जब भी छोटा बच्चा जन्म लेता है तो उसके सर की बनावट एकदम सही नहीं होती है| कभी उसका सर चपटा हो सकता है तो कभी थोड़ा बहुत कोण जैसा|

जन्म के दौरान नवजात के सिर पर हल्का सा दवाब पड़ता है और इस कारणवश उसके सिर में अंतर आ जाता है| लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की शिशु का सर जिंदगी भर ऐसा ही रहेगा|

यदि आप शुरुआत में ही इस चीज़ पर ध्यान दे देते है तो आप अपने शिशु के सर को गोल आकार दे सकती हैं। हालांकि शुरुआत के कुछ दिनों तक शिशु के सिर का विशेष तौर पर ख्याल रखना जरुरी ही होता है|

शिशु के सिर का ऊपरी हिस्सा जिसे फॉन्टानेल कहते हैं वह काफी नाजुक होता है। यदि आप अपने बच्चे को गलत तरीके से सुलाते है तो इससे उसका सर गलत बनावट ले सकता है और जिंदगी भर वैसे ही बने रहेगा| तो चलिए आज के लेख में हम जानते है How to Make Baby Head Round.

How to Make Baby Head Round: इन तरीको से बनाये शिशु के सिर को गोल

How to Make Baby Head Round

राई का तकिया

  • राई का तकिया बहुत सॉफ्ट होता है और आपका शिशु इस पर कम्फर्टेबल होकर सो पाता है|
  • इस पर सर रखकर सोने से आपके बच्चे में जो छोटे मोटे अंतर है वो आसानी से ठीक हो जाते है|
  • इस तकिये की खासियत यह है की जब आपका बच्चा करवट लेता है तो यह अपने आप उसके सिर के हिसाब से एडजस्ट हो जाता है|
  • आपके बच्चे के 8 से 9 महीने की उम्र के होने तक आप इस तकिये को इस्तेमाल कर सकते है|

बच्चे को पेट के बल भी लिटाएं

  • जब बच्चा सोता है तो ज्यादातर पीठ के बल ही सोता है|
  • इसलिए जब शिशु जागा हुआ हो, तो उसे ज्यादा से ज्यादा पेट के बल लिटाने की कोशिश करे|
  • क्योंकि हर वक्त पीठ के बल सोने से बच्चे के सिर पर दवाब पढता है और सिर चपटा हो सकता है|
  • इसके अतिरिक्त दोनों तरफ की करवट पर भी सुलाएं|

सिर की हलकी मालिश

  • कुछ लोग ऐसा मानते है की नवजात के सिर की मालिश करने से सिर का शेप सही हो जाता है|
  • वैसे तो इसके दिखाई देने वाले परिणाम नहीं मिलते लेकिन मालिश से मिलने वाले फायदे जरूर मिलते है|
  • गलती से भी सिर को शेप में लाने के लिए सिर पर दबाव ना डाले नहीं तो आपके बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है|

शिशु के आसपास खिलौने रख दें

  • अगर आपने गौर किया तो बच्चे एक तक पंखे को देखते रहते है|
  • इसके लिए अपने शिशु के आसपास पल्स्टिक के छोटे छोटे लाल पिले रंग के फ्रूट रख दे|
  • वह खिलोने देखकर दूसरी तरफ मुड़ते है| क्योंकि हमें बच्चे को एक ही स्थिति में नहीं रखना होता है|