Ecchymosis: जानिए इसके लक्षण, कारण और उपचार

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आपने भले ही एकाइमोसिस का नाम नहीं सुना होगा, लेकिन आपने इसे देखा ज़रुर होगा। एकाइमोसिस शब्द से तो आप परिचित नहीं होंगे पर जब आप इस बारे में जानेंगे तो आप पाएंगे की ये तो आपको भी हो चुका है। दरअसल एकाइमोसिस त्वचा की उस अवस्था को कहा जाता है जब त्वचा का रंग नीला पड़ जाता है।

इस तरह की स्थिति आमतौर पर तब देखने को मिलती है जब आपको शरीर के किसी भी हिस्से में चोट लग जाती है और खून त्वचा के नीचे जम सा जाता है। आमतौर पर देखा जाता है की यदि यह कोई छोटी मोटी चोट होती है तो यह अपने आप ठीक भी हो जाती है।

इस दौरान अगर चोट लगे शरीर के अंग फिर बने नीले रंग के हिस्से पर दोबारा से चोट लग जाती है तब इससे बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है। इससे आपके शरीर में खून की कमी या किसी तरह का कोई संक्रमण भी हो सकता है।

जब आपको चोट लगती है तो ताज़ी ताज़ी चोट के समय आपकी त्वचा का रंग लाल होता है और जैसे जैसे यह चोट हील होने लगता है तब त्वचा का रंग नीला होने लग जाता है और फिर धीरे धीरे इसका रंग बदलकर हरा और फिर नए त्वचा के रंग का हो जाता है। हो सकता है इस दौरान आपको दर्द भी हो। त्वचा का नीला पड़ना अन्य कारणों से भी होता है। आइये Ecchymosis के बारे में हम विस्तार से जानते है।

Ecchymosis: शरीर की त्वचा आखिर क्यों पड़ जाती है नीली

Ecchymosis

एकाइमोसिस के लक्षण

वैसे तो एकाइमोसिस के कुछ खास लक्षण नहीं होते है। नीचे बताये गए कुछ सामान्य लक्षण है जो इसके हो जाने पर दिखाई देते है।

  • त्वचा का लाल या नीला पड़ जाना, खासकर त्वचा के 1 इंच के डायमीटर तक।
  • आपको इसमें दर्द हो भी सकता है और ना भी हो। वैसे तो सामान्यतः इसमें लगी हुई जगह पर थोड़ा बहुत दर्द होता है।
  • इस दौरान धब्बे के चारों तरफ सूजन या फिर लालिमा आ जाती है।
  • वही कुछ लोगो को इस समस्या के दौरान जलन भी होने लग जाती है और यह इस बात पर निर्भर करता है की इसके चलते कितने टिश्यू डैमेज हुए है।

एकाइमोसिस के कारण

एकाइमोसिस की समस्या किसी एक कारण से नहीं होती है इसके होने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं। आइये जानते हैं इन सभी हालातों को जिसमे त्वचा के नीचे खून जम सकता है और एकाइमोसिस हो सकती है।

चोट लग जाने पर

  • एकाइमोसिस होने की सबसे आम वजह होती है चोट लग जाने के कारण।
  • यह चोट गिरने से, किसी से हाथापाई के दौरान या फिसलने आदि किसी भी तरह लग सकती है।
  • ऐसा होने पर चोट वाली जगह पर खून जम जाता है और फिर वो नीले रंग का हो जाता है।

ल्युकेमिआ

  • सफेद रक्त कोशिकाओं के अत्यधिक उत्पादन के कारण ल्यूकेमिया होता है।
  • यह हालत मानव शरीर की त्वचा को चोटों के प्रति बहुत फेवरेबल बना देती है।
  • इसका अर्थ यह है कि इस दौरान ल्यूकेमिया पीड़ित को चोट बहुत हीं आसानी से लग सकता है और इससे एकाइमोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

लिवर जनित समस्याएं

  • चूंकि यकृत एक महत्वपूर्ण अंग है जो शरीर में रक्त के परिसंचरण, भंडारण और फ़िल्टरिंग पर नज़र रखता है।
  • आपका यकृत एकाइमोसिस स्पॉट का कारण बन सकता है अगर यह प्रभावित होता है या उचित तरीके से काम नहीं करता है तो इसके कारण रक्त परिसंचरण, फ़िल्टरिंग और वितरण में विकार हो सकता है।
  • इसके कारण भी एकाइमोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

बुलीमिया

  • बुलीमिया की समस्या में बहुत ज्यादा उल्टी होने लगती है ।
  • इस दौरान यदि आप उल्टी को जानबूझ कर अपने मुंह में अपना हाथ डाल कर निकालते हैं तब आपके अपने नाखूनों की चोट से एक्सीमोसिस होने का खतरा हो जाता है।
  • जब आप अपना हाथ अपने मुंह में डालते हैं तो आपकी उंगलियां स्वचालित रूप से आपके गले के पीछे छूने लग जाती हैं ।
  • लंबे समय तक ऐसा करने से आप Ecchymosis Causes को विकसित कर देते हैं।

विटामिन की कमी

  • विटामिन की कमी एक और कारक है जो एक्सीमोसिस का कारण बनता है, यह ज्यादातर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है।
  • बच्चे आमतौर पर बाजार का खाना ज्यादा चाव से खाते हैं जो सेहत की दृष्टि से अच्छा नहीं होता है। ऐसे में उनमे विटामिन की कमी हो जाती है।
  • यह इन वयस्कों के साथ भी होता है जो डाइट पर रहा करते है और कभी-कभी थोड़ा बहुत भोजन करते हैं।
  • डाइट पर जाने का मतलब यह नहीं होता कि आप अपने आप को उस भोजन से हीं वंचित कर दें जिसमें उच्च स्तर के विटामिन होते हैं।
  • यदि आप नहीं जानते कि आपका शरीर इस तरह के डाइट प्लान पर कैसे प्रतिक्रिया करेगा तो इसके बारे में विशेषज्ञ से परामर्श लें।

इसके अलावा भी बहुत सारे कारण हो सकते है एकाइमोसिस होने के जैसे आपके शरीर को किसी प्रकार की एलर्जी हो जाने के चलते, प्लीहा या गुर्दे में खराबी होने पर, खून में प्लेटलेट की कमी हो जाने पर, कुछ दवाइयों की वजह से (जो खून के जमाव को रोक देती है, स्व-प्रतिरक्षित रोग के कारण आदि।

एकाइमोसिस का पता कैसे लगाया जाता है

इसमें डॉक्टर आपने निम्न जानकारी पूछते है

  • जैसे क्या पहले आपको कोई बीमारी हुई है
  • क्या आप किसी तरह की दवाई ले रहे है
  • क्या आपको कभी कोई चोट लगी है
  • क्या आपका कभी कोई ऑपरेशन हुआ है

एकाइमोसिस का उपचार (Ecchymosis Treatment)

  • एकाइमोसिस होने पर आपको आराम करने की सलाह दी जाती है, ताकि घाव जल्दी भर सके।
  • जहाँ पर भी आपको चोट लगने के कारण सूजन आ जाती है उस हिस्से को ऊंचाई पर रखे।
  • इसके अलावा बर्फ का सेक करने से भी लालिमा कम हो जाती है। यदि दर्द फिर भी रहता है तो उसके लिए दवा दी जाती है।

इस लेख के माध्यम से आपने एकाइमोसिस की समस्या के बारे में जाना और साथ हीं इसके हो जाने पर कैसे इसका उपचार करें ये भी जाना। अगर आप या आपके परिवार में किसी को भी यह समस्या होती है तो आप इस लेख में बताई गई बातों से जानकारी ले कर उचित उपचार से आप जल्द ठीक हो सकते हैं।

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