क्या आप जानते है भांग का प्रयोग नशा लेने के साथ-साथ दमा, गठिया, बुखार आदि को दूर करने में भी किया जाता है। यहाँ जाने  भांग खाने के फायदे।

अक्सर लोग भांग को मस्ती और नशे के लिए उपयोग करते है। लेकिन क्या आप जानते है कि यह नशा करने वाला पौधा कई प्रकार के औषधिय गुणों से भरपूर होता है? भांग के पौधा में कैन्नाबिनॉल  नामक केमिकल पाया जाता है जो कि कफ और पित्त नाशक होता है। शायद आप नहीं जानते होंगे कि भांग के पौधे की मंजरियो से निकले रस से गांजा प्राप्त किया जाता है।

भांग हरे रंग का होता है और इसका स्वाद तीखा और फीका होता है। इसके पत्ते नीम के पत्ते के समान लंबे और कंगूरेदार होते है। भांग गर्म तासीर का होता है। इसका सेवन करने से हमारे शरीर की पाचन शक्ति बढ़ती है, गले की आवाज़ साफ होती है, नींद अधिक आती ही साथ ही यह मनुष्य की सेक्सुअल पावर को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके अलावा यह बलगम, वात और कफ को नष्ट करने में भी हमारी मदद करता है।

इसके अलावा भांग का प्रयोग कई प्रकार के रोगो जैसे दस्त, गठिया, मलेरिया और मासिक धर्म में कष्ट आदि को भी दूर करने में किया जाता है। आइये अब जाने भांग खाने के फायदे

 

भंग खाने के फायदे: इन बीमारियों को दूर करने में है सहायक

Bhang Ke Fayde

पेचिस (डाइसेंट्री)

  • भांग को पहले पीस कर चूर्ण बना ले फिर 124 मिलीग्राम चूर्ण के साथ सौंफ के 4 से 6 बूँद रस को दिन में 2 बार लेने से तेज पेचिस दूर हो जाता है।
  • भांग के 100 मिलीग्राम चूर्ण में 50 मिलीग्राम पोस्ट दाने का चूर्ण मिलाकर सुबह और शाम खाने से दस्त के साथ आंव पड़ना बंद हो जाते है।
  • इसके अलावा सिकी हुई भांग के 125 मिलीग्राम चूर्ण को दिन में  2 बार शहद के साथ लेने से दस्त और पेचिस में राहत मिलती है।

 

कान का दर्द ठीक करे

कान के दर्द को दूर करने में भांग निम्न प्रकार से सहायक होता है।

  • यदि किसी के कान में कीड़ा चला गया है तो भांग के 8 से 10 बूँद रस को कान में डालने से कीड़ा मार जाता है और पीड़ा दूर हो जाती है।
  • कान के दर्द को दूर करने के लिए भांग को पीसकर मीठे तेल में अच्छी तरह से पका ले और इसे छानकर कान में डाले। ऐसा करने से कान के किसी भी प्रकार के दर्द को दूर किया जा सकता है।
  • भांग के पत्तो के रस को रुई की सहायता से भिगोय और कान में  भांग की कुछ बूंदे डालने से दर्द से निजाद मिलती है।

 

दमा में फायदेमंद

  • दमा को दूर करने के लिए 125 मिलीग्राम सिकी हुई भांग को 2 मिलीग्राम कालीमिर्च और 2 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर खाने से दमा रोग में आराम मिलता है।
  • भांग  का धुँआ पीने से दमा रोग मेंलाभ मिलता है।
  • इसके अलावा भांग को पहले घी में भुन ले फिर इसे कालीमिर्च और मिश्री के साथ मिलाकर पीस ले। इस प्रकार बने चूर्ण को रोजाना खाने से दमा और धनुस्तंभ रोग दूर हो जाता है।

 

जाने भांग के अन्य स्वास्थ्य लाभ

  1. भांग के बीज के तेल की मालिश करने से गठिया रोग ठीक हो जाता है।
  2. भांग के पत्तो को बारीक पीसकर सूंघने से मस्तक की पीड़ा दूर हो जाती है।
  3. खाँसी को दूर करने के लिए भांग से बने गांजे का सेवन करने से खाँसी और दमा जैसे रोगो में आराम मिलता है।
  4. मिर्च का चूर्ण और भांग को बराबर मात्रा में मिलाकर गुड के साथ आधा ग्राम ले। इससे पेट के दर्द में आराम मिलता है।
  5. भांग और ककड़ी की मगज को पानी में पीसकर और छानकर ठंडाई की तरह रोगी को पिलाने से पेशाब में जलन को मिटाया जा सकता है।
  6. यदि किसी को नींद न आने की बीमारी है तो भांग के तेल को पैरो के तलवे पर लगाकर मालिश करे और अच्छी नींद ले।
  7. भंग के पत्ते के चूर्ण को घाव और जख्म पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते है।
  8. 25 ग्राम पीसी हुई भांग को दूध या पानी के साथ सुबह और शाम लेने से नींद दूर होती है और सिर का दर्द भी खत्म हो जाता है।
  9. महिलाओ का वीर्यपात अधिक देर तक ना होने देने के लिए भांग बहुत ही उपयोगी होता है। यह वीर्य को सुखाता है और नशा लाने का काम भी करता है।
  10. बुखार को दूर करने के लिए भांग को गुड के साथ मिलाकर गोलिया बना ले। फिर सर्दी का बुखार दूर करने के लिए 1 से 2 गोलिया देने से बुखार ठीक हो जाता है।

 

यहाँ आपने जाने भांग खाने के फायदे। यदि आप भी किसी तरह की शारीरिक परेशानियो से ग्रसित है तो भांग का सेवन करे और रहे बीमारियो से दूर।