आयुर्वेद एक ऐसी चीज है जहाँ पर हर समस्या के लिए प्राकृतिक तरीके मौजूद होते है जो हमें फायदा पहुंचाते है। आयुर्वेद का उपयोग प्राचीन काल से किया जाता आ रहा है।

यह बिमारियों को जड़ से मिटाने में बहुत ही लाभकारी होता है। परन्तु हमें इसका उपयोग का सही तरीका पता होना चाहिए अन्यथा यह फायदेमंद नहीं हो पाता। आयुर्वेद के द्वारा शरीर को भी स्वथ्य भी रखा जा सकता है।

पानी को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली चिकित्सीय उपकरण के रूप में माना जाता है और कुछ जड़ी-बूटियों या मसालों को भिगोने से इसकी चिकित्सा शक्ति बढ़ सकती है।

यह कई प्रकार की बीमारियों को जड़ से दूर करने में सहायक होता है और इसे इस्तेमाल का तरीका भी बहुत आसान होता है। तो चलिए जानते है कुछ Ayurvedic Herbal Water जिन्हे आप आसानी से घर में बना सकते है|

Ayurvedic Herbal Water: आपको सेहतमंद बनाए रखने में मदद करे

Ayurvedic Herbal Water

विजयसार का पानी

  • इसे इंडियन कीनो या मालाबार कीनो के नाम से जाना जाता है।
  • यह डायबिटीज़ को नियंत्रित करता है और मोटापे, एग्जिमा तथा डायरिया से भी राहत दिलाने में सहायता करता है।
  • इस पानी में मार्सुपसिन, एपीकाटेक्हिन और टेरोसुपसिन जैसे गुण पाए जाते है|
  • यह डायबिटीज़ में ब्लड ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में सहायक होते है।
  • इस प्रकार का आयुर्वेदिक नुस्खा हमारे शरीर में पैनक्रिआज में बीटा-सेल्स को भी नया बनाने में सहायता करता है।

इसे बनाने की विधि

वियजसार को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें| फिर सुबह में जब पानी हल्का भूरा रंग हो जाए, तब इस पानी को पी ले।

मेथी का पानी

  • घरों में इस्तेमाल होने वाली मेथी दाना का स्वाद हल्का कड़वा होती है।
  • परन्तु इसमें उपस्थित औषधीय गुण कई बीमारियों से बचाते हैं।
  • आपको बता दे की मेथी में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण भरपूर मात्रा में होते है।

इसे बनाने की विधि

मेथी को रात में पानी में भिगोकर रख दें और फिर सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। इससे कई बीमारियों दूर हो जाती है। इसका पानी शरीर से वाटर रिटेंशन को भी दूर करता है।

मेथी में उपस्थित अमिनो एसिड पैनक्रिआज में निकलने वाले इनसुलिन को भी कंट्रोल करने में मददगार होता है। इसी कारण डायबिटीज में व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रण में रहता है।

त्रिफला का पानी

  • त्रिफला अपने गुणों के कारण तीव्र कब्ज का इलाज करने के लिए जाना जाता है।
  • यह सामान्य रूप से पाउडर के रूप में उपलब्ध होता है। त्रिफला को पानी में मिलाया जाता है उसके बाद इस पानी का सेवन किया जाता है।
  • त्रिफला तीन फल से बना है, जैसे आंवला, बहेडा, हरड़

तुलसी का पानी

  • पवित्र माने जाने के अतिरिक्त तुलसी को इसके औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है।
  • पानी में भीगे हुए पत्ते त्वचा के लिए लाभकारी होते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करते हैं।
  • तुलसी में एंटीबायोटिक, एंटी-फंगल और जीवाणुरोधी गुण हैं जो बुखार और ठंड को रोकने में मदद करते हैं|
  • यह आपकी त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में भी फायदेमंद हैं।
  • इससे रक्त में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने और गुर्दे को शुद्ध करने में मदद मिलती है|