रीठा भारत में मिलने वाला ऐसा पेड़ है जो कई नामो से जाना है। जैसे अरीठा, सौपनट ट्री, हैथागुटी, कुकुदुकायालु, रेठा आदि। रीठा के फूलों का आकर छोटा होता है जो की गर्मियों में आते है। रीठा हलके हरे रंग का होता है।

रीठा की दो जातियां पायी जाती हैं। एक सापिंडस मुक्रोसी और दूसरी सापिंडस ट्राइफोलियाट्स। सापिंडस मुक्रोसी के पेड़ हिमालय के क्षेत्र में ज्यादा पाये जाते हैं। इसके अलावा उत्तर भारत में व् आसाम आदि में लगाये हुए पेड़ बाग-बगीचों में या गांवों के आसपास पाये जाते हैं।

सापिंडस ट्राइफोलियाट्स के पेड़ दक्षिण भारत में देखने को मिलते हैं, इसमें 3-3 फल एक साथ जुड़े हुए होते हैं। रीठा का ज्यादातर उपयोग बालों को धोने, डिटर्जेंट और साबुन के रूप में किया जाता है।

इसके अतिरिक्त रीठा के अन्य फायदे भी होते है। रीठा के गुणों का उपयोग प्राचीन काल के किया जाता आ रहा है। तो चलिए आज के लेख में जानते है Reetha Benefits in Hindi.

Reetha Benefits in Hindi – रीठा के इतने फायदे नहीं जानते होंगे आप

Reetha Benefits

बालों के लिए

  • रीठा के उपयोग से बाल स्वस्थ, चमकीले एवं घने होते हैं।
  • रीठा को आंवला और शिकाकाई के साथ मिलाकर बाल धोने से बाल सिल्की और रूसी-रहित और लम्बे हो जाते हैं।
  • इससे उपयोग से बालों की जूंए भी ख़त्म हो जाती है।

बिच्छू के विष से निजात

  • रीठा बिच्छू के जहर को निकालने के लिए भी फ़ायदेमंद होता है।
  • रीठा के फल को पीसकर आँख में काजल की तरह लगाने से तथा काटे हुए स्थान पर लगाने से भी बिच्छू के जहर में लाभ होता है।

दाँत के रोगों से छुटकारा

  • दाँत से संबंधित समस्याओं के लिए रीठा का उपयोग लाभकारी होता है।
  • दाँत की समस्या के निजात के लिए रीठा के बीजों को तवे पर भून कर पीस ले और इसमें बराबर मात्रा में पिसी हुई फिटकरी मिलाकर इसके मिश्रण से दांतों पर मालिश करे।

गले के रोग के लिए

  • रीठा के उपयोग से गले के रोग में राहत मिलती है।
  • इसके लिए 10 ग्राम रीठे के छिलके को पीसकर लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग सुबह और लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग शाम को पानी के साथ या शहद में मिलाकर प्रतिदिन लेने से गले के रोगों में आराम मिलता है।

सिर के दर्द से राहत

  • सिर के दर्द को ठीक करने के लिए 1 ग्राम रीठा का चूर्ण और 2-3 ग्राम त्रिकुटा चूर्ण को 50 मिलीलीटर पानी में डालकर रख दे।
  • सुबह के वक्त पानी को छानकर एक अलग शीशी में भर लें।
  • इस पानी की 4-5 बूंदे सुबह के समय खाली पेट हर रोज नाक में डालने से भीतर जमा हुआ कफ बाहर निकल जाता है और नासा रन्ध्र फूल जाते हैं तथा सिर दर्द में भी राहत मिलता है।

इसके अतिरिक्त अतिसार से मुक्ति, मिर्गी रोग, आँखों के रोग से निजात, आधे सिर का दर्द से छुटकारा, श्वास या दमा का रोग, बालों को काला करने आदि के लिए भी रीठा उपयोगी होता है।