंती के दिन ही नहीं बल्कि  मंगलवार और शनिवार के दिन भी हनुमान जी की पूजा अर्चना करने के लिए उत्तम दिन माने गए है। और यह दोनों दिन उन्हें बहुत ही प्रिय है।

कैसे करें मंगलवार-शनिवार को पूजा

01 मंगलवार और शनिवार के दिन सुबह के समय स्नान के बाद सूर्यदेव को श्री हनुमते नमः मंत्र का जाप करते हुए जल चढ़ाये।

02 तांबे के लोटे में जल और उसमे सिंदूर को मिश्रित कर हनुमान जी को शनिवार और मंगलवार के दिन अर्पित करे।

03 हनुमान जी को लगातार 10 मंगलवार और शनिवार तक गुड़ का प्रसाद लगाए।

04 हनुमान चालीसा का पाठ हर मंगलवार और शनिवार को जरूर करे।

05 हनुमान जी के मंदिर में जाकर केले का भोग लगाए और ऐसा आप 10 मंगलवार और शनिवार तक करे।

06 हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित करें। इस उपाये को आप 3 मंगलवार और शनिवार के दिन करने से सफलता बहुत जल्द मिलती है।