पोलियो एक संक्रामक रोग है जो कि पोलियो विषाणु से होता है| इस वायरस को विज्ञान की भाषा में पाँलीवाइरस के नाम से जाना जाता है। यह एक लाइलाज बीमारी है।

वैसे तो यह बीमारी युवाओं और बच्चो दोनों में होती है लेकिन यह मुख्यतः बच्चों को ही अपना शिकार बनाती  है| इसलिए ही इसे शिशुओं का लकवा या बाल पक्षाघात भी कहते है|

जिस भी अंग को यह बीमारी प्रभावित करती है वह अंग कार्य नहीं कर पाता है| इससे ग्रसित बच्चे खड़े होकर असमर्थ होते है साथ ही वे अपने हाथ से भी कार्य करने में असमर्थ हो जाते हैं।

भले ही विगत दो तीन वर्षो में पोलियो के मामले बहुत कम देखने को मिले है| किन्तु इसका खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है| भारत में पोलियो से निजात के कई उपाय किये गए हैं किन्तु फिर भी कई जगह ये अब भी है। इसके मामले ज्यादातर यूपी और बिहार में पाए जाते हैं।

Plant Vaccine Eliminates Polio Virus: पोलियो की रोकथाम में सहायक

Plant Vaccine Eliminates Polio Virus

पोलियो को पूरी तरह से दुनिया से ख़त्म करने के लिए अभी भी प्रयास जारी है। इसी बीच वैज्ञानिको ने एक नया टीका बनाया है जिसे पौधे से बनाया गया है। इससे पोलियो वायरस को रोका जा सकता है।

पौधे के इस्तेमाल से विकसित किया है टीका

  • एक पौधे के इस्तेमाल से वैज्ञानिकों ने पोलियो वायरस के खिलाफ एक नया टीका विकसित किया है|
  • यह खोज बेहद फ़ायदेमदं है क्योंकि इससे वैश्विक तौर पर पोलियो को खत्म करने में मदद मिल सकती है|
  • इस नए टीके को वायरस जैसे कणों (वीएलपी) से तैयार किया गया है|
  • इसकी प्रोसेस देखे तो इसमें पोलियो वायरस से गैर रोगजनक वीएलपी को पौधे पर उगाया जाता है|
  • जिससे की वीएलपी उत्पादन की सूचना ले जाने वाले जीन पौधे के ऊतकों में घुस जाते हैं और मेजबान पौधा इसकी ज्यादा मात्रा उत्पन्न करता है|

प्रोफेसर जॉर्ज लोमोनोसोफ का क्या कहना है?

इसमें वह अपने खुद के प्रोटीन एक्सप्रेशन क्रियाविधि का इस्तेमाल करता है| ब्रिटेन स्थित स्वतंत्र अनुसंधान संगठन, जॉन इंस सेंटर के प्रोफेसर जॉर्ज लोमोनोसोफ ने कहा, “यह पादप विज्ञान, जंतु वाइरोलॉजी व संरचनात्मक जीव विज्ञान का एक अविश्वसनीय सहभागिता है. हमारे लिए अब सवाल है कि इसे कैसे बढ़ाया जाए. हम इसे प्रयोगशाला तकनीकी तक रोकना नहीं चाहते.”

पोलियो के लक्षण पर भी नजर डाले:-

सामान्य लक्षण

  • बुख़ार, सिरदर्द, जीमिचलाना
  • गले में ख़राश, उल्टी, थकान
  • गर्दन, पीठ, हाथ या पैर में दर्द या जकड़न
  • मांसपेशियों में कमज़ोरी का महसूस होना

गंभीर लक्षण

  • दिमागी बुख़ार (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के संक्रमण)
  • पैर या हाथ का अपरिवर्तनीय परिवर्तन