शरीर में पानी की कमी का होना डिहाइड्रेशन की समस्या कहलाता है। हमारे शरीर को सुचारु रूप से कार्य करने के लिया पर्याप्त पानी की आवश्यकता पड़ती है।

आपको बता दे की गर्भावस्था के दौरान भी पानी की कमी हो सकती है। एक गर्भवती महिला को सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक पानी का सेवन करना चाहिए, क्योंकि पानी आपके बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जल गर्भधारण के दौरान पोषक तत्वों को प्राप्त करने के लिए नाल बनाने में मदद करता है। गर्भावस्था के समय आप और आपके बच्चे दोनों को पर्याप्त मात्रा में पानी चाहिए होता है।

गर्भवती महिला के डिहाइड्रेट होने पर उसे और उसके होने वाले बच्चे दोनों को खतरा हो सकता है। इसीलिए गर्भवती महिला को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। जानते है Symptoms of Dehydration During Pregnancy के बारे में।

Symptoms of Dehydration During Pregnancy: जानिए इसके लक्षण, प्रभाव और इससे बचने के उपाय

Symptoms of Dehydration During Pregnancy

डिहाइड्रेशन होने के लक्षण

गर्भावस्था के दौरान डिहाइड्रेशन होने पर शरीर कई संकेत देता है, जरुरत है उसे सही समय पर पहचानने की और उसका उपचार करने की। डिहाइड्रेशन अर्थात निर्जलीकरण का एक आम लक्षण “गर्भाशय में गर्मी महसूस होना” होता है। आईये जानते है इसके अन्य लक्षणों के बारे में।

  • मुंह का चिपचिपा हो जाना
  • प्यास अधिक लगना
  • पेशाब की कमी
  • सिर में दर्द होना
  • कब्ज की समस्या
  • चक्कर आना
  • चिड़चिड़ापन होना
  • कम या कोई मूत्र नहीं होना
  • धंसी हुई आंखें दिखना
  • बहुत गहरा मूत्र आना
  • मुंह और तालू में हमेशा सूखापन रहना
  • छोटे-छोटे कार्य करने पर थकान होना

गर्भवती महिलाओं पर डिहाइड्रेशन के प्रभाव

गर्भावस्था के दौरान डिहाइड्रेशन के कारण गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। जैसे –

  • न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स
  • बच्चे के जन्म के बाद माँ के शरीर में दूध कम मात्रा में बनना
  • बच्चे का जन्म समय से पहले होना
  • जन्म दोष
  • समय से पहले लेवर पैन होना

कैसे करे डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाव

  • डिहाइड्रेशन की समस्या से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है की आप दिन भर भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें।
  • यदि आप अपच का अनुभव कर रही हैं तो खाना खाते समय पानी का सेवन करने की जगह दूसरे तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • जितना हो सके तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • आप दूध, प्राकृतिक फलों के रस और सूप भी पी सकती हैं।
  • प्रतिदिन कम से कम 8 से 12 गिलास कोई भी तरल पदार्थ जरूर पियें।
  • कैफीन युक्त उत्पादों से बचाव करना एक अच्छा विकल्प होता है, क्योंकि कैफीन आपके मूत्र उत्पादन को बढ़ा सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।

अब तो आप समझ ही गयी होंगी की पानी पीना आपके और आपके बच्चे के लिए कितना ज़रूरी है। समय समय पर पानी पीना न भूलें और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।