शरीर को सभी पोषक तत्व और विटामिन की आवश्यकता होती है, उनकी कमी होने से हमारा शरीर कई रोगों से ग्रसित हो जाता है।

शरीर में आयरन का होना भी बहुत ही आवश्यक होता है, इसकी कमी हो जाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा में कमी आ जाती है। जिसके कारण एनीमिया जैसी बीमारी हो जाती है। जिसे रक्ताल्पता का रोग के नाम से भी जाना जाता है।

शरीर में आयरन होने से हीं वह लाल रक्त कोशिकाओं को बनाता है। लाल रक्त कोशिकाएं शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण का कार्य करता है और यदि शरीर में हीमोग्लोबिन कम होता है तो ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। हीमोग्लोबिन का कार्य ही होता है की वह फेफड़ों से ऑक्सीजन को लेकर खून में ऑक्सीजन को पहुँचता है।

एनीमिया होने से कई बीमारिया हो जाती है। जानते है Iron Deficiency Anemia के बारे में विस्तार से।

Iron Deficiency Anemia: जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव

Iron Deficiency Anemia

हीमोग्लोबिन का स्तर

पुरूष के शरीर में 13-16 मिलिग्राम प्रति डेसिलीटर हीमोग्लोबिन का स्तर होने पर वह स्वस्थ्य माना जाता है और महिला में 12-14 मिलिग्राम प्रति डेसिलीटर हीमोग्लोबिन होना आवश्यक होता है।

एनीमिया के लक्षण

एनीमिया होने पर कई लक्षण दिखने लगते है जैसे –

  • चक्कर आना
  • आँखों का पीला होना
  • कमजोरी और थकावट का अहसास होना
  • सीने में ऐठन होना और छाती में दर्द होना
  • नाखूनों का पीला होना
  • त्वचा में पीलापन आना
  • चेहरे का मुरझाना
  • हाथ पैरों का ठंडा होकर उनमें दर्द होना

हल्के एनीमिया होने पर इसके लक्षण सही से समझ नहीं आते है

  • सांस फूलना
  • सिर में दर्द रहना
  • हाथों व् पैरों का ठंडा हो जाना
  • हृदय की धड़कन तेज या फिर असामान्य होना
  • लेट के उठने पर आँखों के सामने अंधेरा छा जाना

एनीमिया की वजह

  • महिलाओं को पीरियड के समय अधिक ब्लीडिंग होने से भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • खानपान में लापरवाही बरतने से भी इसकी समस्या उत्पन्न होती है। यदि शरीर में पोषक तत्वों, विशेषकर आयरन और फॉलिक एसिड की कमी होने से एनीमिया की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • गर्भावस्था के दौरान भी यदि आयरन और फॉलिक एसिड की कमी होती है तो भी एनीमिया के होने की आशंका हो जाती है। इसलिए गर्भवती महिलाओ को इनका सेवन कराया जाता है।
  • किसी कारणवश सर्जरी होने या फिर कोई चोट लगने पर यदि शरीर से अधिक मात्रा में रक्तस्राव होता है तो भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है।

एनीमिया की अन्य वजहें

विटामीन बी-12 की अल्पता के कारण

  • यदि शरीर में विटामीन बी-12 की कमी होती है तो परनीसीयस एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • परनीसीयस एनीमिया की समस्या उन लोगो को ज्यादा होती है जो लोग शुद्ध शाकाहारी होते है या फिर लंबे समय से शराब का सेवन करते है।
  • खून की कमी के कारण
  • दवाओं के दुष्प्रभाव से
  • लीवर की बीमारियां
  • थायरॉयड की समस्या होने पर
  • कैंसर के कारण
  • टीबी या एड्स जैसी गंभीर बीमारी होने पर
  • वंशानुगत समस्याएं
  • कुछ दवाइयों के साइडइफेक्ट्स के कारण
  • किडनी की अनियमितता की समस्या या फिर किडनी फेल हो जाने के कारण

कैसे करे इसका बचाव

  • एनीमिया की समस्या से बचने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका होता है संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करना।
  • फल जिनसे खून बढ़ता है उनका सेवन करना चाहिए जैसे तरबूज, खजूर, सेब, किशमिश, अंगूर और अनार आदि।
  • हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन करने से भी आयरन की मात्रा की पूर्ति होती है। इनके लिए पत्तागोभी, पालक, गोभी, शलजम और ब्रोकोली का सेवन करना बहुत ही अच्छा होता है।
  • सूखे मेवे का भी सेवन कर सकते है जैसे बादाम, खजूर और किशमिश का पर्याप्त मात्रा में सेवन करे यह भी आयरन के अच्छे स्त्रोत होते है।
  • आयरन और फॉलिक एसिड की गोलिया बाजार में उपलबध रहती है। डॉक्टर से जांच के बाद उन दवाओं का सेवन करने से भी एनीमिया को दूर किया जा सकता है।
  • चुकंदर में आयरन बहुतायत में पाया जाता है इसके लिए सेवन करना बहुत ही लाभकारी होता है। चुकंदर को अपने भोजन का आहार बना ले। इसे आप सलाद और सब्जी के रूप में भी प्रयोग कर सकते है।

आयरन की कमी का कैसे पता करे

  • यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क करे।
  • आयरन की कमी का पता लगाने के लिए ferritin टेस्ट किया जाता है। जिसमे खून के सैंपल की आवश्यकता होती है। जो आपके शरीर से लिया जाता है।

आयरन की अधिकता से हो सकते है नुक़सान

  • आयरन का सेवन एक उचित मात्रा में करना भी जरुरी होता है। नहीं तो इससे नुक्सान भी हो सकते है।
  • आयरन की अधिक मात्रा शरीर में होने से दिल से सम्बंधित बीमारियों के होने का खतरा होता है। और इसके अधिक सेवन से लीवर भी खराब हो सकता है।
  • आयरन के अधिक सेवन से कैंसर होने का भी खतरा रहता है।
  • डॉक्टर बताते है की आयरन की कमी को पूरा करने के लिए ज्यादा मात्रा में आयरन की टैबलेट्स लेना भी सही नहीं होता है।

उपरोक्त जानकारी से आपको पता चल ही गया होगा की आयरन आपके शरीर के लिए कितना आवश्यक होता है। इसकी पूर्ति आप अपने दैनिक आहार से आसानी से कर सकते है इसलिए संतुलित आहार लेना शुरू कर दे और जितना हो सके आयरन की दवाओं का सेवन कम करे इसकी जगह पर प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले सब्जियां, फल और मेवे का सेवन करे। साथ ही व्यायाम और योग भी कर सकते है यह आपके रक्त संचार को सुचारु रूप से चलाने में सहायता करेगा।शराब का सेवन से जितना हो सके दूर ही रहे।