पेठा मिठाई के फायदे – स्वाद और सेहत से है भरपूर

मीठी चीज़े जैसे पेड़े, मिठाई आदि किसे पसंद नही आता? मीठी चीज़े अधिकतर लोगो को भाती है, ख़ासकर बच्चो को। मिष्ठानो की बात की जाए तो पेठा भी बहुत फेमस है।

यदि आप इंडिया में रहते है तो गर्मियो के दीनो में आपको पेठा की दुकान कई जगह देखने को मिलेगी। यह ना केवल खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत को भी इसके कई फायदे है।

आपको बाजार में पेठा दो रंगो में देखने को मिलेगा एक तो सफेद और दूसरा पीला। यह मिष्ठान कई राज्यो में बनाया जाता है। लेकिन आगरा में मिलने वाला पेठा सबसे ज़्यादा मशहूर है। पेठे को बनाने के लिए बथुआ या फिर कोहंडा सब्जी का इस्तेमाल किया जाता है।

पेठे के औषधिया गुणों के कारण आयुर्वेद में भी पेठे को शरीर के लिए बहुत लाभदायक माना गया है। आप शायद नही जानते होंगे लेकिन इसका सेवन दमा रोग, मानसिक रोग, पेशाब के रोग आदि चीज़ो में किया जाता है।

इसके इतने फायदे है इसलिए आज हम आपको Petha Sweet Benefits in Hindi के साथ साथ, इसे बनाने की विधि भी बताएँगे। इसे जानने के बाद आप घर पर ही इसे बनाकर अपने बच्चो को दे सकते है। यह एक ऐसा नाश्ता है जो आपके बच्चो को स्वाद के साथ साथ सेहत के भी फायदे देगा।
 

Petha Sweet Benefits in Hindi: जानिए इसके फायदे और बनाने की विधि

 
Petha Sweet - Petha Mithai
 
पेठे के गुणों के बारे मे जानने से पहले क्यू ना पहले इसके इतिहास के बारे में जान लिया जाए। पेठे की बात करे तो वर्ष 1940 से भी पूर्वा पेठे को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में तैयार किया जाता है। दरहसल इसका उपयोग रक्त विकार, जिगर की बीमारी, अमलवित्ता, आदि के लिए किया करते थे। औषधियो गुणों से भरपूर होने के कारण इसका उल्लेख संस्कृत शब्द के कूशमंड के नाम से अनेक चिकित्सीय विधियो में आता है।

लेकिन 1945 में इसके स्वाद में बदलाव किया गया। और सूखे पेठे के साथ साथ रसीला पेठा भी बनाया गया। इसे अंगूरी पेठा कहा जाने लगा। इसे मिट्टी के हंडी में रखकर बेचा जाता था। इसका स्वास काफ़ी उम्दा होता था। और धीरे धीरे पेठे को कई तरह से बनाने लग गये। आइए जाने इस स्वादिष्ट पेठे से मिलने वाले लाभो के बारे में।
 

मोटापा कम करे

सफेद पेठा मिठाई की बात करे तो यह कद्दू से बनता है। और सफेद कद्दू में 96 प्रतिशत पानी होता है। यह अधिक कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थ होता है। इससे वजन नियंत्रित होता है। इसके अतिरिक्त दुबले लोग भी इससे लाभ प्राप्त कर सकते है।
 

पित्त की समस्या से राहत

कच्चा पेठा पित्त की समस्या को जड़ से ख़तम करता है। वही पके पेठे को खाने के भी कई फायदे है जैसे इसे खाने से मूत्राशय शुद्ध होता है और शरीर के सारे दोष ठीक होते है। लेकिन आधे कच्चे और आधे पके हुए पेठे का इस्तेमाल ना करे, इससे कफ बढ़ता है।
 

मानसिक रोग को दूर करे

जिन लोगो की याददाश्त कमजोर हो उन्हे पेठे का सेवन ज़रूर करना चाहिए। याददाश्त कमजोर हो या फिर किसी तरह की दिमागी बीमारी हो, पेठे का सेवन ऐसे रोगियो के लिए बहुत फायदेमंद है। मानसिक रोगो में फायदा पाने के लिए पेठे के फल का रस भी पीना चाहिए। इसके अतिरिक्त इससे मिर्गी और पागलपन आदि में भी लाभ पहुचाता है|
 

बवासीर से निजाद

पाइल्स के रोगियो के लिए भी पेठा बहुत लाभप्रद है। इसका सेवन करने से बवासीर में रक्त निकलना बंद हो जाता है। यह पेट संबंधित समस्या जैसे की कब्ज आदि में भी फयदेमंद है।
 

आँतो की सूजन ठीक करे

कई बार आँतो में सूजन आने के कारण भी भूख ना लगने की समस्या शुरू हो जाती है। यदि आपको भूख नही लगती है तो सुबह के वक्त दो कप पेठे का रस पिए। इससे आपको खुल के भूख लगने लगेगी और आँतो की सूजन भी ठीक हो जाएगी।
 

शरीर को ठंडक दे

यदि आपके शरीर में बहुत गर्मी है और वो हमेशा गरम रहता है। तो पेठे का सेवन करे। साथ ही पेठा जिस सब्जी से बनता है उसके गूदे तथा पत्तो को पीस कर लेप कर ले।
 

उच्च रक्तचाप नियंत्रित करे

पेठे में पोटैशियम मौजूद होता है। जिससे रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
 

अन्य फायदे इन्हे भी जाने:-

  • पेठे में रेशा पाया जाता है जो की कब्ज जैसी पेट की समस्या आदि को दूर करता है।
  • पेठा खाने से शरीर में लचीलापन और स्फूर्ति आती है।
  • दमा के रोगियो के लिए पेठा बहुत फयदेमंद है। इसे खाने से फेफड़ो को बहुत फायदा मिलता है।
  • नकसीर फूटने की समस्या को दूर करने के लिए भी पेठे का रस पिए या फिर उसका गुदा खाए।

 

पेठा रेसिपी: जानिए इसे बनाने की विधि

 
Petha Recipe in Hindi
 
यहा हम आपको पेठा स्वीट रेसिपी बता रहे है। ताकि आप इसे घर बैठे बना सके। यह मिठाई सभी को बहुत पसंद आएगी।

जानिए इसके लिए ज़रूरी सामग्री:-

  • पेठा फल – 1 किलोग्राम
  • चीनी – 700 ग्राम
  • केवड़ा एसेन्स – 5 ड्रॉप्स

 

विधि:

  • सबसे पहले तो पेठे के फल को छिल ले। फिर इसमे से सारे बीज और स्पंज गूदे को निकाल दे। फिर सख्त गूदे को 1 से 2 इंच के चोकोर या आयताकार तुड़को में काट ले।
  • इसके पश्चात पेठे के टुकड़ो को किचन फोर्क से गोद ले।
  • अब एक बर्तन में पानी डाले और 2 चुटकी फिटकरी डाले।
  • इस बात का ध्यान रखे की पानी उतना हो जिसमे आसानी से पेठे के सारे टुकड़े डूब जाए। पेठे के टुकड़ो को पानी से निकालकर एक बार अच्छे से साफ़ पानी से धो ले।
  • अब पानी को उबाल ले। उबाल आने के बाद इसमे पेठे के टुकड़े डाले और धक दे।
  • 5 मिनिट के लिए उबाले और जैसे ही इन टुकड़ो का रंग हल्का बन जाए तो गैस बंद करदे|
  • फिर इस पानी को छलनी से छान ले और फालतू पानी अलग करदे|
  • इस बात का ध्यान रखे की हमे पेठे के टुकड़ो ज़्यादा नरम नही करना है।
  • अब हमे पेठे में चीनी मिलाना है तो इतना बड़ा बर्तन ले जिसमे आसानी से चीनी डालकर मिलाई जा सके।
  • अब इस बर्तन में सारे पेठे के टुकड़े डालडे और मिलकर आधे घंटे के लिए ऐसे ही धक दे।
  • चीनी को मिलने के बाद पेठे पर थोडा थोडा पानी छोड़े। चीनी होने के कारण वो पानी चासनी की तरह बन जाता है।
  • इसलिए इस डिश में हमे अलग से चासनी बनाने की आव्य्शकता नही होती है।
  • अब पेठे वाले बर्तन को गेस पर रखकर इसे धीमी आँच पर पकाए। जैसे ही चीनी अच्छे से पिघल जाए तो गैस को मध्यम करके इसे पका ले।
  • यदि आप सूखा पेठा बनाना चाहते है तो इसे जब तक पकाए जब तक इसकी चासनी जमने लायक कन्सिस्टेन्सी तक ना आ जाए।
  • इसे पकाते हुए बीच बीच में हिलाए, ताकि चासनी या पेठा जल ना जाए। जब यह एकदम जमने लायक हो जाए तो गॅस बंद कर दे।

 
पेठे को चासनी सहित ऐसे  ही 6-7 घंटे या पूरी रात के लिए रहने दे। इतने समय में चासनी पेठे के टुकड़ो के अंदर तक चली जाएगी। चासनी के बर्तन से निकालकर पेठे को किसी जाली पर रख दे। यदि आपको एकदम सूखा पेठा पसंद हो तो उसे जाली पर ही खुली हवा में या पंखे के नीचे 4-5 घंटे या ज़्यादा समय तक सूखा ले।

यदि आपको केवड़ा एसेन्स पसंद है तो आप इसे भी पेठे पर छिड़क सकते है। स्वादिष्ट पेठा मिठाई तैयार है। इसको सबको खिलाए और खुद भी खाए। बचे हुए पेठे को आप एक कंटेनर में भरकर 1 महीने तक आराम से खा सकते है। पेठा मिठाई पेठे के फल से बनती है वही आगरा का मशहूर पेठा सफेद कद्दू से बनाया जाता है।
 
उपर आपने जाना Petha Sweet Benefits in Hindi और उसको बनाने की विधि के बारे में। तो अब इंतेजर किस बात का जल्दी से बनाइए और पूरे परिवार को खिलाइए।

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