आपने हमेशा से यही सुना होगा कि शराब सेहत के लिए नुकसानदायक होती है| और ऐसा है भी, शराब का सेवन आपके लिवर को नुकसान पहुंचाता है और इसकी अधिकता से तो आपके लिवर के डैमेज होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है|

साथ ही आपने यह भी सुना होगा की मधुमेह के रोगियों को अपने खाने पिने का विशेष ध्यान रखना होता है| क्योंकि अस्वस्थ खाने से ब्लड शुगर का स्तर बिगड़ जाता है|

तो आज के लेख में हम आपको जो बता रहे है उसे जानकार आप थोड़ा आश्चर्यचकित हो सकते है| हाल ही में हुए एक शोध में सामने आया है की शराब का सेवन करने से मधुमेह का खतरा कम होता है|

लेकिन हां आप इसे सप्ताह में तीन बार तक पी सकते है वो भी सिमित मात्रा में| इससे आपका मधुमेह का खतरा कुछ हद तक कम हो जाता है| तो चलिए जानते है How can Alcohol Consumption Cut Diabetes Risk?

Alcohol and Diabetes: थोड़ी बहुत शराब से मधुमेह में मिलता है फायदा

Alcohol and Diabetes

क्या कहता है शोध?

  • दक्षिणी डेनमार्क की एक यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने शराब पिने से डायबिटीज पर होने वाले प्रभावों की जांच को लेकर शोध किया|
  • इसकी तुलना करने के लिए अन्य विशिष्ट पेय पदार्थों से भी जाँच की|
  • शोध के बाद दावा किया गया कि सप्ताह में तीन से चार दिन सीमित मात्रा में शराब पीने से मधुमेह का खतरा कुछ हद तक कम होता है|

शराब की मात्रा से पढता है बहुत प्रभाव

  • इससे पहले भी एक रिसर्च कि गयी जिसके मुताबित शराब की मात्रा से आपके शरीर पर बहुत प्रभाव पढ़ सकता है|
  • रिसर्च के मुताबित थोड़ी बहुत शराब लेने वाले पुरुषों और महिलाओं को इसे न पीने वालों की तुलना में मधुमेह का खतरा कम होता है|
  • वही इसका अधिक सेवन करने से मधुमेह का खतरा उतना ही या उससे भी अधिक हो जाता है जितना कि शराब ना पिने वालों को होता है|

70,551 डेनिश नागरिकों पर हुआ है शोध

  • यह डेटा 18 वर्ष तथा उससे अधिक आयु के करीब 70,551 डेनिश नागरिकों की आत्म-प्रतिवेदन प्रश्नावली पर आधारित है|
  • इसमें प्रश्नावली के अलावा उनकी जीवन शैली और स्वास्थ्य संबंधी पदार्थों पर भी गौर करा गया था|
  • शोध में पाया गया की शराब ना पिने वालों की तुलना में हर सप्ताह 14 पेग पीने वालों में मधुमेह का खतरा 43 प्रतिशत कम था|
  • वहीं महिलाओं में तो यह खतरा 58 प्रतिशत तक कम देखा गया|

इसके अलावा हर हफ्ते एक से छह बियर पीने से पुरुषों में मधुमेह का खतरा 21 प्रतिशत तक कम हो जाता है, वहीं महिलाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ता|