आज तक हमने आपको कई योग आसनो की जानकारी दी है| हर योग आसन से हमारे शरीर को अलग अलग फायदे मिलते है| आज हम आपको ऐसे आसन के बारे में बता रहे है जो आपकी रीढ़ की हड्डी और कंधो को मजबूत बनाता है|

आज हम आपको वीरभद्रासन के बारे में बता रहे है| इस आसन का नाम वीरभद्र के नाम पर रखा गया है| वीरभद्र एक शक्‍तिशाली योद्धा थे, इन्हे भगवान शिव का अवतार कहा जाता है|

वैसे तो वीरभद्रासन की तीन विधियां है, आज हम इसकी दूसरी विधि याने की Warrior Pose II के बारे में जानेंगे| शुरुवात में इस आसन को करना थोड़ा मुश्किल होता है किन्तु इसके नियमित अभ्यास से आप इसे करना सिख जायेंगे|

तो चलिए जानते है Virabhadrasana 2 कैसे करे? ताकि आप भी इसे करके शारीरिक और आध्यांत्मिक लाभ प्राप्त कर सके|

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वीरभद्रासन II कैसे करे?

  • Warrior 2 Pose करने के लिए अपने पैरो को 3-4 फुट की दूरी पर फैला कर सीधे खड़े हो जाएँ|
  • अपने दाए पैर को 90 डिग्री और बाएँ पैर को 15 डिग्री तक मोड़े|
  • आपकी दाहिनी एड़ी बाएँ पैर के सीध में होना चाहिए|
  • अब अपने दोनों हाथों को कंधो तक ऊपर उठाएं, आपके दोनों हाथ जमीन से पैरेलल होना चाहिए|
  • हाथो की हथेलिया आसमान की तरफ खुली होनी चाहिए|
  • ध्यान रहे आपका घुटना टखने से आगे नहीं जाना चाहिए|
  • अब अपने सर को घुमाएँ और अपनी दाहिनी ओर देखें|
  • आसन में स्थिर हो कर हाथों को थोड़ा और खीचें|
  • आपको बिलकुल एक योद्धा की तरह इस आसन में स्थिर रहना है|
  • इसे करते वक्त आपको अपने चेहरे पर तनाव नहीं आने देना है और मुस्कुराते रहना है|
  • कुछ सेकण्ड्स इस मुद्रा में बने रहने के बाद, वापिस से पहले की मुद्रा में आ जाये|

Warrior Pose II Benefits: वीरभद्रासन 2 के फायदे

  1. यह आसन आपके अंदर साहस और सहनशीलता बढ़ाता है|
  2. इसे करने से हाथ, पैर और कमर में मजबूती आती है|
  3. इस मुद्रा में आप स्थिर खड़े रहते है जिससे आपके शरीर में संतुलन बढाता है|
  4. जो लोग दिन भर बैठ कर कार्य करते है उन्हें कुछ समय इस आसन के लिए जरूर निकालना चाहिए|
  5. यदि कंधो के जकड़न तथा तनाव है तो वीरभद्रासन II से आपको बहुत फायदा मिलता है|

वीरभद्रासन की सावधानिया:-

  • यदि किसी को घुटनों में दर्द या फिर गठिया की बीमारी हो तो इस आसन को करने से बचे|
  • रीढ की हड्डी के विकारों से पीड़ित भी इस आसन का अभ्यास ना करे|
  • जिन लोगो को उच्च रक्तचाप की समस्या है उन्हें भी वीरभद्रासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|
  • यदि आपको दस्त हो रहे है तो इसे ना करे, यह आपकी समस्या को बढ़ा सकता है|