बच्चों का स्वभाव बहुत चंचल होता है जिसके कारण वह एक स्थान पर नहीं टिकते है। बच्चों के यह गुण सबको अच्छे लगते है।

परन्तु जब बात उनके पड़ने की आती है तो इस प्रकार की चंचलता का होना सही नहीं होता है। क्योंकि इसके कारण उनका मन एक जगह पर टिकता नहीं है और वह एकाग्रता के साथ पढ़ाई नहीं कर पाते है।

बच्चों को आगे बढ़ने और मानसिक विकास के लिए एकाग्रता का होना बहुत ही जरूरी होता है। इसलिए आप कुछ उपायों के द्वारा अपने बच्चे की एकाग्रता को बढ़ाने में मदद कर सकते है।

एकाग्रता में वृद्धि के लिए बच्चों को योग कराना अच्छा होता है। इसके अतिरिक्त अन्य तरीके भी है जो आपको मदद कर सकते है। तो चलिए जानते है How to Improve Concentration in Kids के बारे में।

How to Improve Concentration in Kids: एकाग्रता बढ़ाने के आसान तरीके

How to Improve Concentration in Kids

पौष्टिक भोजन

  • एकाग्रता को बढ़ाने के लिए पौष्टिक भोजन महत्पूर्ण भूमिका निभाते है।
  • पौष्टिक भोजन करने से बच्चों का मानसिक विकास तो होता है साथ ही वह स्वस्थ्य भी रहते है।
  • इसके लिए आप अपने बच्चों को हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दाल और वह सारे उत्पाद जिसमे विटामिन और प्रोटीन होता है वह खिला सकते है।

आसपास के वातावरण पर ध्यान दे

  • यदि आप चाहते है की आपके बच्चे में एकाग्रता बढ़े तो उसके इसके लिए उसके आसपास का वातावरण अच्छा होना चाहिए।
  • वातावरण अच्छा होने से बच्चे का मन एक काम में लगा रहता है। इसलिए आ पास के वातावरण को खुशनुमा रखे।

पर्याप्त नींद जरुरी

  • एकाग्रता के लिए नींद का पूरा होना भी ज़रुरी होता है।
  • नींद पूरी होने से शरीर स्वस्थ रहता है और बच्चे फ्रेश महसूस करते है जिसके कारण उनमें एकाग्रता बढ़ती है।

गेम खिलवाये

  • गेम खेलना बच्चों को अच्छा लगता है साथ ही वह खेल खेल में बहुत सी चीजें सीखते भी है।
  • इसलिए आप खेल खेल में ही उनकी गतिविधियों को थोड़ा और मज़ेदार बनाने की कोशिश करे ।
  • गैजेट्स, टैबलेट्स और कंप्यूटरों को दूर रखें और बच्चों को नियमित खिलौनों के साथ खेलने की सुविधा प्रदान करें। यह एकाग्रता बढ़ाने के लिए अच्छा होता है।

योग और व्यायाम

  • योग और व्यायाम को करने से भी आप बच्चों में एकाग्रता को बढ़ा सकते है।
  • योग और व्यायाम शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।
  • इससे बच्चों में एकाग्रता में वृद्धि होती है साथ ही स्मरण शक्ति का भी विकास होता है।
  • इसलिए अपने बच्चों को नियमित रूप से योग और व्यायाम करवाए।

ऊपर दिए गए उपायों के अतिरिक्त आप अपने बच्चों की दिनचर्या को भी निर्धारित कर सकते है उसके लिए टाइम टेबल प्लान करे, सकारात्मक विचारों को बढ़ावा दे, मल्टी-टास्किंग करने से बचाये। आप अभी से ही बच्चों पर ध्यान दे ताकि आगे चलकर उनके साथ स्वास्थ्य समस्याएं न हो और वे एक स्वस्थ्य जीवन बिता सके।