Acupressure for Thyroid: दवा नहीं, एक्‍यूप्रेशर से करें थायराइड के लक्षणों को कम

थायराइड की समस्या आजकल तेजी से बढ़ रही है। इसके होने का मुख्य कारण आपका खानपान और दिनचर्या है। आज के लेख में हम आपको बता रहे है Accupressure for Thyroid बता रहे है।

जब थायराइड गंथि में हार्मोंनस की कमी या फिर कहे की गड़बड़ी के कारण प्रतिरक्षा क्षमता प्रभावित हो जाती हैं तो शरीर में कई प्रकार की परेशानियां होने लगती है। आम बोलचाल में इसे थायराइड की समस्या कहा जाता है।

थायराइड विकार दो प्रकार के होते हैं एक हाइपरथायराइडिज्म और दूसरा हाइपाथायराइड। थायराइड की समस्या होने पर कई लक्षण दिखाई देते है जैसे गले में दर्द और सूजन, वजन का अचानक बढ़ना या फिर घटना आदि।

यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो कैंसर, हृदय से संबंधित बीमारियाँ, महिलाओं में गर्भपात जैसी बड़ी दिक़्क़तों का सामना करना पढ़ता है। इसलिए जरूरी है की समय रहते है इसे ठीक कर लिए जाये।

Acupressure for Thyroid: एक्यूप्रेशर बिंदु से थायराइड का तत्काल उपचार

Accupressure for Thyroid in Hindi

थायराइड के लिए एक्‍यूप्रेशर की भूमिका:-

  • एक्यूप्रेशर करवाने के लिए आप एक्यूप्रेशर क्लिनिक जा सकते है।
  • या फिर आप खुद ही दबाव बिंदुओं को उत्तेजित करना सीखकर थायराइड के छोटे-मोटे लक्षणों से राहत पा सकते हैं।
  • आमतौर पर इससे अधिकांश दवाओं के बिना तत्काल राहत मिलती है।

दोनों भोंहो के बीच का बिंदु

  • थायराइड की समस्‍याओं को कम करने के लिए एक्‍यूप्रेशर बिंदु आपकी दोनों भोंहो के बीच में स्थिति होते है, जो पिट्यूटरी फंग्‍शन को उत्‍तेजित करते हैं।
  • इसके अलावा यह बिंदु पर दबाव होने से नींद ना आना, सिरदर्द, तनाव आदि से भी निजात मिलता है।

हाथों एवं पैरों के अंगूठे के नीचे

  • इसके अतिरिक्त एक्युप्रेशर थेरेपी के अनुसार थायरायड के प्रतिबिम्ब बिंदु हाथों एवं पैरों दोनों के अंगूठे के बिलकुल नीचे ऊंचे उठे हुए भाग में स्थित होता हैं।
  • थायरायड की अवस्था में इन केन्द्रों पर घडी की सुई की दिशा में अर्थात बाएं से दायें प्रेशर देना चाहिए।
  • प्रत्येक बिंदु पर एक से तीन मिनट तक प्रतिदिन दो बार प्रेशर देना चाहिए।

हथेली पर

  • आप जहा घडी पहनते है वहा आगे हथेली की और प्रेशर देना बहुत फायदेमंद होता है।
  • यह प्रेशर पॉइंट हाइपरथायराइडिज्म में बहुत फायदेमंद है।
  • इसके अलावा इसके और भी कई फायदे जैसे की अस्थमा, सीने में जकड़न, याददास्त कमजोर होना, सुबह होने वाली कमज़ोरी, वोमिटिंग आदि।

पीठ का मध्य हिस्सा

  • यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण एक्युप्रेशर बिंदु है जो की पुरुषो और महिलाओ में हाइपोथायरायडिज्म को ठीक करने में मदद करता है।
  • इस पॉइंट को सेंट्रल पाइवोट भी कहा जाता है।
  • पीठ के बिच में गर्दन के निचे जाने वाली रेखा से पेल्विक क्षेत्र के शुरवात के बिच के मध्य हिस्से पर आपको दबाव बनाना होगा।

एक्यूप्रेशर ही क्यों?

  1. थायराइड को ठीक करने के लिए यदि आप दवाओं के सेवन के लिए नहीं जाना चाहते है तो एक्यूप्रेशर थेरेपी से इसका इलाज किया जा सकता है।
  2. शरीर के विभिन्न हिस्सों खासतौर पर हथेलियों और पैरों के तलवों के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दबाव डालकर, रोगों का इलाज करना, इस प्रक्रिया को एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्दति कहा जाता है।
  3. यह एक सरल और हानिरहित होने के साथ साथ अत्यंत प्रभावशाली व उपयोगी भी है। इस विधि में बीमारी का पता लगाना एवं इलाज दोनों का तरीका एक ही है।
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