क्या आपको दूध पिने के बाद जी मचलाना या उलटी आने की समस्या होने लगती है| या फिर आप पेट की समस्याओं से ग्रसित हो जाते है? यदि ऐसा है तो हो सकता है की आप लैक्टोज असहिष्णुता से पीड़ित हैं।

दूध के उत्पादों में पाया जाने वाला लैक्टोज, एक प्राकृतिक शुगर है। जो की दही, पनीर, आइसक्रीम आदि में होता है। और जब कोई व्यक्ति दूध का सेवन करता है और उसे दूध हजम नहीं हो पाता है तो उसे लैक्टोज असहिष्णुता की समस्या कहते है।

यह समस्या पेट में होती है। जिसके कारण पेट में दर्द, गैस, पेट का फूलना और सूजन जैसी समस्या होने की सम्भावना रहती है। जिसके फलस्वरूप उल्टी-दस्त, खाना न पचने जैसी दिक्कते होने लगती हैं।

ज्यादातर यह समस्या छोटे बच्चों में देखने को मिलती है। घबराइए मत लैक्टोज असहिष्णुता को प्राकृतिक उपचार से कम कर सकते है। जानते है Lactose Intolerance क्या है और उसके घरेलू उपचार|

Lactose Intolerance: लैक्टोज असहिष्णुता क्या है और उसका उपचार

Lactose Intolerance in Hindi

What is Lactose Intolerance: लैक्टोज असहिष्णुता क्या है?

हमारी छोटी आंत लैक्टस एंजाइम पैदा करती है यह लैक्टोज को तोड़ने में मदद करता है ताकि आप जिस भी डेयरी उत्पाद या दूध का सेवन कर रहे है उसे हजम कर सके|

रक्त दो प्रकार की चीनी को अवशोषित करता है, ग्लूकोज और गैलेक्टोज। यह दोनों लैक्टेस एंजाइम द्वारा लैक्टोज को तोड़ने के बाद मिलते है|

ऐसा न होने पर शरीर लैक्टोज ग्रहण नहीं कर पाता। इसलिए शरीर में लेक्टेस की कमी होने पर लैक्टोज अहिष्णुता की समस्या होती है। लैक्टोज अहिष्णुता की समस्या तीन प्रकार की होती है, कॉग्निशियल, सेकेंडरी और डेवलपमेंटल। आप चिकित्सक की सहायता से पता कर सकते है की आपको लैक्टोज असहिष्णुता है या नहीं?

Home Remedies for Lactose Intolerance: इससे राहत पाने के उपाय

घर के बने उत्पादों का ही उपयोग करे

  • लैक्टोज असहिष्णुता से पीड़ित लोगो को डेयरी उत्पादों का उपयोग कम करना चाहिए।
  • आप चाहे तो दही का उपयोग खाने में कर सकते है। क्योंकि यह आसानी से पच सकता है।
  • अगर दही घर का बना हो तो ज्यादा अच्छा होता है क्यूंकि इसमें लेक्टोस कम मात्रा में पाया जाता है।
  • इसके अलावा यदि आप दूध पीना चाहते है तो टोंड मिल्क पिने के बजाय फुल क्रीम दूध का सेवन कर सकते है। क्यूंकि यह भी आसानी से पच जाता है।
  • इसके अतिरिक्त पनीर का सेवन कर सकते क्योंकि इसमें भी लैक्टोज कम मात्रा में होता है।

कैल्शियम के सप्लीमेंट का उपयोग

  • लैक्टोज असहिष्णुता लम्बे समय तक होने से शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है।
  • यह समस्या ओस्टियोपोरोसिस में परिवर्तित हो जाती है।
  • इन समस्याओं से बचने के लिए कैल्शियम के सप्लीमेंट्स लेना आवश्यक होता है।

करे सोया उत्पादों का सेवन

  • सोयाबीन द्वारा निर्मित खाद्य पदार्थों में लैक्टोज नहीं पाया जाता है।
  • इसलिए इससे निर्मित खाद्य पदार्थ उन लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक होते हैं जो लैक्टोज एन्जाइम की कमी के कारण दूध या दूध से बने खाद्य पदार्थ नहीं खा पाते।

आहार के नियमों का पालन

  • जिन लोगो को दूध की एलर्जी की समस्या होती है उन्हें आहार के नियमों का दृढ़ता से पालन करना चाहिए।
  • जैसे की दूध और इससे बने उत्पादों से भी परहेज करना चाहिए।

अन्य स्रोतों को आहार में सम्मिलित करे

  • लैक्टोज असहिष्णुता से पीड़ित लोगों में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी आमतौर पर देखने को मिल जाती है।
  • इस कारण दूध के अलावा सभी पोषक तत्वों को अन्य स्त्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है|
  • जैसे की मीट, मेवा, हरी सब्जियां और बाजरा, इसमें कैल्शियम और विटामिन बी की भरपूर मात्रा पायी जाती है।