Gastroenteritis Home Remedy: प्रभावी घरेलू नुस्खों से गैस्ट्रोइन्टेराइटिस से पाएं राहत

क्या आपको अचानक से पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, हो रहा है तो यह गैस्ट्रोइन्टेराइटिस के लक्षण हो सकते है। इसे अक्सर स्टमक फ्लू (Stomach Flu) के नाम से भी जाना जाता है।

गैस्ट्रोइन्टेराइटिस पाचन तंत्र में संक्रमण और सूजन से होने वाली एक अल्पकालिक बीमारी है। इसमें ऊपर बताये गए लक्षणों के अलावा पेट में ऐंठन, अतिसार, तेज ठंड लगना, त्वचा में हल्की जलन होना, बहुत पसीना आना, जोड़ों में कड़ापन, मांसपेशियों में तकलीफ, भूख न लगना, वजन कम होना और बुखार भी शामिल है।

इसके होने का मुख्य कारण वायरल इन्फेक्शन है। इस बीमारी के शिकार ज्यादातर बच्चे होते है क्योंकि वे बाहर की चीज़े बहुत खाते पीते है और वायरस अक्सर दूषित भोजन या पीने के पानी में पाए जाते हैं।

बिना उपचार के इसे ठीक होने में लगभग 10 दिन लगते है। जिसमे इसके शुरूआती दिन बहुत तकलीफदायक होते है। लेकिन आप इस तकलीफ़ से अपने बच्चों को बाहर निकाल सकती है। आइये जानते है Gastroenteritis Home Remedy.

Gastroenteritis Home Remedy: गैस्ट्रोएन्टेराइटिस के बचाव के लिए घरेलू उपाय

Gastroenteritis Home Remedy

गैस्ट्रोइन्टेराइटिस के लक्षण: Gastroenteritis Symptoms

  • गैस्ट्रोइन्टेराइटिस होने पर रोगी को उलटी होती है साथ ही दस्त की समस्या भी हो सकती है।
  • इसके कारण पेट में मरोड़ भी आती है। इसमें पेट में दर्द भी होता है।
  • पाचन तंत्र में इंफेक्शन हो जाता है साथ ही सूजन भी हो सकती है।

गैस्ट्रोइन्टेराइटिस के कारण: Gastroenteritis Causes

  • गैस्ट्रोइन्टेराइटिस ज्यादातर बैक्टीरिया के कारण होता है इसके अलावा वायरस, परजीवी के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। कुछ दवाओं का सेवन करने से भी इस तरह की परेशानी आती है।
  • यदि आप दूषित खाना, दूषित फल और दूषित पानी का सेवन करते है तो इससे भी आपको गैस्ट्रोइन्टेराइटिस हो सकता है।
  • साथ ही यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है तो यह भी गैस्ट्रोइन्टेराइटिस के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
  • आपके रहने की जगह यदि साफ सुथरी नहीं है तो भी यह गैस्ट्रोइन्टेराइटिस का कारण बनती है।
  • इससे सबसे ज्यादा बच्चे ही प्रभावित होते है क्योंकि वह खुद को साफ रखने में सक्षम नहीं होते है। इसलिए उनका ख्याल रखना ज़रुरी होता है।

असरकारी घरेलू उपाय: Home Remedies for Gastroenteritis

गैस्ट्रोइन्टेराइटिस को आप घरेलू नुस्खों की मदद से ख़त्म कर सकते है जानते है कुछ असरकारी नुस्खे

तरल पदार्थ

  • गैस्ट्रोइन्टेराइटिस से होने वाला सबसे बड़ा खतरा निर्जलीकरण है।
  • क्योंकि इसमें उल्टी और दस्त होते है, जिसके चलते शरीर का सारा पानी खत्म हो जाता है।
  • इसलिए इस समस्या में बहुत सारा तरल पदार्थ लेना चाहिए, ताकि आपका शरीर हाइड्रेट रह सके।
  • तरल पदार्थों में आप पानी के अलावा पेपरमिंट टी भी ले सकते है ये बेस्ट Gastroenteritis Diet में आते हैं।

अदरक

  • अदरक में मौजूद एंटी-इन्फ्लैमटरी गुण, इसे गैस्ट्रोइन्टेराइटिस के लिए बेहतरीन औषधि बनाते है।
  • इसके अलावा अदरक एक प्राकृतिक एंटीवायरल है जो फ्लू के वायरस से लड़ने में मदद करता है।
  • डेड कप पानी और ताज़ी अदरक के टुकड़े को 10 मिनट के लिए उबालने के लिए रख दे। फिर इस पानी को दिन में कई बार पिए।
  • आप चाहे तो दिन में कई बार अदरक के टुकड़े को चबा भी सकते है। लेकिन उच्च रक्तचाप के मरीज इस उपचार को ना करे।

दालचीनी

  • स्टमक फ्लू से लड़ने में दालचीनी भी बहुत प्रभावी है।
  • यह एक शक्तिशाली जीवाणुरोधी और साथ ही एंटीवायरल एजेंट है जो आपके पेट में किसी भी बैक्टीरिया या वायरस को नष्ट कर देती है।
  • इसके अलावा दालचीनी की गर्म प्रकृति से आपको ऐंठन और दर्द से भी छुटकारा मिलता है और आप अधिक आरामदायक महसूस करते है।
  • प्रयोग के लिए दालचीनी पाउडर के एक से डेढ़ चम्मच और शहद का एक चम्मच, एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर पी ले।
  • इस मिश्रण को दो दिनों तक दिन में तीन बार पिये।

नींबू

  • इसके अम्लीय प्रभाव के चलते, नींबू भी गैस्ट्रोइन्टेराइटिस के लिए एक उत्कृष्ट उपाय माना जाता है।
  • प्रयोग के लिए एक गिलास पानी में ताजे नींबू के रस के दो चम्मच डाले।
  • खाने से आधे घंटे पहले इसे पिए।

साफ सफाई रखे

  • साफ सफाई रखना बहुत ही ज़रूरी होता है नहीं तो इस प्रकार की समस्या बार बार हो सकती है।
  • स्वच्छता सबसे उपयुक्त Gastroenteritis Treatment के रूप में जाना जाता है।
  • इसके लिए अपने घर और घर के आस पास साफ सफाई रखे और गन्दगी को न फैलाये।

Gastroenteritis पर अन्य जानकारी

  • उपरोक्त उपायों के अतिरिक्त यह दूषित पानी से भी होता है इसके लिए पानी को साफ रखे और साफ पानी का ही सेवन करे। जहाँ तक संभव हो सके बाहर का पानी ना पीये वह दूषित हो सकता है।
  • इसके अलावा अपने भोजन को भी ढक कर रखे और स्वच्छ भोजन भी खाये। बाहर की खुली चीजों का सेवन ना करे यह गैस्ट्रोइन्टेराइटिस के साथ साथ अन्य बीमारियों को भी जन्म देती है।
  • बच्चों की साफ सफाई पर अधिक ध्यान दे। जब भी खाना खाये हाथों को अच्छी तरह से धोये। साथ ही हो सके तो बासी खाना भी नहीं खाना चाहिए यह भी इस समस्या का कारण बनता है।
  • जब भी फल और सब्जियों का उपयोग करे तो उन्हें अच्छी तरह से धोने के बाद इस्तेमाल करे। इससे उनमे लगी गन्दगी दूर हो जाती है और बीमारियाँ नहीं होती है।
  • बाहर की बर्फ का सेवन भी ना करे क्योंकि इसका पानी भी दूषित हो सकता है। जिसके कारण आप गैस्ट्रोइन्टेराइटिस की समस्या से पीड़ित हो सकते है। इसके लिए घर पर साफ पानी से निर्मित बर्फ का ही उपयोग करे।
  • यदि आप गैस्ट्रोइन्टेराइटिस से पीड़ित है तो आपको कम भोजन करना चाहिए साथ ही अपने पेट को भी आराम देना चाहिए। तरल पदार्थों का सेवन करना इसके लिए अच्छा होता है।
  • साथ ही यदि आपको कमज़ोरी और थकान महसूस हो रही है तो आपको आराम करना चाहिए ऐसा करने से भी आपको राहत मिलेगी और आपकी समस्या जल्दी ठीक होने लगेगी।
  • लेकिन आपको तरल पदार्थों में फलो के रस को लेने से बचना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से आपको दस्त भी लग सकते है। बच्चे इस समस्या से पीड़ित है तो आपको उन्हें डॉक्टर को ज़रुर दिखाना चाहिए ताकि वह उन्हें उपयुक्त सलाह दे सके।

नोट – उपरोक्त उपायों को करने के बाद भी यदि आपकी समस्या हल नहीं हो पा रही है तो आपको तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह समस्या कुछ दिनों में ठीक हो जाती है लेकिन यदि यह ठीक नहीं हो रही है तो उपचार करना आवश्यक है नहीं तो यह गंभीर रूप भी ले सकती है।


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