आजकल की जीवनशैली में जिस तेजी से कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं, इसको देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है की आने वाले कुछ सालों में विश्व में सबसे अधिक मौतों का कारण यही बीमारी होगी|

कैंसर इंसान को पूरी तरह से ख़तम कर देता है इसलिए वैज्ञानिक इसके इलाज के नए और बेहतर तरीके ढूंढने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है| कैंसर के इलाज के लिए पेशेंट्स को कीमोथेरेपी दी जाती है|

कीमोथेरेपी एक तरह का औषधीय उपचार है जिसे कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए व्यक्ति को दिया जाता है। कीमोथेरेपी कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने और विभाजित होने की शक्ति को ख़त्म कर देता है|

कीमोथेरेपी दो शब्दों के मेल से बना है| पहला कैमिकल(रसायन) और दूसरा थेरेपी(उपचार)। इसका उपचार नसों के द्वारा दिया जाता है| ताकि दवा सीधे नस में जाए| किसी भी शख्स को किस प्रकार का कैंसर है उस हिसाब से उसे कीमोथेरेपी दी जाती है| इस ट्रीटमेंट को लेना चाहिए या नहीं इस बात को लेकर बहुत लोग कंफ्यूज रहते है इसलिए आज के लेख में हम आपको Advantages and Disadvantages of Chemotherapy बता रहे है|

Advantages and Disadvantages of Chemotherapy: कैंसर कीमोथेरेपी के लाभ व नुकसान

Advantages and Disadvantages of Chemotherapy

कीमोथेरेपी के फायदे:-

कैंसर से बचाव

  • जब भी किसी व्यक्ति का कैंसर शुरूआती चरण में हो तो उसे ठीक करने के लिए शल्य क्रिया की जाती है|
  • और फिर कीमोथेरेपी की प्रक्रिया अपनाई जाती है ताकि कैंसर वापिस लौट कर ना आ सके|

व्यक्ति की आयु बढ़ाये

कैंसर से शरीर को होने वाले नुकसान को रोके

  • जब शरीर में कैंसर का प्रभाव बढ़ता जाता है, तो इससे आसपास के अंग, नस और रक्त की धमनिया भी प्रभावित होती है|
  • इस कारण वश कैंसर पीड़ित व्यक्ति को बहुत ज्यादा पीड़ा और परेशानी होती है।
  • लेकिन कीमोथेरेपी का इलाज कैंसर को बढ़ने नहीं देता और फैलने से भी रोकता है|
  • इसे करने से शरीर के प्रभावित अंगों के ऊपर से दबाव हट जाता है और कैंसर के लक्षणों से राहत पहुँचती है|

कीमोथेरेपी के नुकसान:-

  • कीमोथेरेपी का उपचार करने पर सबसे ज़्यादा बुरा और दुखदायी नुकसान यह है की उसमे मरीजों के पुरे बाल झड़ जाते है|
  • कीमोथेरेपी करवाने पर कुछ मरीजों में गैस और आँतों की समस्या, मस्क्युलोस्केलेटल या कंस्टीट्यूशनल लक्षण देखने को मिलते है|
  • इसके अलावा कुछ अन्य समस्याएं भी देखने को मिलती है जैसे मतली आना भूख ना लगना, कब्ज़ और दस्त आदि|
  • यह इलाज का समय निश्चित नहीं है, यह काफी समय लेता है| इसमें घंटों से लेकर कई महीने भी लग सकते हैं।