BPH Symptoms: बार बार पेशाब आये तो हो जाए सावधान, कारवाना पड़ सकता है BPH Treatment

आजकल गलत खानपान और गलत जीवन शैली के चलते कई प्रकार की बीमारियों ने हमारे शरीर में जगह बना ली है। बच्चे, बूढ़े, स्त्री, पुरुष हर किसी में कोई न कोई समस्या आये दिन होती रहती है जो की कई खतरनाक बिमारियों का भी रूप ले लेती है।

अगर सिर्फ पुरुषों की बात करें तो पुरुषों में भी कई प्रकार की बीमारियाँ होती है जिसमे से एक है बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरप्लेसिया ग्रंथि के बढ़ जाने की समस्या। इसे शार्ट में BPH भी कहा जाता है। इसके बारे में बहुत ही कम लोगो को जानकारी होती है क्योंकि यह समस्या अधिक उम्र में शुरू होती है।

पुरुषों को BPH के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक हो जाता है ताकि वह इस समस्या के बारे में अच्छे से जान पाए और सही समय पर इस समस्या का उचित उपचार भी करवा पाएं। जिससे ये समस्या उनमें बहुत ज्यादा परेशानी पैदा ना कर पाए और जल्दी ठीक हो जाए।

आज के इस लेख में आइये जानते है इसी BPH की समस्या के बारे में विस्तार और इसके लक्षणों के बारे में ताकि आप लक्षणों से इसके बारे में सही पहचान कर सके। आइये जानते हैं BPH Symptoms और BPH Treatment के बारे में विस्तार से।

BPH Symptoms and BPH Treatment: जाने इसके लक्षण, कारण और उपचार

BPH Symptoms

BPH (Benign Prostatic Hyperplasia)

  • BPH का विस्तृत नाम बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरप्लेसिया है। जो दरअसल पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट ग्रंथि (ग्लैंड) के बढ़ जाने की वजह से होता है।
  • BPH की समस्या आमतौर पर पुरुषों में 50 वर्ष की उम्र के बाद होती है।
  • यह समस्या सर्दियों के मौसम में ज्यादा देखने को मिलती है।
  • जैसे जैसे उम्र बढ़ती है पुरुषों की इस ग्रंथि का आकर भी बढ़ता है और इस ग्रंथि के बढ़ने से मूत्र मार्ग में कई समस्याएं आने लगती है। इसके कारण कई बार कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है।

Prostate Cancer Symptoms

नींद पूरी ना होने की समस्या

  • प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि होने के कारण रोगी को रात के समय ज्यादा पेशाब जाना पड़ता है। जिसके कारण वह ठीक से सो नहीं पाता है।
  • अच्छी नींद ना आने से अन्य समस्याएं भी उत्पन्न होने लग जाती है।

हर समय पेशाब के लिए जाना

  • इस प्रकार कि समस्या होने पर रोगी को रात के समय पेशाब के लिए तो जाना ही पड़ता है साथ ही दिन के समय में भी बार बार बाथरूम जाने की आवश्यकता होती है जिसके कारण वह परेशान रहता है।
  • बार बार बाथरूम जाने के कारण वह दूसरे कामों को भी ठीक ढंग से नहीं कर पाता है।

पेशाब करने में परेशानी आना

  • इस प्रकार की समस्या में रोगी को बार बार पेशाब तो आती ही है साथ ही उसे पेशाब करते समय भी परेशानी भी होती है।
  • पेशाब करते समय यूरिन जल्दी नहीं निकलता है साथ ही यूरिन करने में समय भी लगता है।
  • पेशाब की धार भी पतली होने लगती है।

एक बार में पूरी तरह से पेशाब का ना होना

  • रोगी को इस समस्या में एक बार में पूरी तरह से पेशाब नहीं हो पाती है।
  • यह रुक रुक कर होती है साथ ही पेशाब की धार भी पतली होती है जिसके कारण यह सही ढंग से नहीं हो पाती है।

पेशाब करते समय दर्द का होना

  • इसमें पेशाब करते समय दर्द की भी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • पेशाब के रुक जाने की वजह से पौरुष ग्रंथि मे दर्द होने लग जाता है।

इसके अन्य लक्षण

  • यदि कोई व्यक्ति इस समस्या से ग्रसित है तो उसे किडनी की समस्या भी हो सकती है क्योंकि पेशाब के एक जगह पर रुक जाने से किडनी प्रभावित होती है और वह पेशाब का निर्माण करने में सक्षम नहीं हो पाती है।
  • मूत्रत्याग करने की बार-बार इच्छा होना और तुरंत आवश्यकता लगना
  • मूत्राशय पूरी तरह खाली ना हो पाना
  • पेशाब करते समय पेशाब में रक्त का आना

उपरोक्त Signs of Prostate Cancer के दिखने पर तुरंत ही अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करे

कारण

  • पुरुषों में प्रोस्टेट का आकर सामान्य से अधिक होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है।
  • यह भी देखा गया है की प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्या सर्दियों के मौसम में अधिक होती है क्योंकि सर्दियों में लोग कम पानी पीते है। जिसके कारण पेशाब की थैली में पेशाब इकट्ठा हो जाती है। ऐसा होने से संक्रमण की समस्या उत्पन्न होती है जो की पेशाब को रोक देती है।

बीपीएच के जाँच के तरीके

बीपीएच का पता लगाने के लिए कुछ परिक्षण किये जाते है जैसे –

  • डॉक्टर आपके मूत्र लक्षणों के बारे में पता करता है।
  • मूत्र प्रवाह परिक्षण के द्वारा –
  • इसके लिए एक विशेष प्रकार के उपकरण में पेशाब को रखा जाता है उसके बाद उसमे पेशाब के प्रवाह के बारे में जानकारी मिलती है। यदि पेशाब का प्रवाह कम है तो यह BPH का संकेत होती है।
  • प्रोस्टेट ग्रंथि परीक्षा के द्वारा – इस टेस्ट में डॉक्टर आपके प्रोस्टेट ग्रंथि की साइज का परीक्षण करता है साथ ही अन्य जानकारी भी प्राप्त करने की कोशिश करता है।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रोस्टेट लक्षण स्कोर (IPSS) के द्वारा – इस प्रकार के टेस्ट में कुछ प्रश्न पूछे जाते है जो की लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करते है।

उपचार

प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्या को दूर करने के लिए कई तरह के विकल्प उपलब्ध है जैसे की दवाएं, थेरपी और मेडिकेशन आदि।

  • डॉक्टर आपके उम्र, प्रोस्टेट ग्रंथि के आकर और लक्षणों के आधार पर भी आपका उपचार शुरू करता है।
  • डॉक्टर्स इसके लिए सबसे पहले अल्फा ब्लॉकर्स नमक दवा देता है। ये दवा राहत दिलाने में मदद करती है इसके बाद 5-अल्फ़ा रिडक्टेस इन्हीबीटर् नमक दवा दी जाती है जो की पेशाब के प्रवाह में सुधार करती है।
  • डॉक्टर आवश्यकतानुसार आपको दोनों दवाओं को एक साथ भी दे सकते है।

सर्जरी के द्वारा

  • पेशाब के रास्ते में सर्जरी के द्वारा भी इसका उपचार किया जाता है।

बीपीएच के लिए परहेज करे

  • शराब का सेवन ना करे
  • वसा युक्त आहार का सेवन ना करे
  • चाय और कॉफ़ी जितना हो सके कम पिए

इन आहारों का सेवन करे

  • टमाटर को अपने आहार में शामिल करे
  • एवोकेडो का सेवन करे
  • अपने खाने में पौष्टिक सब्ज़ियाँ खाये
  • नियमित रूप से दूध पीये
  • सोया, मछली, पनीर, चिकन आदि का भी सेवन किया जा सकता है यह भी प्रोस्टेट ग्रथि की वृद्धि को कम करने में सहायक होते है।

नोट – शाम के समय में तरल पेय पदार्थो की मात्रा भी कम कर दे।ऐसा करने से रात में पेशाब के लिए बार बार जाना कम हो सकता है। नियमित रूप से पौष्टिक आहार के साथ साथ योग और व्यायाम करे इससे सेहत अच्छी बनी रहती है।

आज के लेख में आपने बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरप्लेसिया ग्रंथि के बढ़ जाने की समस्या के बारे में विस्तार से जाना। पुरुषों में होने वाली इस समस्या का इलाज शुरूआती स्तर पर ही करवाने से यह ज्यादा खतरा पैदा नहीं करता है इसलिए इसका ध्यान ज़रुर रखें।


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