TB Treatment: जानिए टीबी का नया उपचार, मरीजों को कम खानी पडेंगी गोलियां

आज के युग में टीबी के मरीज़ों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। भारत में प्रतिवर्ष कई लोग टीबी का शिकार होते है। 2016 में इस बीमारी से 4.3 लाख लोगो की मृत्यु हो गयी थी।

टीबी को क्षय रोग के नाम से भी जाना जाता है। यह एक जीवाणु जनित रोग होता है जो की Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया द्वारा फैलता है। यह रोग किसी भी उम्र में व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है।

यह एक संक्रामक रोग होता है जो व्यक्ति के लंग्स को प्रभावित करता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फ़ैल सकता है। अधिकतर इन कीटाणुओं का संचरण वायु के माध्यम से होता है।

टीबी होने पर शरीर में कमज़ोरी आने लगती है, व्यक्ति को बुखार रहने लगता है, ख़ासी के साथ बलगम और खून आने लगता है। इसके लिए सरकार ने इसके उपचार को थोड़ा बदला है। तो चलिए जानते है नए Tb Treatment के बारे में।

Tb Treatment – स्वास्थ्य मंत्रालय ने की टीबी के नए उपचार की घोषणा

Health Ministry reforms TB Treatment

स्वास्थ्य मंत्रालय ने संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत हाल में पूरे देश में तपेदिक (टीबी) रोग पीड़ितों के लिए दवा की दैनिक खुराक व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है

दैनिक खुराक व्यवस्था लागू

  • टीबी के इलाज के लिए पहले दवा की खुराक सप्ताह में तीन बार दी जाती थी।
  • परन्तु अब इसे बदलकर दैनिक खुराक दी जाएगी।
  • ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि टीबी के कारण प्रत्येक वर्ष 4.2 लाख लोग मर जाते हैं।

इन स्थानों पर उपलब्ध होगी यह दवा

  • टीबी रोधी दैनिक मिश्रित दवा खुराक निजी फार्मेसी और प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों के पास उपल्बध होगी।
  • इसके अतिरिक्त सभी बड़े अस्पतालों, आईएपी, आईएमए तथा पेशेवर चिकित्सा संगठनों में भी यह दवा मिल सकेगी।

कैसे दी जाएगी इसकी खुराक

  • इसमें सारे रोगियों को निरंतर चरणों में इथैन ब्यूटॉल दिया जाएगा। दवाएँ प्रतिदिन दी जाएगी।
  • अब मिश्रित दवाओं की तय खुराक से रोगियों को कम गोलियां खानी पड़ेगी। क्योंकि पहले उन्हें सात अलग-अलग टैबलेट खाने पड़ते थे।
  • बच्चों के लिए घुलनशील टैबलेट होंगे जिससे वह आसानी से इनकी खुराक ले पाए।

किसे रहता है टी बी का ज्यादा खतरा

  • जिन लोगो में इम्यूनिटी कम होती है उनको टी बी का खतरा ज्यादा रहता है।
  • जो लोग अच्छा खान-पान नहीं करते, ज्यादा धूम्रपान करते है, अंधेरी और सीलन वाली जगहों पर रहते है उनको टी बी का खतरा अधिक होता है।
  • इसके अतिरिक्त स्टेरॉयड लेने वालों, डायबिटीज़ के मरीज़ों और एचआईवी मरीज़ों को भी इसका खतरा बना रहता है।
  • टी बी की बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे होते हैं।

टीबी से डरे नहीं, लड़े

  • यदि किसी को टीबी होती है तो उसे डरना नहीं चाहिए आपको बता दे कि टीबी का इलाज पूरी तरह मुमकिन है।
  • हाल ही में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने यह बताया था की एक वक्त वह टीबी से पीड़ित थे और उपचार से वह पूरी तरह से ठीक हो गए।
  • इसलिए इस बीमारी से घबराये नहीं बल्कि सही समय पर इसका इलाज करवाए।