इन्द्रायण को इन्द्रवारुणी, इनास, राखालसा, कोलोसिन्थ और सिट्युलुस कोलोसिन्थिस आदि अलग अलग नामो से जाना जाता है। यह एक प्रकार की लता होती है जो की बालुई क्षेत्रों में पायी जाती है।

इन्द्रायण की लंबाई लगभग 20 से 30 फुट होती है। यह ज्यादातर खेतो में उगाई जाती है। इन्द्रायण के बेल में कम से कम 50 से 100 फल लगते है।

औषधि के रूप में इन्द्रायण का उपयोग किया जाता है। जिसमे औषधि के रूप में इसके फल तथा जड़ें काम में आती है। इसके फल गोल, मांसल, चिकने, 2-3 इंच व्यास के होते है और यह जब कच्चा होता है तो हरे रंग का व पकने पर पीले रंग के हो जाते हैं।

इन्द्रायण के फल के गूदे में एक कड़वा सत्त्व कोलोसिन्थिन, कोलेसिन्थेटिन, एक ग्लूकोसाइड 14 प्रतिशत, गोंद, पेक्टिन तथा क्षार 11 प्रतिशत होते हैं। जानते है इन्द्रायण के प्रकार और Colocynthis Uses के बारे में विस्तार से।

Colocynthis Uses: जानिए इन्द्रायण के प्रकार और बेमिसाल फायदे

Colocynthis Uses in Hindi

इन्द्रायण तीन प्रकार के होते है

छोटी इन्द्रायण

  • छोटी इन्द्रायण को चित्रा, इन्द्रवारुणी आदि नाम से भी जानते है।
  • छोटी इन्द्रायण के फूल घंटे के आकार के गोल और पीले रंग के होते हैं।

बड़ी इन्द्रायण

  • बड़ी इन्द्रायण को विशाला और महाफला भी कहा जाता है।
  • इसकी बेले ज्यादा लंबी होती है। बड़ी इन्द्रायण के फूल पीले रंग के होते है।

लाल इन्द्रायण

  • बड़ी इन्द्रायण के ही समान ही लाल इन्द्रायण होती है।
  • इसके फूल सफेद रंग के तथा फल पकने पर लाल रंग के हो जाते हैं।

Colocynthis Benefitsइन्द्रायण के फायदे : –

दर्द से राहत दिलाये

  • कान का दर्द या पुराना जुखाम होने पर इन्द्रायण का उपयोग लाभकारी होता है।
  • इसके लिए इन्द्रायण के फल के रस को या फिर इसकी जड़ की छाल के काढ़े के तेल को पकड़कर फिर इस तेल को छान लें और इसका इस्तेमाल करें।
  • यह आपको राहत देगा।

बिच्छू के जहर से छुटकारा

  • यदि किसी को बिच्छू ने काटा है तो उनके लिए इन्द्रायण का उपयोग कर सकते है।
  • जहर उतारने के लिए इन्द्रायण के फल का करीब 6 से 8 ग्राम गूदा खायें।
  • ऐसा करने से जहर का असर बिल्कुल नहीं होगा।

गर्भ धारण हेतु

  • यदि गर्भ धारण करने में समस्या आ रही है तो इसके लिए इन्द्रायण मदद कर सकता है।
  • बेल का फल और इन्द्रायण की जड़ को समान मात्रा लेले और उसे पीसकर फिर महिला को दे।
  • इसे पीने से महिला गर्भ धारण करने के योग्य बनती है।

बाल काले करने के लिए

  • इन्द्रायण के फलों के बीज का तेल भी बहुत ही लाभकारी होता हैं।
  • इसके फल के बीजों के तेल को नारियल के तेल के साथ मिलाकर बालों की मालिश की जाएँ तो व्यक्ति के सफेद बाल ग़ायब हो जाते हैं।

गंजापन दूर करने में

  • गंजापन की समस्या को दूर करने में भी इन्द्रायण काफी मदद करता है।
  • इन्द्रायण की जड़ को गोमूत्र में पीसकर नियमित रूप से जहा बाल चले गए है उन स्थानों पर लगाए।
  • कुछ ही दिनों के प्रयोग से आपको इसके लाभ दिखाई देंगे।

इसके अतिरिक्त यह स्तन के रोग, प्रसूता का पेट बढ़ना, बवासीर की समस्या, कब्ज के इलाज में और त्वचा की रंगत के लिए भी उपयोगी होता है।