Alopecia Disease: जानिए एलोपेसिया के कारण और प्रकारों की जानकारी

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जब सिर के बाल बहुत कम रह जाते हैं तो यह स्तिथि को बाल्डनेस याने की गंजापन कहते है। गंजेपन की समस्या किसी में कम या किसी में अधिक हो सकती है। गंजापन को एलोपेसिया भी कहते हैं। इस समस्या में असामान्य रूप से तेजी से बाल गिरना शुरू हो जाते है।

लेकिन जितनी तेजी से बाल गिरते है उतनी तेजी से वापिस नहीं आ पाते। और यदि आ भी जाए तो उनकी क्वालिटी बहुत ख़राब होती है। इसलिए जब भी आपके बाल कम होने लगते है तो ध्यान दे। यह खतरे की घंटी है क्योंकि यह स्थिति गंजेपन की ओर जाती है।

इसके कारणों की बात करे तो इसके पीछे वंशानुगत कारण, उम्र का बढ़ना, हार्मोन में परिवर्तन आदि से यह रोग उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा भावनात्मक या शारीरिक तनाव की वजह से या एक खास ढंग से बाल को लंबे समय तक खींचे रखने से भी बाल कम होते हैं।

इसके अतिरिक्त गंभीर रूप से बुखार होने या बीमार पड़ने से भी यह रोग हो सकता है। कभी कभी यह बीमारी किसी खास चिकित्सीय कारण जैसे की कैंसर केमोथेरेपी या फिर विटामिन ए की अधिकता की वजह से भी हो सकती है। आइये आज के लेख में Alopecia Disease के बारे में विस्तार से जानते है।

Alopecia Disease:एलोपेसिया क्या है और इसके उपचार क्या हो सकते हैं

Alopecia Disease

एलोपेसिया के प्रकार:-

एंड्रोजेनिक एलोपेसिया

  • यह बीमारी महिलाओं की तुलना में पुरुषो में ज्यादा देखने को मिलती है, इसी कारण इसे मेन बाल्डनेस भी कहा जाता है।
  • यह सामान्य सिर के ऊपरी भाग से शुरू होता है और फिर सर के पीछे की ओर बढ़ता है।
  • यह बीमारी युवाकाल के बाद किसी भी उम्र में हो सकती है।
  • इस तरह की बीमारी में व्यक्ति पूरी तरह से बाल रहित भी हो सकता है।
  • इस तरह की बीमारी के लिए या तो अनुवांशिक कारण या टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन जिम्मेदार होते हैI

एलोपेसिया एरीटा

  • एलोपेसिया एरीटा एक तरह की ऑटोइम्यून डिजीज है।
  • जिसमे सर के कुछ स्थानों में कम या फिर कुछ मात्रा में बाल चले जाते है।
  • जिसके कारण सिर के किसी भी हिस्से में एक पेच के रूप में बाल गिर जाते है।
  • माना जाता है की यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण होता है।

ट्रेक्शन एलोपेसिया

  • ट्रेक्शन एलोपेसिया के होने का कारण लम्बे समय तक बालों का एक ही ढंग से खीचे रहना होता है।
  • जैसे की यदि आप एक ही तरह हेयर स्टाइल रखते है या फिर एक ही तरह की चोटी करते है।
  • इसके लिए यदि आप हेयर स्टाइल बदल देते है या फिर बालों का खीचाव खत्म करते है तो बालों का गिरना रुक जाता है।

इसके उपचार कई प्रकार से किये जाते है जैसे:-

  • केश प्रत्यारोपण
  • कॉस्मेटिक उपचार
  • दवाओं के इस्तेमाल से
  • आयुर्वेदिक उपचार
  • घरेलू उपचार

एलोपेसिया को ठीक होने में कितना समय लगता है?

  • अक्सर एलोपेसिया के कुछ मामले उचित आहार और जीवनशैली के साथ कुछ महीनों में अपने आप ही ठीक हो जाते हैं।
  • कई लोगों के बाल वर्षों तक उगते और झड़ते रहते हैं।
  • कुछ केसेस में बाल रहित हिस्सों का आना और जाना कई महीनों और सालों तक चलता रहता है।
  • अत्यधिक तीव्र बाल झड़ने की स्थिति में बालों के पुनः विकसित होने के मौके कम होते हैं।

एलोपेसिया होने पर लेने योग्य आहार

  • बालों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार जैसे लीन प्रोटीन, फल और सब्जियाँ, वसायुक्त मछलियाँ जैसे कि इंडियन सैलमन, साबुत अनाज, दाल और कम वसा युक्त डेरी पदार्थ आदि बहुत फायदेमंद होते हैं
  • बायोटिन जैसे तत्व की कमी से आपके बाल भंगुर हो जाते है और बाल के झड़ने की समस्या में बढ़ोतरी हो सकती है। बायोटिन से परिपूर्ण खाद्य पदार्थ में साबुत अनाज, अंडे की जर्दी, चुकंदर, रोमैन लेट्यूस, सोया आटा, गाजर और टमाटर आदि शामिल किये जा सकते हैं।
  • मनुष्यों के बाल प्रोटीन से निर्मित होते हैं, इसलिए इसके अच्छे स्वास्थ्य के लिए आपको अपने भोजन में प्रोटीन की अच्छी मात्रा का सेवन करना चाहिए ताकि आपके बाल हमेशा स्वस्थ और मजबूत बने रहें। प्रोटीन के सबसे उत्तम स्रोत के लिए आप चिकन, मछली, डेरी उत्पाद और अंडे के साथ दालें और मेवे का भी सेवन कर सकते हैं।
  • बालों के लिए आयरन एक जरुरी खनिज पदार्थ होता है, और आयरन की अत्यंत कमी हो जाना भी बाल झड़ने का एक प्रमुख कारण है। दालें, पालक और अन्य बाजार में मिलने वाली हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे ब्रोकोली, केल तथा हरा सलाद आयरन का बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है।
  • विटामिन सी एक ऐसा तत्व है जो कोलेजन के बनने में बहुत सहायक होता है और यही ब्लड सर्कुलेशन करने वाली सूक्ष्म नलिकाओं को शक्ति प्रदान करता है। इसके उत्तम स्रोत के रूप में आप करौंदे, जामुन, कीवी फल, संतरे, पपीता, ब्रोकोली, अमरुद, स्ट्रॉबेरी और रतालू आदि का सेवन कर सकते हैं।
  • हमारे बालों के अन्दर होने वाले तैलीय ग्रंथियों में उत्पन्न होने वाले तैलीय पदार्थ जो सिर के स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए प्राकृतिक कंडीशनर के तौर पर काम करता है उसे सीबम कहते हैं और सीबम बनाने के लिए विटामिन ए बहुत आवश्यक होती है । इसके लिए आप अपने भोजन में पशुजन्य उत्पाद और नारंगी या पीले रंग की सब्जियों का सेवन कर सकते हैं।
  • इस सारे तत्व में बीटा-केरोटीन अधिक मात्रा होती है, जो विटामिन ए के निर्माण में मदद करता है। इनके उदहारण है गाजर, कद्दू और रतालू।
  • जिंक की कमी से भी आपके बाल झड़ते हैं और इसी कारण से सिर की स्किन ड्राय और पपड़ी युक्त हो जाती है। शक्तियुक्त अनाज तथा साबुत अनाज जिंक का एक बहुत अच्छा स्रोत होते हैं इनके अलावा सीप, बछड़े का माँस और अंडे भी जिंक के अच्छे स्रोत के तौर पर माने जाते हैं।

आज के इस लेख में आपने पढ़ा एलोपेसिया की समस्या से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ। हमने बताया की आखिर कैसे एलोपेसिया की समस्या होती है और इसके उपचार क्या क्या हो सकते हैं साथ हीं हमने बताया की इस समस्या से बचाव के लिए किस तरह का आहार लेना फायदेमंद होता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो ये लेख आपकी बहुत मदद करेगी।

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