कैंसर एक बेहद ही गंभीर बीमारी है| कैंसर के रोगियों को उपचार के लिए कीमोथेरेपी दी जाती है| कीमो एक टॉक्सिक प्रॉसेस है इसलिए इसे देने के बाद मरीज के शरीर के सारे बाल झड़ जाते है|

कीमो के बाद सिर के बाल, आईब्रो और हाथ-पैरों आदि के बाल झड़ जाते है| लेकिन मरीज को इसको लेकर ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं है क्योंकि यह बाल दवा के प्रभाव के उपरान्‍त वापिस भी  आ जाते है।

यदि आपको कीमोथेरपी के बारे में जानकारी नहीं है तो आप यहाँ जान ले| कीमोथेरेपी दवाइयों की मदद से किया जाने वाला कैंसर का उपचार है| कीमो के इलाज में कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए नसों द्वारा दवा दी जाती है, जिसके की दवाइयां सीधे नसों में चली जाती हैं।

कैंसर रोगियों में अधिकतर हर मामले में कीमोथेरेपी कराने के बाद बाल झड़ने और वजन कम होने की समस्‍या देखने को मिलती है|लेकिन अब कैंसर के मरीजों को यह दोनों समस्याओ का सामना नहीं करना होगा|

वैज्ञानिक डॉक्टर आरपी सिंह ने कीमोथेरेपी के इलाज को लेकर मरीजों में जगाई आसChemotherapy Will Not Cause Hair Loss or Lose Weight

कीमोथेरेपी द्वारा कैंसर का इलाज करने पर स्‍वस्‍थ्‍य और सक्रिय कोशिकाओं पर काफी बुरा असर पड़ता है जिससे वे मरने लगती हैं इसलिए मरीजों का वजन घटने लगता है| साथ ही इस थेरेपी के दौरान मरीज को काफी दर्द भी होता है| लेकिन नए शोध के मुताबित अब यह समस्या नहीं होगी|

  • जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक ने इस मामले को लेकर दवा किया है|
  • उनका कहना है की उनके द्वारा तैयार की गई दवा से कैंसर रोगियों को बाल नहीं झड़ेंगे और ना ही वजन कम होने की परेशानी होगी|
  • एक प्रतिष्‍ठति अखबार में यह खबर प्रकाशित हुई है जिसमे वैज्ञानिक डॉक्टर आरपी सिंह ने कैंसर के इलाज के दौरान होने वाला जानलेवा दर्द को दूर करने की दवा खोजकर मरीजों में बड़ी आस जगाई है|
  • आपको बतादे की यह दवा कुछ पौधों की मदद से तैयार की गई है जो की रेडियो व कीमोथैरेपी के दुष्प्रभावों का खत्म करती है|
  • इसलिए इसके द्वारा इलाज करने पर मरीज में खून की कमी, बालो का झड़ना और वजन घटने जैसी समस्याएं दूर की जा सकेंगी|

सिमित दायरे में इंसानो पर हुआ परीक्षण

  1. डॉक्टर आरपी सिंह के मुताबित पहले चूहे और फिर सीमित दायरे में इंसान पर इस दवा का परीक्षण किया गया है|
  2. इन दोनों पर ही यह इलाज काफी हद तक सफल रहा है|
  3. अभी एम्स सहित दिल्ली के और भी कई बड़े हॉस्पिटल्स में इस दवा के परीक्षण को लेकर तैयारी की जा रही है|
  4. यदि परीक्षण का परिणाम सफल होता है तो बाद में यह दवा बाजार में उपलब्ध हो सकेगी|
  5. साथ ही यह शोध चिकित्सा क्षेत्र में भारत की बड़ी कामयाबी कहलाई जाएगी|

पौधो से दवा बनाई गयी

कैंसर कीमोथेरपी के लिए यह दवा मल्कि थील्‍स व आरटी चोक नाम के पौधों में पाए जाने वाले सेलिबीनिन नाम के यौगिक से तैयार की गई है|

नहीं होगा अन्य नुकसान

डॉक्‍टर आरपी सिंह का कहना है की कीमो के दौरान सेलिबीनिन के प्रयोग से केवल कैंसर की कोशिकाएं ही मरती हैं, किन्तु अन्य किसी तरह का नुकसान नहीं होता है|