Mangal Dosh Nivaran: इस विशेष मंगलवार को करें व्रत और गणेशजी की पूजा

भगवान गणेश को सभी देवी-देवताओं में प्रथम पूजनीय देव माना जाता है। हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर गणेश चतुर्थी का उपवास किया जाता है। जब यह व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो इस अंगारक गणेश चतुर्थी कहा जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जिस किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगलदोष होता है। उसे यह व्रत जरूर करना चाहिए। ज्योतिष बताते है कि इस दिन भगवान गणेश की विशेष रूप से पूजा करना चाहिए। ऐसा करने से मंगल दोष की शांति होती है।

यह तो आप भी जानते है कि भगवान गजानन को सुख और समृद्धि का देवता माना गया है। जिस किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं चल रही है और वो धन-संपत्ति प्राप्त करने की इच्छा रखता है तो ऐसे लोगों को भगवान गणेश के 12 नाम का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा जिनकी कुंडली में मंगल दोष है। वो भी यह उपाय करे तो मंगल दोष की शांति होगी। आइये जाने Mangal Dosh Nivaran के लिए गणेश जी की कैसे करें पूजा।

Mangal Dosh Nivaran: ऐसे करें गणेश जी का ध्यान

Mangal Dosh Nivaran

किसी भी शुभ कार्य की शुरुवात करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इसलिए कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन सुबह-सुबह स्नान कर विधि विधान से भगवान गणेश की पूजा करना करें। गणेश जी की कृपा पाने के लिए इस दिन उन्हें 11 या 21 दुवे की गांठ चढ़ाए और उनके बारह नामों का जाप करना चाहिए। भोग में गणेश जी के प्रिय मोदक रखें। ऐसा करने से कुंडली में मौजूद Manglik Dosh की शांति होती है।

मंगलवार का दिन हनुमान जी का होता है, इसलिए भगवान गणेश जी के साथ साथ हनुमान जी की भी पूजा करना चाहिए। हनुमान जी की पूजा करने से संकटो का नाश होता है। साथ ही ऐसा करने से आप दोनों भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते है।

Names of Lord Ganesha: भगवान गणेश जी के 12 नाम

  • सुमुख: सुन्दर मुख वाले
  • एकदंत: एक दन्त वाले
  • कपील: कपील वर्ण वाले
  • गजकर्ण: हाथी के कान वाले
  • लम्बोदर: लम्बे पेट वाले
  • विकट: विपत्ति का नाश करने वाले
  • विनायक: न्याय करने वाले
  • धूम्रकेतु: धुएं के रंग वाले पताका वाले
  • गणाध्यक्ष: गुणों और देवताओ के अध्यक्ष
  • भालचन्द्र: सर पर चंद्रमा धारण करने वाले
  • गजानंद: हाथी के मुख वाले
  • विघ्नाशक: विघ्न को खत्म करने वाले

मंगल दोष निवारण के अन्य उपाय

  1. मंगलवार को व्रत करने से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और इसका परिणाम अच्छा मिलता है।
  2. भगवान गणेश जी की प्रतिदिन पूजा करें और उनको गुड़ और लाल फूल चढ़ाएं और 108 बार गणेश जी के मंत्र ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें।
  3. जिन लोगों की राशि में मंगल हो उन्हें नित नियम से प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
  4. चिड़ियों को मीठा डालें।
  5. मंगलवार के दिन सूर्य भगवान के उदय से लेकर अगले सूर्य उदय तक आप लोग व्रत करें और इस समय आप सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करें।
  6. मंगल दोष से मुक्ति के लिए मंगल मंत्र  ऊँ अं अगारकाय नम: का जप करें।
  7. आप लोग स्वस्थ है, तो हर चार महीने में एक बार मंगलवार के दिन रक्तदान करें।
  8. मंगल दोष के लिए आप लोग मंगल चंडिका मंत्र का नित रूप से जाप करें।
  9. कुम्भ विवाह, विष्णु विवाह और अश्वत्थ विवाह कराएं।
  10. अपनी पुत्री के लिए आप योग्यवर चुन रहे है। तो आप लोग पीपल, कुंभ, सालिगराम विवाह तथा मंगल यंत्र का पूजा अर्चन कर के अच्छे ग्रह के योग्य लड़के के साथ उसका संबद्ध तय कर सकते है और इसके साथ ही मंगल यन्त्र की भी स्थापना करें और मंगलनाथ भगवन से प्रार्थना करें।