आजकल लोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या बहुत ही आम हो गयी है| रक्तचाप बढ़ने से सिर में तेज दर्द, पैरो में दर्द, अत्यधिक थकान, चक्कर आना आदि लक्षण दिखाई देते है|

इस रोग का कारण हमारी गलत जीवन शैली और खान-पान की आदते है| केवल दवा के माध्यम से इसे ठीक करना संभव नहीं है| इसके लिए आपको अपनी दिनचर्या के साथ साथ खानपान में भी बदलाव लाना पढ़ेगा|

और सबसे महत्वपूर्ण रोगी को अपने आहार में से नमक कम कर देना चाहिए| जब दिल की धमनियों में प्रेशर बढ़ जाता है तब रक्त को ऑर्गन तक पहुंचाने के लिए ज्यादा प्रेशर लगाना होता है|

ऐसा लम्बे समय तक होने से आपके शरीर के अंगो को तो नुकसान पहुँचता ही है साथ ही हार्ट अटैक आने की संभावना भी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है| इसलिए ही इस बीमारी को साइलेंट किलर कहा जाता है| क्या आप जानते है Dates for High Blood Pressure भी फायदेमंद है, आइये इस विषय में विस्तार से जाने|

Dates for High Blood Pressure: रक्तचाप कम करने में सहायक

Dates for High Blood Pressure

  • उच्च रक्तचाप की समस्या से बचने के लिए आपको अपनी दिनचर्या में बहुत ही सादा आहार लेना पढता है|
  • लेकिन खजूर एक ऐसी चीज़ है तो डिलीशियस तो है ही साथ ही बहुत सारे नुट्रिएंट्स से भरपूर है|
  • दिखने में छोटे खजूर को खाने से आपके आपके दिल को बहुत फायदा मिलता है|
  • खजूर में अच्छी मात्रा में विटामिन ए1, बी1, बी2, बी3, बी5, सी, मिनरल, प्रोटीन और पोटैशियम मौजूद होता है।
  • साथ ही यह फाइबर के गुणों से भी भरपूर है और खास बात यह है की यह सोडियम से मुक्त होता है। जिससे रक्तचाप कम करने में मदद मिलती है|
  • खजूर में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है जिससे बेड कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है|

कैसे करे इसका इस्तेमाल

आपको रोज सुबह नाश्ते से पहले खजूर खाना चाहिए| और हां आपको इसे बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं लेना है| एक दिन में तीन काफी है|

रोज तीन खजूर खाने के बाद इसे तुरंत बाद गर्म पानी से पीलें। ऐसा आप लगभग एक महीने तक करे, और आप चाहे तो एक महीने बाद भी इसे नियमित रख सकते है|

लेकिन ध्‍यान रहें कि इस उपाय को अपनाने का मतलब यह नहीं है की आप बस इसी उपचार के भरोसे ही बैठ जाये| आपको अपने खाने पिने का भी ध्यान रखना है और साथ ही व्यायाम को भी नियमित रखना है|

सावधानी

  1. इस उपचार को अपनाते वक्त आपको चिकित्सक द्वारा हाई ब्लड प्रेशर के लिए दी गयी दवाओं को छोड़ना नहीं है|
  2. और जब आपको लगे कि उच्च रक्तचाप के लक्षण आपके अंदर कम होने लगे हैं, फिर आप अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करके अपनी दवाई का डोस कम कर सकते है,
  3. हो सकता है की भविष्य में आपको दवा लेना ही ना पढ़े|