हम अपने ब्लॉग्स में कई बार इस बारे में बात कर चुके है की आजकल की जीवनशैली में बहुत से लोग कमर और पीठ दर्द से परेशान है| अब इन दर्द के चक्कर में कोई भी अपने काम तो नहीं छोड़ सकता है| इसलिए इससे निजात पाने के लिए लोग पेन किलर खाते हैं।

पेन किलर खाने से दर्द बंद हो जाता है और हम आराम महसूस करते है| लेकिन क्या आप जानते है इससे हमारे शरीर को कई साइड इफेक्ट्स होने का खतरा रहता है और कई बार तो सिचुएशन ऐसी हो जाती है की इसे खाने की आदत लगने बाद इसे खाये बिना आराम नहीं मिलता|

अब दर्द की समस्या तो कभी ख़तम नहीं होने वाली तो क्या आप जिंदगी भर दवाई लेते रहेंगे? यदि नहीं तो हम आपको बता दे की योग के अभ्यास से भी कमर दर्द व पीठ दर्द की समस्या से निजात मिलती है|

आज हम ऐसे ही एक आसन के बारे में बता रहे है जिसका नाम है Ardha Matsyendrasana. अर्धमत्स्येन्द्रासन की रचना गोरखनाथ के गुरू स्वामी मत्स्येन्द्रनाथ द्वारा की गयी थी।

Ardha Matsyendrasana Steps and Benefits: अर्धमत्स्येन्द्रासन कैसे करे व फायदे

Ardha Matsyendrasana

अर्धमत्स्येन्द्रासन करने की विधि

  • अर्धमत्स्येन्द्रासन को हाफ लार्ड ऑफ़ दी फिशेस पोज़ भी कहते है|
  • इसे करने के लिए बैठ जाये और पैरों को सामने की ओर से फैला ले
  • अपनी रीढ़ की हड्डी सीधी रखे और और बाएँ पैर को मोड|
  • आपके बाएँ पैर की एड़ी को दाहिने कूल्हे के पास रखें|
  • इसके बाद अपने दाए पैर को उठाकर बाएँ घुटने के सामने रखें।
  • अब चित्र में दिखाए अनुसार बाएँ हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और अपने दाहिना हाथ को पीछे की और रखें।
  • अपने कमर, कन्धा व् गर्दन को दाए और मोड़े और उस और देखे|
  • गहरी साधारण साँस लेते रहें और कुछ देर इसी अवस्था में बने रहे|
  • अब साँस छोड़ते हुए, धीरे धीरे पहले दाए हाथ को ढीला छोड़े, फिर कमर और छाती और सबसे आखिर में गर्दन को।
  • अब आराम से सीधे बैठ जाएँ और कुछ सेकण्ड्स का रेस्ट लेकर दूसरी तरफ से इस प्रक्रिया को दोहराएँ।

अर्धमत्स्येन्द्रासन के लाभ

  1. यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है तथा पीठ दर्द को कम करता है|
  2. इसमें शरीर को जब मोड़ा जाता है तब मांसपेशियों का तनाव कम होता है|
  3. अर्धमत्स्येन्द्रासन को नियमित रूप से करने पर एकाग्रता बढ़ती है|
  4. पाचन शक्ति को सुचारु करने के लिए यह अच्छा आसन है|
  5. यह अग्न्याशय को सक्रिय करता है इसलिए मधुमेह के रोगियों को इसे करना चाहिए|

सावधानी:- यदि आपको जोड़ों या कूल्हों में बहुत ज्यादा दर्द हो तो इस आसन को नहीं करना चाहिए|