मधुमेह एक जानलेवा बीमारी है, जिसकी संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है| मधुमेह की समस्या पूरे शरीर को बुरी तरह से खा जाती है, इसके चलते आपको अपने खाने पिने पर तो पर तो कण्ट्रोल करना ही होता है| साथ ही साथ यह कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को भी न्योता देती है|

पहले तो यह बीमारी केवल बढ़ो में देखने को मिलती थी लेकिन आजकल बच्‍चे भी इस बीमारी का शिकार होते नजर आ रहे हैं। यदि आपके बच्‍चे को बार बार प्‍यास लग रही है, भूख बढ जाती है| या फिर बार-बार पेशाब आ रही है तो इसे सामान्य ना समझे|

मधुमेह से बच्चो की आँखों पर भी असर पढता है| और आंकड़ों के अनुसार मधुमेह से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा होते जा रहा है| शोधो के द्वारा इसके पीछे की वजहों का पता गया है| आइये जानते है Diabetes in Children, बच्चों में यह बीमारी क्यों हो रही है और इसके लक्षण क्या है?

Diabetes in Children: बच्चों में मधुमेह के लक्षण और कारण

Diabetes in Children

बच्चो में मधुमेह की वजह

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हर दिन दो तिहाई से भी ज्यादा लोग फलों और हरी सब्जियों का खाने में कम इस्तेमाल करते है, जिससे उन्हें डायबिटीज टाइप 2 होने की संभावना बढ़ जाती है|
  • एक चैरिटी द्वारा भी सर्वे किया गया था, जिसमे सामने आया कि 66 प्रतिशत अडल्ट हर दिन केवल तीन या उससे कम मात्रा में फल और सब्जियां खाते हैं| और आधे लोग तो सप्ताह में तीन दिन भी फल नहीं खाते है|
  • आपको जानकर आश्चर्य होगा लेकिन ब्रिटेन में करीब6 करोड़ लोग डायबिटीज का शिकार हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत लोगों को टाइप 2 डायबिटीज हैं|
  • चैरिटी के अनुसार अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर, डायबिटीज के पांच मामलों में से तीन से बचा जा सकता है|
  • इसके अलावा 10 या 11 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चें मोटापे का शिकार हो रहे है जिससे उन्हें डायबिटीज जैसी बीमारिया हो रही है|

डायबिटीज यूके की प्रमुख हेलीन डिकेंस, का कहना है कि : “हर कोई जानता है कि उन्हें पांच दिन फल और सब्जियां खाना चाहिए लेकिन फिर भी यह सर्वेक्षण बताता है कि यह संदेश लोगों तक ठीक तरह से नहीं पहुंच रहा है”

Diabetes Symptoms: बच्चों में मधुमेह के लक्षण

थका थका लगना

  • मधुमेह से पीडित बढे ही नहीं बल्कि बच्चे भी थका थका फील करते है|
  • जब बच्‍चों में इंसुलिन नहीं रहता है तो उनमें ऊर्जा समाप्त हो जाती है|

प्यास लगना

  • मधुमेह में जब इन्सुलिन ठीक से काम नहीं करता है, तो बच्‍चों में शुगर लेवल बढ जाती है|
  • इससे उन्हें बार बार बहुत प्यास लगती है|

वजन कम होना

  • बड़े लोगो के अधिकतर केसेस में मधुमेह के चलते वजन बढ़ने लगता है|
  • लेकिन मधुमेह से पीडित छोटे बच्चो में वजन कम होने लगता है|
  • चाहे वो कितना ही क्यों न खा लें, उनके बदन पर बिल्‍कुल भी वजन नहीं चढेगा।

इससे बचने के लिए बच्चो को बाहर के डब्बे बंद पदार्थ आहार खाने के बजाय घर पर सब्जी रोटी खाने को दे| साथ ही उन्हें बाहर खेले जाने वाले खेलकूद में शामिल होने को कहे|