योगी आदित्यनाथ की कुंडली के मुताबिक संघर्षों के बीच हासिल करेंगे विजय

योगी आदित्यनाथ जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 19 मार्च 2017 को शपथ ली। योगी का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में आनंद बिष्ट के घर 5 जून 1972 को हुआ। इनका जन्म का नाम अजय सिंह बिष्ट था, परन्तु ये जब  एक बार गोरखनाथ पीठ पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के सानिध्य में आये तो फिर उन्हीं के होकर रह गये और इनका नाम पड़ा योगी आदित्यनाथ।

Yogi Adityanath Kundli: ग्रहों की संयोग से जाने योगी का राजनैतिक सफर  

Yogi Adityanath Kundli

कुंडली के ग्रह

अगर योगी को देखा जाये तो साफ दिखाई देता है कि उनकी कुंडली में राज और मोक्ष योग है। Yogi Adityanath Kundli में ग्रहों की दशा कुछ इस तरह है कि वो सत्ता के लिए नहीं बल्कि सत्ता उनके पीछे पीछे चलती है।

नाम – योगी आदित्यनाथ

जन्म स्थान – पंचूर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड

जन्म तिथि – 5 जून 1972

जन्म समय – 12:00

कुंडली में सिंह लग्न

आदित्यनाथ की कुंडली में सिंह लग्न है। उनके लग्न का स्वामी सूर्य है और राशि स्वामी शनि हैं। इनकी चंद्र राशि कुंभ है। इनका जन्म पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के दूसरे चरण में हुआ है। इन पर वर्तमान में केतु की महादशा व अंतरदशा चल रही है। योगी आदित्यनाथ का लग्न सिंह होने के कारण उन्हें सिंह यानि शेर के समान बताता है। इनकी वाणी में ओज गुण और स्वभाव में उग्रता लग्न के वजह से ही है।

राशि स्वामी शनि

राशि स्वामी शनि होने से योगी को न्यायप्रिय भी बनाते हैं। जिसके चलते उन्हें लोकप्रियता प्राप्त हो रही है। जिसके कारण इन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय किया है।

इनकी कुंडली के मुताबिक कर्मभाव में बुधादित्य योग, राशि स्वामी शनि का सातवां होना ऐसे योग का निर्माण करता है कि सत्ता इनके पास ही रहना चाहती है। शनि ग्रह के परिणाम स्वरूप ही एक समुदाय विशेष के कट्टर नेता के रूप में इनकी छवि बनी है।

मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का सफर कैसा रहेगा

इन पर केतु की महादशा 16 फरवरी 2017 से शुरू हुई है। केतु इनकी कुंडली में लग्न से 12वां है जो इनके जीवन में कठिन चुनौतियां लेकर आएगा परन्तु सफलता के मार्ग भी सुझायेगा।

बृहस्पति पंचम भाव में होने के कारण ये अपनी छवि के विपरीत एक न्यायप्रिय और विवेकशील शासक अनुभूत हो सकते हैं। इनके निर्णयों के आधार पर इनकी छवि और स्थिति ओर भी ठोस होने की संभावना है। ये उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों पर राशि स्वामी के प्रभाव से दंडात्मक कार्रवाही भी करेंगें।

बृहस्पति और चंद्रमा की युति होना भी इनकी प्रसिद्धि का एक कारक है। प्रदेश व देश की राजनीति में इनका कद गुरु व चंद्रमा के योग से ऊंचा होगा ही साथ ही प्रतिद्वंदी भी इनसे प्रभावित होंगे। इनकी कुंडली में मंगल शत्रु को भी इनका मुरीद होने के लिये प्रेरित करता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक योगी आदित्यनाथ की भविष्य की रह आसान तो नहीं है लेकिन भाग्य में बुलंद सितारों के सहयोग से वे संघर्षों में विजय प्राप्त करने की अहमियत रखते हैं।