Yoga for Constipation: कब्ज की समस्या से निजात दिलाने में फायदेमंद योगासन

कब्ज एक ऐसी समस्या है जिससे अधिकतर लोग परेशान रहते है। ज्यादा तला भुना भोजन करने से यदि किसी को कभी कभार यह समस्या हो जाये तो यह सामान्य बात होती है। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी हुई रहती है तो पीड़ित व्यक्ति परेशान हो जाता है।

हर किसी को कब्ज होने पर इसकी वजह से अलग अलग प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों के लिए इसमें असामयिक मल उत्सर्जन हो सकता है, तो वही कुछ लोगो को इसमें मल त्यागने में बहुत कठिनाई की समस्या भी हो सकती है।

यदि आपको बार बार ही इस प्रकार की परेशानी हो रही है तो इस समस्या का मूल कारण अस्वास्थ्यकर जीवनशैली हो सकती है। इसके पीछे कई और कारण भी होते हैं जैसे आराम ना करना, जंक फूड का अधिक सेवन, गलत टाइम पर उठना सोना, बिलकुल व्यायाम ना करना आदि।

इसके अलावा भोजन में फाइबर की कमी और पानी का सेवन कम करना भी कब्ज का एक कारण है। यदि इसका जल्द से जल्द हम निदान ना करे तो यह पेट के विकारो का कारण बन जाता है। अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ शामिल करें और कुछ असरकारी Yoga for Constipation को अपनाकर भी आप कब्ज की समस्या से निजात प्राप्त कर सकते है।

Yoga for Constipation: प्राकृतिक तरीके से कब्ज की समस्या से पाए छुटकारा

Yoga for Constipation

कैसे होता है कब्ज?

  • जब हम तली भुनी और मसालेदार चीजे खा लेते है और वह अच्छे से पेट में पच नहीं पाती है तो उसके कारण पेट ख़राब हो जाता है।
  • साथ ही जंक फ़ूड का अत्यधिक सेवन भी पेट को नुकसान पहुँचाते है।
  • इसके अलावा जब पेट में फायबर कम मात्रा में होता है तो यह भी अपच का कारण बनता है। साथ ही पानी कम मात्रा में पीना भी इसका मुख्य कारण होता है।

कब्ज के लक्षण

  • मल त्यागने में दबाव पड़ना।
  • पेट में दर्द और ऐंठन होना।
  • फूला हुआ पेट।
  • अनियमित या कम मात्रा में मल त्याग।

उपरोक्त लक्षणों के होने से आपको कब्ज की शिकायत हो सकती है जिसके लिए आप योग का सहारा ले सकते है और अपने पेट को स्वस्थ रख सकते है। जानते है इसके लिए कौन कौन से योग किये जा सकते है।

हलासन: Halasan

  • इस आसन में शरीर की आकृति खेत जोतने में इस्तेमाल किये जाने वाले हल की तरह हो जाती है इसलिए इसे हलासन कहते है।
  • यह आसान यकृत और आंत को आराम प्रदान करता है
  • इसके अलावा इसे नियमित रूप से करने से श्रोणि क्षेत्र में रक्त परिसंचरण बढ़ता है। जिससे पाचन शक्ति बढ़ती है।
  • अपच और कब्ज जैसी समस्याओं को भी दूर करने के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास कर सकते है।
  • साथ ही इस आसन को करने से पेट की चर्बी को भी कम किया जा सकता है जिससे आप अपने बढ़ते वजन को भी काबू में कर सकते है।
  • इस आसन का अभ्यास करने से चेहरे की खूबसूरती को भी बढ़ाया जा सकता है।

तितली आसन: Butterfly Asana

  • इस आसन को करते समय आपके शरीर की मुद्रा तितली की तरह दिखती है इसलिए इसे तितली आसन कहते है।
  • यह आसन हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मददगार है। साथ ही इससे जांघो की चर्बी भी कम होती है।
  • इस आसन को नियमित रूप से करने पर गैस, ऐंठन और पेट की सूजन में राहत मिलती है।
  • यदि तनाव के चलते आपका पाचन तंत्र गड़बड़ रहता है तो यह तनाव को दूर कर पाचन को ठीक करता है।
  • पेट के अतिरिक्त यह आसन लम्बे समय तक खड़े रहने पर होने वाली समस्याओं को भी दूर करता है और चलने के कारण होने वाली थकान को भी दूर करता है।
  • महिला के लिए भी यह आसन बहुत ही लाभकारी होता है उनके होने वाली कठिनाई को भी दूर करने में मदद करता है खास कर गर्भावस्था के दौरान।

मयूरासन: Mayurasan

  • इस आसन को करते वक्त आपका शरीर मोर की तरह आकार लेता है, इसलिए इसे Mayurasana नाम दिया गया है।
  • जब आप यह आसान करते है तो पेट पर दबाव बनता है जो प्लीहा और यकृत एनलार्ज्मेंट्स को कम कर देता है।
  • इस आसन को नियमित करने से आंत मजबूत होती है और पाचन तंत्र बेहतर बनता है इसलिए Constipation Relief के लिए यह बेहतरीन उपाय है।
  • यह आसन पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है जिससे पेट संबंधी समस्याएं जैसे पेट में दर्द रहना, पेट साफ ना होना, गैस बनना, कब्ज, अपच, वायु विकार आदि समस्याएं भी दूर हो जाती है।
  • इसके नियमित अभ्यास से रक्त का संचार भी अच्छे से होने लगता है। जिससे शरीर भी स्वस्थ्य रहता है।

पवनमुक्तासन: Pawanmuktasana

  • यह उदर के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद आसन है। इसलिए कब्ज से पीड़ित लोगों को इसे ज़रूर करना चाहिए।
  • यह आसन पेट के कई विकार जैसे कब्ज, अपच व पाचन संबंधी अन्य विकार को दूर करने में मदद करता है।
  • इसके अलावा यह अम्लपित्त जिसे Acid reflux भी कहते है उससे भी राहत दिलाता है।
  • साथ ही यह आसन भी पेट की समस्याओं से निजात दिलाने के साथ साथ पेट की चर्बी को भी कम करने में मदद करता है। जिन लोगो को फ़्लैट टमी चाहिए वह इस आसन का नियमित अभ्यास कर सकते है।
  • पेट को स्वस्थ्य रखने के लिए यह बहुत ही अच्छा आसन होता है।

अर्ध मत्स्येंद्रासन: Ardha Matsyendrasana

  • यह आसन भी पेट के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। यह जिगर, गुर्दे, पेट, अग्न्याशय आदि के अंगो को उत्तेजित करता है।
  • मल त्यागने में सुधार करने के लिए भी इस आसन का अभ्यास उत्तम होता है साथ ही यह कब्ज से राहत दिलाने में भी मदद करता है।
  • इस आसन को करने से फेफड़ों को ऑक्सीजन सही मात्रा में और ठीक से मिलती है।
  • जो लोग मोटापे से परेशान है उनके लिए भी यह आसन किसी वरदान से कम नहीं होती है। इसका नियमित अभयास वजन को कम करने में मदद करता है।

इस तरह उपरोक्त आसनो का अभ्यास कर के कब्ज की शिकायत को दूर किया जा सकता है। आपको चाहिए की आप आसनो का नियमित रूप से अभ्यास करे तभी यह फ़ायदेमंद होंगे।
उपरोक्त आसनो के अतिरिक्त उत्तानपादआसन, सूर्य नमस्कार, नौकासन, वक्रासन, धनुरासन और भुजंगासन का अभ्यास भी कब्ज के लिए अच्छा होता है। इसलिए यदि आपको इन आसनो का अभ्यास करने में आसानी होती है तो आप इन्हे भी आसानी से कर सकते है।

नोट – यदि आप योग को करने के लिए नए है तो आपको आसन का अभ्यास कुशल प्रशिक्षक की उपस्थिति में करना चाहिए।


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