Brain Fever Symptoms in Hindi: तेज बुखार हो सकता है दिमागी बुखार का कारण

कई बार लोगो को सामान्य बुखार आता है। मौसम के बदलने पर इस प्रकार के बुखार का आना नार्मल होता है। जो बहुत से लोगो को अपनी चपेट में ले लेता है। कुछ लोग इस तरह के बुखार को अनदेखा कर देते है।  परन्तु कई बार बुखार बहुत ही गंभीर रूप ले लेते है और यह जान के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इसलिए बुखार के बारे में जानकारी होना जरूरी होता है।

बुखार कई तरह के हो सकते है। जिसमे से एक है दिमागी बुखार। यह बुखार दिमाग को प्रभावित करता है। इसका उपचार समय पर नहीं किया गया तो यह घातक हो सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को पहचान कर इसका समय पर उपचार करना चाहिए।

इस लेख में हम आपको दिमागी बुखार के बारे में विस्तार से बताने रहे। इन जानकारियों को हासिल करने के बाद आप इसके लक्षणों को पहचान सकेंगे और इसके गंभीर होने के पहले ही इसका सही उपचार करवा पाएंगे।

आईये जानते है Brain Fever Symptoms in Hindi क्योंकि जानकारी ही बचाव है। इसकी जानकारी रख कर खुद भी सुरक्षित रहे और अपने परिवारवालों को भी इसके खतरे से सुरक्षित रखे।

Brain Fever Symptoms in Hindi: जाने दिमागी बुखार के लक्षण, उपचार और बचाव के बारे में

Brain Fever Symptoms in Hindi

दिमागी बुखार: Brain Fever

  • दिमागी बुखार को अंग्रेजी भाषा में मेनिनजाइटिस कहा जाता है। दिमागी बुखार को इसके अलावा मस्तिष्क ज्वर के नाम से भी जाना जाता है।
  • दिमागी बुखार की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आते है। परन्तु इसका मतलब यह नहीं है की बड़ों को यह बीमारी नहीं हो सकती है। यह बुखार बड़ों को भी हो सकता है।   
  • मस्तिष्क में मेनिन्जेस नामक झिल्लियां पायी जाती है। यह सर को ढककर रखने में मदद करती है। मेनिन्जेस के आसपास तरल पदार्थ होते है और जब यह पदार्थ संक्रमित हो जाते है तो उसके कारण दिमागी बुखार होता है।

दिमागी बुखार के प्रकार

दिमागी बुखार वायरल, बैक्टीरियल और फंगल तीन प्रकार के हो सकते है।

बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस: Bacterial Meningitis

  • यह बुखार गंभीर हो सकता है। साथ ही यह एक दूसरे के सम्पर्क में आने पर तुरंत फैलता है। यह संक्रमण के कारण होता है।
  • यह तीन प्रकार के बैक्टीरिया नेसेरिया मेनिनजाइटाइडिस, हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी और स्ट्रैपटोकोकस निमोनिया बैक्टीरिया से उत्पन्न हो सकता है। इसलिए इस बुखार में सावधानी रखना ज़रूरी होता है।

वायरल मेनिनजाइटिस: Viral Meningitis

  • यह बुखार  बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस से थोड़ा कम गंभीर होता है। इस बुखार में बहुत से लोग बिना उपचार के ही ठीक हो जाते है।
  • मच्छर के काटने से भी यह बुखार हो सकता है। इसलिए मच्छरों से खुद का बचाव करना चाहिए।

फंगल मेनिनजाइटिस: Fungal Meningitis

  • फंगल मेनिनजाइटिस बहुत ही कम लोगो को होता है। यह बुखार उन लोगो को अपनी चपेट में लेता है जिनमे प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कम होती है।
  • जिन लोगो को कैंसर होता है उन्हें यह बुखार आसानी से हो सकता है। साथ ही जो लोग HVI से पीड़ित है उन्हें भी यह होने का खतरा बना रहता है।

दिमागी बुखार होने पर अधिकांश रोगी कुछ दिनों और हफ्तों में ठीक हो जाते है। परन्तु कुछ लोगो में यह बुखार गंभीर रूप ले लेता है। इसलिए दिमागी बुखार होने पर रोगी को तुरंत ही उपचार के लिए ले जाना चाहिए। यह बहुत ही आवश्यक होता है।

दिमागी बुखार के लक्षण: Brain Fever Symptoms

दिमागी बुखार के कई लक्षण हो सकते है जैसे –

  • पीठ, गर्दन और कंधो में अकड़न का होना
  • मतली या उल्टी की समस्या होना
  • सिरदर्द की परेशानी
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
  • व्याकुलता
  • मांसपेशियो में कमजोरी का अनुभव  
  • शरीर के समस्त बाहरी अंगो मे कमज़ोरी
  • तेज बुखार आना और साथ ही ठंड लगना

उपरोक्त लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए ताकि आपका समय पर सही उपचार किया जा सके।

दिमागी बुखार से बचाव: Brain Fever Cure

  • अपने घर और घर के आसपास सफाई रखना बहुत ही ज़रुरी होता है। इससे दिमागी बुखार के साथ साथ अन्य बीमारियाँ भी नहीं होती है। इसलिए साफ सफाई पर विशेष ध्यान दे।
  • दिमागी बुखार एक संक्रामक बुखार होता है। इसलिए रोगी  से संपर्क में कम से कम रहना चाहिए। नहीं तो यह बुखार आपको भी अपनी चपेट में ले सकता है।  
  • ऐसी जगहें जहाँ पर भीड़भाड़ ज्यादा हो उस स्थान से दूर ही रहना चाहिए। ऐसी जगहों पर भी दिमागी बुखार होने का खतरा रहता है।
  • बाजार में दिमागी बुखार के बचाव के लिए ‘मेनवियो’ नामक टीका आता है उसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अपने हाथों को खाना खाने से पहले ज़रूर धोये। साथ ही अपने हाथों को हमेशा साफ रखे।
  • साथ ही बीमारी से दूर रहने के लिए संतुलित आहार का सेवन करे। ताजे फलों का सेवन करे और साथ ही नियमित रूप से व्यायाम करे और योग व ध्यान को भी कर सकते है यह आपको स्वस्थ्य रखने में मदद करते है।
  • इस बात का भी ध्यान रखे की जब भी आप खांसे या छींके तो अपने मुंह पर रुमाल या फिर कपड़ा रखे। यह आपको और आपके आसपास वालों को संक्रमण से बचाता है।

दिमागी बुखार के उपचार: Brain Fever Treatment

  • दिमागी बुखार होने पर रोगी को पूरी तरह आराम करना चाहिए क्योंकि इस बुखार में कमजोरी आती है। आराम करने से रोगी को राहत मिलती है।
  • रोगी को बुखार में शांति की जरुरत होती है। इसलिए रोगी को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहाँ पर शांति हो।
  • रोगी को प्रकाश से भी परेशानी होती है इसलिए रोगी को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहाँ प्रकाश कम हो और अँधेरा हो।
  • रोगी को बुखार के समय तरल पदार्थ नहीं देने चाहिए यह रोगी के लिए नुकसानदायक हो सकते है।
  • दिमागी बुखार में रोगी को तेज बुखार होता है इसलिए बुखार को कम करने के लिए बर्फ के टुकड़े को कपड़े में बांधकर उससे सिकाई करनी चाहिए।
  • रोगी को अनार का जूस देना लाभकारी होता है इसलिए रोगी को जूस दे सकते है।
  • दिमागी बुखार में लहसुन का सेवन करना भी अच्छा होता है।
  • रोगी को हलके गरम पानी के साथ में ओ आर एस पिलाना अच्छा होता है। यह उनके लिए फ़ायदेमंद होता है।

बुखार को कभी भी हलके में नहीं लेना चाहिए बल्कि इसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए। यदि आपका बुखार लगातार बना हुआ है तो आपको बिना देरी किये अस्पताल में जाँच करवाए।

साथ ही यदि आपको उपरोक्त लक्षण दिखाई देते है तो अपने डॉटर से संपर्क करे। छोटे बच्चों का बुखार के समय विशेष ध्यान दे क्योंकि यह बुखार बच्चों को जल्दी होने का खतरा रहता है।


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