गलत दिनचर्या के चलते लोगो में वजन के बढ़ने की समस्या बहुत तेजी से हो रही है| इसे नियंत्रित करने के कई लोग डाइटिंग अपना रहे है तो कई लोग घंटों जिम में एक्सरसाइज करके बिताते है|

लेकिन यदि आपके पास समय कम है और आप इसका परमानेंट इलाज चाहते है तो हम आपको बता दे की ऊपर बताये गए दोनों  दोनों तरीकों से बेहतर है की आप योग करे|

क्योंकि योग का अभ्यास करने से वजन बहुत जल्दी नियंत्रित हो जाता है। योग में वजन घटाने के लिए कई आसान शामिल है| आज हम उन्ही में से एक आसन याने की गरुड़ासन के बारे में बता रहे है|

गरुड़ को अंग्रेजी में ईगल कहा जाता हैं। और इस आसन को करते समय व्यक्ति की आकृति बिलकुल गरुड़ पक्षी के समान दिखाई देती है इसीलिए ही इस आसन का नाम गरुड़ासन रखा गया है| तो चलिए आज के लेख में हम Garudasana Steps and Benefits जानते है|

Garudasana Steps and Benefits: वजन को नियंत्रित करने में सहायक योग

Garudasana Steps and Benefits

गरुड़ासन योग की विधि

  • गरुड़ासन का अभ्यास करने के लिए समतल जगह का चुनाव करे|
  • इसके बाद सीधे खड़े हो जाए और अपने दोनों घुटनो को थोड़ा मोड़ ले।
  • इतना करने के बाद अपने दाए पैर को सामने लेते हुए बाए पैर से इस प्रकार लपेटे की दाये पैर का तलवा बाएं पैर के टखने को स्पर्श करे।
  • अब दोनों हांथो को इस तरह लपेटे की आप नमस्कार की मुद्रा में दिखे।
  • ध्यान रहे की आपके घुटने और हाँथ एक सीध में होI
  • अपनी आँखों को खुली रखे और साथ ही शरीर का संतुलन बनाये रखे।
  • कुछ देर इसी मुद्रा में रहे। इस मुद्रा में 10 से 30 सेकंड अपनी क्षमता अनुसार रुक सकते है।
  • इसके बाद धीरे धीरे साँस छोड़ते हुए हाँथ और पैर को खोलते हुए पुनः सीधे खड़े हो जाए।
  • इस पूरी प्रक्रिया को एक बार करने के बाद इसे दूसरी तरफ से करने का प्रयास करे।

गरुड़ासन योग के लाभ

  1. गरुड़ासन योग करने से हाँथ पैर में यदि दर्द है तो वह दूर हो जाता हैI
  2. इसे नियमित रूप से करने से मूत्र विकार दूर हो जाते है।
  3. यह योग आपको मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है।
  4. गरुड़ासन योग को रोज करने से एकाग्रता में वृद्धि होती हैI
  5. गुर्दे के रोगो में यह आसन विशेष लाभ पहुंचाता है।
  6. यह आसन गुप्त रोग को भी दूर करने में मददगार है|

गरुड़ासन में सावधानी

  • यदि आप बीमार हो या फिर आपका कोई ऑपरेशन हुआ है तो यह आसन न करे।
  • गर्भावस्था में भी यह योग नहीं करना चाहिए।
  • यदि हाँथ पैर में कोई बीमारी हो तो यह योग ना करे।
  • अभ्यास करते समय इसे अपने क्षमता की अनुसार ही करे। ज्यादा करने की कोशिश न करे।