Neuroendocrine Tumor in Hindi: जानिए क्या है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर

न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर एक रेयर बीमारी है जो काफी कम लोगो को होती है अगर देखा जाये तो यह बीमारी 1 लाख लोगो में से सिर्फ 5 लोगो को ही होती है इसलिए लोगो को इस बीमारी के बारे में कुछ ज्यादा पता नहीं होता है।

अभी हाल ही में 5 मार्च को बॉलीवुड एक्टर इरफ़ान खान ने अपनी इस बीमारी का खुलासा अपने ट्विटर पर किया है। उन्होंने ने बताया कि उन्हें न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर है। वैसे तो यह बीमारी लाइलाज नहीं है अगर सही समय पर इसका इलाज शुरू हो जाए तो, लेकिन अगर आपको इस बीमारी के बारे में देर से पता चले तो यह जानलेवा भी हो सकती है।

न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर ऐसी बीमारी है जो बॉडी के उस हिस्से में होती जहां से हॉर्मोन्स रिलीज़ होते है, इसमें सेल्स ट्यूमर में कन्वर्ट हो जाते है। न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर बॉडी में इंडोक्राइन ग्लैंड से स्टार्ट होता है ।

यह एक ऐसी बीमारी है जिसे शुरुआत में समझ पाना मुश्किल है। अगर आप इस बीमारी से सम्बंधित जानकारी चाहते है तो यहाँ पढ़े Neuroendocrine Tumor in Hindi.

Neuroendocrine Tumor in Hindi: जाने न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर के प्रकार और लक्षण

Neuroendocrine Tumor in Hindi

क्या है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर?

  • न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर एक ऐसी बीमारी है जो कि काफी कम लोगो में देखने को मिलती है।
  • न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर हॉर्मोन रिलीज़ करने वाले हिस्से में होता है।
  • बॉडी में हॉर्मोन रिलीज़ करने वाला हिस्सा न्यूरो एंडोक्राइन सिस्टम होता है।
  • यह ट्यूमर न्यूरो एंडोक्राइन सिस्टम में हॉर्मोन पता करने वाले सेल्स में होता है।
  • न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर सेल्स को ट्यूमर में बदलता है।
  • वैसे तो एंडोक्राइन सेल्स और नर्व सेल्स दोनों की हॉर्मोन रिलीज़ करते है।
  • जो एंडोक्राइन सेल्स होते है वो पेट, आंत, फेफड़े और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के हिस्सों में पाए जाते है।

न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर के प्रकार

गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल न्यूरोजएंडोक्राइन ट्यूमर

  • यह बॉडी में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के किसी भी पार्ट में हो सकता है। यह ज्यादातर बड़ी आंत और अपेंडिक्स में होता है।

लंग न्यूरोजएंडोक्राइन ट्यूमर

  • यह ट्यूमर तो आप नाम से ही समझ गए होंगे कि यह लंग्स में होता है। इस ट्यूमर में खांसी होती है और खांसी के साथ साथ ब्लड भी आता है। इसके अलावा साँस लेने में दिक्कत जैसी समस्या भी होती है।

पेंक्रियाटिक न्यूरोजएंडोक्राइन ट्यूमर

  • यह ट्यूमर भी नाम से ही समझ आ रहा है कि यह पैंक्रियाज में होने वाला ट्यूमर होता है। यह ट्यूमर हॉर्मोन्स से जुड़ा होता है इसलिए इसमें डिबेट्स की समस्या ज्यादा होती है और आपकी बॉडी में शुगर लेवल भी इफ़ेक्ट होता है।

न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर होने के कारण

डायरिया

  • वैसे डॉक्टर्स का कहना है कि एंडोक्राइन ट्यूमर लगातार पिछले कुछ सालो में बढ़ रहा है।
  • पिछले कुछ सालो में इसके बढ़ने का मुख्य कारण डायरिया बताया गया है।
  • अगर किसी को एक दिन में 20 से 25 बार दस्त होते है तो उन्हें इसकी जांच करवाना चाहिए।

हेरिडिटी

  • वैसे तो हेरिडिटी की वजह से हमे कई प्रकार की बीमारियों विरासत में मिलती है।
  • वैसे ही न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर की समस्या भी हमे जिन से मिलती है।
  • अगर माँ या पिता में से किसी को न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर की यह बीमारी है तो बच्चे को भी यह बीमारी होने का खतरा होता है।
  • बच्चे में इस बीमारी को पता लगाने के लिए आपको जेनेटिक टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।
  • अगर इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है मतलब की बच्चे में यह समस्या पायी जाती है तो बच्चे की सर्जरी कर थाइराइड ग्लैंड निकाल देनी चाहिए।
  • इससे बच्चे को न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर की समस्या नहीं होगी।

हर आयु में अलग एफेक्ट

  • न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर का कार्सिनोइड ट्यूमर (Carcinoid tumors) आपको अक्सर 50 से 60 की ऐज वाले लोगो में देखने को मिलता है।
  • न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर में फीयोक्रोमोसाइटोमा (Pheochromocytoma) अक्सर 40 से 60 की ऐज के लोगो को होता है।
  • न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर में मेर्केल सेल कैंसर (Merkel cell cancer) तब होता हो जब आप 70 की ऐज के हो जाते हो या उससे अधिक के।

न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर होने के लक्षण

  • बॉडी में ब्लड प्रेशर का बढ़ जाना या फिर हमेशा ब्लड प्रेशर का लेवल बढ़े रहना।
  • हमेशा बॉडी में थकान रहना और साथ ही कमजोरी महसूस होना।
  • हमेशा पेट में दर्द का बने रहना।
  • लगातार वजन में गिरावट होना।
  • पेरो के तखनो में हमेशा दर्द रहना और सूजन होना।
  • चेहरे पर और त्वचा पर धब्बे आना।
  • कभी भी बेहोश होना या फिर बेहोशी छाना।
  • बॉडी में ज्यादा पसीने का आना।
  • बॉडी में ग्लूकोज का लेवल एकदम से काम होना या ज्यादा होना।

स्टीव जॉब्स भी थे इसके रोगी

  • अमेरिकी एमऐनसी एप्पल के पूर्व फाउंडर स्टीव जॉब्स की मुत्यु का कारण भी यही पेंक्रियाटिक न्यूरोजएंडोक्राइन ट्यूमर था।
  • इस बीमारी से वो ग्रसित थे यह बात उन्होंने 2009 में एक ओपन लेटर में बताई थी।

एक्टर इरफ़ान खान भी है इससे ग्रसित

  • बॉलीवुड एक्टर इरफ़ान खान भी न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर से ग्रसित है।
  • उन्होंने यह बात 5 मार्च को ट्वीट कर सार्वजानिक की।
  • पहले उन्होंने अपने ट्वीट में मार्गेरेट मिशेल के विचार लिखे थे।
  • उसके बाद उन्होंने लिखा कि ज़िन्दगी में अचानक सामने आने वाली चीज़ हमे ज़िन्दगी से आगे बढ़ती है।
  • मुझे न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर की बीमारी है, और इसे एक्सेप्ट करना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल है लेकिन आपके प्यार से और इच्छाशक्ति से मुझे उम्मीद है।
  • आप सभी मेरे लिए दुआ कीजिये और न्यूरो वर्ड सिर्फ दिमाग से सम्बन्धित समस्याओं में इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
  • रिसर्च के लिए आप गूगल का इस्तेमाल कर सकते है।
  • जिन लोगो ने मेरे लिखने का वेट किया है उन लोगो के लिए मै जरूर लौटूंगा, कई सारी कहानियाँ लेकर।

यहाँ हमने आपको बताया कि न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर की बीमारी क्या होती है? यह कितने प्रकार की होती है और इसके लक्षणों को पहचान कर हम कैसे समय रहते इसका इलाज करवा सकते है।


You may also like...