बस अब जुलाई का महीना खत्म होते ही, एक के बाद एक कई त्यौहार आने लगेंगे| और जहा त्यौहार शुरू वहा लोगो का फ़ास्ट फ़ूड और स्वीट खाना शुरू हो जाता है| इन दिनों पकौड़े, जलेबी, फ्राइड फूड्स व मिठाइयों की बिक्री बहुत ज्यादा होती है|

आपको यह बहुत स्वादिष्ट लगते है लेकिन क्या आप जानते है इन सब Trans Fat Foods को खाने से आप अनहेल्थी ट्रांसफैट ले रहे है जो कई बीमारियों का कारण है| यह सोचकर लोग घर पर ही यह सब चीज़े पकाने लगते है| लेकिन इसके बावजूद भी वे बीमार पढ़ जाते है|

दरहसल शरीर में ट्रांस फैट मुख्य तौर पर खाने के तेलों के जरिये पहुंचता है| और इस बात से कोई फर्क नहीं पढता की आप कौनसा तेल इस्तेमाल करते है|जब तेल को गर्म किया जाता है उसमें अपने आप ट्रांस फैट उत्पन्न होता है।

बाजार में जो ब्रांड हैं ऐसा दावा करते हैं कि उनके तेल में ट्रांस फैट नहीं है, लेकिन यह बात तब तक सही है जब तक तेल को गर्म न किया जाए| जब तेल को गर्म करते है और जितने बार गर्म करते है उसमें ट्रांस फैट की मात्रा उतनी ही बढ़ती जाती है|

Trans Fat Foods: बाहर मिलने वाले ही नहीं घर के खाने में भी ट्रांसफैट

Trans Fat Foods

क्या कहता है अध्ययन?

  • अध्ययन में बाजार में मिलने वाले कई तेल ब्रांडों को लेकर प्रयोगशाला में अध्ययन किया गया|
  • इसमें देखा गया की बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों जैसे की समोसा, केक-पेस्ट्रीज व अन्य फास्ट फूड में बड़ी मात्रा में ट्रांस फैट मौजूद था|
  • और आश्चर्य की बात यह थी की सिर्फ सडक़ किनारे के ढाबे से लिए गए सैंपल में ही नहीं बल्कि अच्छे रेस्टोरेंट जहा अच्छा तेल इस्तेमाल होता है उनमे भी ट्रांसफैट मौजूद होता है|

जरुरी सलाह: इसलिए घर में कोई भी चीज आप तलते है तो बचे हुए तेल को जितना हो सके दोबारा इस्तेमाल न करें| और यदि ज्यादा तेल बच भी गया हो और आप उसे फेकना नहीं चाहते है तो उसे तलने के बजाय थोड़ा थोड़ा सब्जी में इस्तेमाल करे|

फूड्स जिनमें ट्रांस-फैट अधिक होता है

डोनट्स, पेस्ट्री और केक, फ्रेंच फ्राइज़, चॉकलेट, आलू के चिप्स, फ्राइड स्वीट्स, फ्राइड चिकन, फ्रोज़न मील, रेडी टू ईट मील
आदि

ट्रांसफैट के नुकसान:-

  • हार्ट अटैक की संभावना बढ़ाये
  • मोटापे का कारण बनता है
  • डायबिटीज़ टाइप 1 & 2
  • इम्यून सिस्टम वीक होने लगता है
  • अस्थमा
  • ओबेसिटी
  • दिमागी परेशानी
  • महिलाओं में फर्टिलिटी कम करना