Yoga for Women: उम्र के अनुसार महिलाओ के लिए लाभकारी

योग का अभ्यास कोई भी किसी भी उम्र में कर सकता है। इसे बच्चे से लेकर पुरुष, स्त्री और बूढ़े बच्चे सभी कर सकते है। योग सभी के लिए लाभकारी होता है। इसलिए आज सभी को अपने दैनिक जीवन में इसे शामिल कर लेना चाहिए।

आज के इस युग में पुरुषों के साथ साथ महिलाओ को भी कई कार्य करने पड़ते है। वह घर के साथ – साथ बाहर के कामों को भी करती है। संपूर्ण परिवार की ज़िम्मेदारी भी उन पर होती है। इसलिए महिलाओ का फिट रहना भी बहुत आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त महिलाओ को कई प्राकृतिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है जैसे गर्भवस्था के दौरान परेशानी, मासिक धर्म की समस्या आदि।

इन परेशानियों से छुटकारा पाने और खुद को स्वस्थ रखने के लिए महिलाओं को भी योग का अभ्यास करना चाहिए। महिलाओं को हर उम्र के पड़ाव पर शारीरिक और मासिक बदलाव से गुजरना पड़ता है इसलिए जानते है Yoga for Women किस तरह से उनके लिए सहायक है।

Yoga for Women: जानिए उम्र के मुताबिक फायदेमंद योग

Yoga for Women in Hindi

किशोरावस्था में योग

  • इस अवस्था में लड़कियों में हार्मोन्स से सम्बंधित परिवर्तन होते है।
  • जिसके कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान होती है।
  • इसके लिए इस अवस्था में सूर्यनमस्कार, सर्वांगासन, अश्विनी मुद्रा और वक्रासन को करना बहुत ही अच्छा होता है।
  • यह आसन एकाग्रता को बढ़ाने में सहायक होते है।
  • इन योग अभ्यासों के जरिये शरीर हार्मोन के बदलाव के लिए तैयार हो जाता है। जिसके कारण आने वाली परेशानियां दूर हो जाती है।
  • इन आसनो का अभ्यास नियमित रूप से करे।

20 से 30 उम्र तक के लिए योग

  • इस उम्र का पड़ाव लड़कियों के लिए बहुत ही अच्छा होता है क्योंकि इस उम्र में शरीर ऊर्जा से भरपूर होता है।
  • इस उम्र में उनमें कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते है जैसे की शादी, मातृत्व आदि।
  • इन परिवर्तन के कारण उनको कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है।
  • गर्भावस्था के दौरान होने वाली परेशानियों से बचने के लिए अनुलोम विलोम और भ्रामरी प्राणायाम को किया जा सकता है।
  • इसके अतिरिक्त सेतुबंधासन, बद्ध कोणासन, उत्कटासन और मार्जरीआसन को भी इस उम्र में किया जा सकता है।

30 से 40 साल के लिए योग

  • इस उम्र में महिलाओ को कई ज़िम्मेदारी को संभालना पड़ता है जैसे की घर परिवार, बच्चे और काम काज। जिसके चलते उन्हें कई तनाव भी सहने पड़ते है।
  • जिसके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से मजबूत रहने की आवश्यकता होती है।
  • इस उम्र में चक्कीचलनासन, सुप्त बंध कोणासन, कपालभाति, सूर्यनमस्कार और उज्जायी प्राणायाम को किया जा सकता है।

40 साल के बाद के लिए योग

  • इस उम्र में आने के बाद अधिकांश महिलाओ में कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियाँ कमजोर हो जाती है।
  • साथ ही मूड स्विंग की समस्याएं भी आती है।
  • इन सबसे छुटकारा पाने के लिए पद्मासन, बालासन, अश्विनी मुद्रा, पवनमुक्तासन और सुप्त बंध कोणासन को कर सकते है।