Dysmenorrhea: महिलाओं में होने वाले कष्टप्रद मासिक धर्म के कारण पहचाने

मासिक धर्म होना महिलाओं के लिए एक आम सी बात होती है। यदि मासिक धर्म सामान्य तौर पर हो तो कोई समस्या नहीं है परन्तु यदि इसके होने के वक़्त दौरान बहुत अधिक पीड़ा हो रही हो तो यह एक गंभीर समस्या बन जाती है। इसके कारण दूसरी समस्याएं भी बढ़ने लग जाती हैं।

चिकित्सकीय भाषा में इसे डिसमेनोरीया कहा जाता है। डिसमेनोरीया को कष्टार्तव के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी अवस्था होती है जिसमे माहवारी के समय गर्भाशय में बड़ी असहनीय पीड़ा होने लग जाती है।

अधिकांश महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान मामूली दर्द होता हैं। आपको बता दे की कष्टार्तव के समस्या की पहचान तब की जाती है जब असहनीय पीड़ा की वजह से दैनिक क्रिया-कलाप में भी रुकावट आने लग जाती है।

इसमें दर्द इतना बढ़ जाता है की इलाज की आवश्यकता होती है।इसमें दर्द मासिक धर्म होने के कुछ दिन पहले से ही शुरू हो जाता है। जानते है Dysmenorrhea क्या है और इसके लक्षण तथा इसकी रोग अवधि।

Dysmenorrhea: क्या है और इसके लक्षणों की जानकारी

Dysmenorrhea (Menstrual Cramps) in Hindi

डिसमेनोरिया/कष्टयुक्त मासिकस्राव क्या है?

डिसमेनोरिया प्रत्येक महीने होने वाले मासिक धर्म के तुरन्त पहले या मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन की समस्या, जिसे इंग्लिश में Period Cramps कहा जाता हैI

यह दो प्रकार का होता है:-

  • प्राथमिक या प्राइमरी
  • द्वितीयक या सेकेंडरी

प्राथमिक या प्राइमरी: यह सामान्य दर्द और ऐंठन को कहते है। यह महिला के मासिक धर्म शुरू होने के एक से दो वर्षों के अंदर होता है। इसमें दर्द अक्सर पेट के निचले हिस्से या पीठ के निचले हिस्से में ही होता है।

द्वितीयक या सेकेंडरी: यह महिला के जननांगों में किसी विकार के कारण उत्पन्न हुए दर्द को कहते हैं। अक्सर इसमें दर्द मासिक चक्र के शुरुआत में प्रारम्भ होता है साथ ही सामान्य ऐंठन की अपेक्षा अधिक वक्त तक बना रहता है।

डिसमेनोरिया के लक्षण

  • पेट में दबाव का एहसास होना।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • इस समस्या में कूल्हे, पीठ का निचला हिस्सा और जांघों के अंदरूनी भाग में दर्द होता है।

डिसमेनोरिया के अन्य लक्षण

  • जी मचलाना
  • उलटी होना
  • दस्त की समस्या होना
  • हमेशा शरीर में थकावट बने रहना
  • शरीर में कमजोरी महसूस होना
  • चक्कर आना
  • सिर दर्द रहना
  • प्राथमिक डिसमेनोरिया में मानसिक धर्म के पहले और दूसरे दिन ज्यादा दर्द रहता है जो फिर धीरे धीरे कम होने लगता है।
  • द्वितीयक डिसमेनोरिया में मानसिक धर्म के समय के पहले से दर्द शुरू हो जाता है और दिन प्रति दिन दर्द ओर ज्यादा बढ़ता जाता है।

डिसमेनोरिया के कारण

प्राथमिक डिसमेनोरिया, यह प्रोस्टाग्लेंडिन नामक हार्मोन (जो पीरियड्स के दौरान गर्भाशय के संकुचन के लिए उत्तरदायी होता है) की सक्रियता बढ़ने के कारण होता है।

द्वितीयक डिसमेनोरिया के कारण

  • गर्भाशय की भीतरी दीवारों पर कैंसर रहित गठानें (फ़िब्रोइड)
  • एडिनोमायोसिस, एन्डोमेट्रियोसिस (स्त्री रोग)
  • यौन सम्पर्क द्वारा प्रसारित संक्रमण (एसटीआई)
  • पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (पीआइडी)
  • अंड ग्रंथि में थैलीनुमा रचना या गठान

डिसमेनोरिया के लिए करवाए ये जाँचे

  • अल्ट्रासाउंड करवाए – अल्ट्रासाउंड में किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होता है। इसमें साउंड वेव्स के जरिये कंप्यूटर पर ब्लड वेसल्स, टिशूज और ऑर्गन को देखा जाता है। सभी ऑर्गन्स सही तरीके से काम कर रहे की नहीं और साथ ही ब्लड फ्लो ठीक है या नहीं यह देखा जाता है।
  • लेप्रोस्कोपी करवाएं – यह एक पतला ट्यूब होता है जिसमें लेंस और लाइट होती है जिससे आप श्रोणि और पेट में होने वाली एब्नार्मल ग्रोथ के बारे में जान सकते है।
  • हिस्ट्रोस्कोपी करवाएं – इस जांच में ग्रीवा (Cervix) और गर्भाशय के अंदर का चेक अप किया है।

डिसमेनोरिया की समस्या से ऐसे करें सामना

गर्म पानी का इस्तेमाल

  • कई हद तक अपने दर्द को कम करने में गर्म पानी कारगार होता है।
  • आप गर्म पानी की बॉटल का इस्तेमाल कर के अपने दर्द वाली जगह पर सिकाई कर सकते है।
  • आपको ध्यान रखना चाहिए कि ज्यादा गर्म पानी न हो, यह अपनी स्किन को प्रभावित कर सकता है।
  • आपको गर्म पानी से नहाना चाहिए यह भी आपको दर्द से छुटकारा दिलाता है और साथ ही रिलैक्स करता है।

एक्सरसाइज करें

  • ऐसे समय में आप एक्सरसाइज करने की हालत में नहीं होती है लेकिन अगर आप कुछ फिजिकल एक्टिविटी करेंगी तो इससे आपको दर्द में राहत मिलेगी।
  • एक्सरसाइज में आप हल्की फुलकी स्ट्रेचिंग कर सकती है और इसके अलावा जॉगिंग करें इससे आपको फायदा मिलेगा।

रिलैक्स रहें

  • आपको प्रॉपर रेस्ट करना चाहिए और साथ ही अपने आप को रिलैक्स रखें ज्यादा सोचे न।
  • अगर आप कुछ काम कर रही है तो आपको थोड़ी थोड़ी देर बीच में रूक रूक के काम करना चाहिए।
  • मैडिटेशन और योगा की मदद लें और अपने आप को रिलैक्स रखें।
  • अपने आप को डिस्ट्रक्ट करने की कोशिश करें जिससे दर्द का आभास कम जो जाएगा।

ज्यादा पानी पीए

  • आपको दर्द से राहत के लिए ज्यादा पानी पीना चाहिए इससे दर्द में लाभ होगा।
  • अगर आप चाहे तो दिन में 2 से 3 कप तक ग्रीन टी पी सकते है इससे भी फायदा होगा।
  • ग्रीन टी दर्द की समस्या से राहत दिलाने में कफी हद तक सक्षम होता है।

डिसमेनोरिया का इलाज

  • इसका अगर सही समय पर इलाज करवा लिया जाये तो आप जल्दी ही ठीक हो सकते है।
  • दर्द से राहत पाने के लिए आप दर्द निवारक दवाइयों का भी सेवन कर सकते है।
  • इसी के साथ आप अन्य घरेलु उपचार भी कर सकते है।
  • अगर आपको इस सब इलाजों से किसी भी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ता तो डॉक्टर्स आपको शल्यक्रिया का सुझाव देते है।

यहाँ हमने आपको बताया कि डिसमेनोरिया की बीमारी क्या होती है। साथ ही आप किस तरह से इस समस्या से राहत पा सकते है।


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