सोआ एक ऐसी सब्जी है जो पूरे साल उगती है। इसकी पत्तियो के साथ-साथ इसके बीज का प्रयोग दुनिया भर में मसले के रूप में  किया जाता है। सोआ को अम्बेलीफेरी परिवार का एक सदस्या कहा जाता है जो की अजवाइन, जीरा, सोंफ आदि का एक समूह है।

सोआ की घास को बढ़ने के लिए तेज गर्मी वाला वातावरण और बहुत पानी वाली उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है। यह 2 से 3 फीट लंबा हरे रंग का पौधा होता है। इसका स्वाद थोड़ा मीठा और यह अच्छी सुगंध वाला होता है।

सोआ का प्रयोग मसाले के अलावा अचार, सलाद और सूप बनाने में  भी किया जाता है। इसके साथ-साथ इसमे औषधीय गुण भी होते है। सोआ में मोनोटरपेन्स योगिक, फ्लावोनोइड्स, मिनरल्स और एमिनो एसिड भी पाया जाता है।

इसके अलावा सोआ के कई स्वस्थ लाभ भी होते है जैसे यह हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, अनिद्रा की समस्या दूर करता है आदि। यहां तक कि यह दस्त, कैंसर, पेचिस, सांस और मासिक धर्म संबंधी बीमारियो को भी दूर करने में मददगार है। आइये अब हम जानते है Dill Benefits in Hindi.

 

Dill Benefits in Hindi: जाने सोआ के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

Dill Benefits in Hindi

सोआ, हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ हमारी हड्डियो को मजबूत बनाने और मानसिक विकार की समस्या को दूर करने में भी मदद करता है।

 

पाचन तंत्र को ठीक करे

सोआ, खुद एक ऐपेटाइज़र है और इसका प्रयोग क्यूलिनरी एप्लीकेशन में किया जाता है। इसमे तेल की आवश्यक मात्रा पाई जाती है जो कि पित्त और पाचक रस को सक्रिय करने में मदद करती है। साथ ही यह तेल हमे कब्ज से राहत प्रदान करने, आँतो को वृत्तों में सिकुड़ने पर मजबूर करने और मल का त्याग करने में सहायता करते है।

 

अनिद्रा

सोआ में मोजूद लिमोनेने और यूजीनॉल तेल में विटामिन B काम्प्लेक्स की मात्रा पाई जाती है। जो हमारे शरीर में नींद को बढ़ावा देने वाले हॉर्मोन्स को बढ़ावा देते है। जिससे रात रात में नींद आती है। इस वजह से जिन लोगो को अनिद्रा की बीमारी होती है उनके लिए यह बहुत ही फयदेमंद होता है।

 

हड्डियो को मजबूत करे

सोआ में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है जो हमारी हड्डियो को मजबूत बनाने और उन्हे मजबूत बनाने वाले मिनरल्स को बढ़ाने में मदद करता है। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिससे हर साल लाखो लोग प्रभावित हो रहे है, और इसके होने का प्रमुख कारण लोगो में कैल्शियम और विटामिन डी (Vitamin D) की कमी होना होता है। रोजाना सोआ का सेवन करने से इस बीमारी को बढ़ाने से रोका जा सकता है।

 

मधुमेह

मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्तियो के लिए भी सोआ बहुत ही लाभकारी होता है। इसकी पत्तियो और बीज में लिमोनिट (जिसमे एंटीसेप्टिक गुण होते है) और यूजिनोल (जिसमे संवेदनाहारी गुण होते है) मौजूद होता है, जो की शरीर के लिए फायदेमंद होते है। यह तेल शरीर में शर्करा की मात्रा को कम करने और इंसुलिन के लेवल को बनाए रखने में मदद करते है।

 

मेटाबोलिज्म को मजबूत करे

इसके बीज के निकाले गये तेल में वातहर, पाचक और कीटाणुनाशक गुण भी होते है। इसके अलावा इसमे राइबोफ्लेविन, फोलिक एसिड, बीटा-कैरोटीन, विटामिन-ए (Vitamin A) और विटामिन-सी (Vitamin C) की भरपूर मात्रा होती है जो शरीर के मेटाबोलिज्म को मजबूत बनाने में मदद करते है।

 

हिचकी को दूर करे

व्यक्तियो को किसी प्रकार की एलर्जी, सक्रियता और तंत्रिका तंत्र के खराब होने पर हिचकी आने की समस्या हो जाती है। इसे दूर करने के लिए एक चम्मच सोआ के पाउडर को पानी में घोलकर पीने से आराम मिलता है।

 

घाव भरने और जलने में फायदेमंद

सोआ में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-सेप्टिक गुण होते है जो की शरीर को किसी भी प्रकार के बाहरी और आंतरिक संक्रमण से लड़ने में मदद करते है। इसके अलावा किसी प्रकार की चोट, घाव को भरने और जलने पर होने वाले संक्रमण को रोकने के लिए सोआ के बीजो का प्रयोग किया जाता है।

 

गठिया रोग

गठिया रोग को दूर करने के लिए सोआ एक जड़ी-बूटी की तरह काम  करता है। इसमे उपस्थित एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण इसका उपयोग प्राचीन कल से शरीर की सूजन, गठिया रोग और इससे होने वाले जोड़ो के दर्द को दूर करने में किया जा रहा है।

 

सोआ के अन्य फायदों को भी जाने

  1. सोआ में फ्लावोनोइड्स जैसे ज़रूरी तेल की मात्रा होती है जो की महिलाओ के मासिक धर्म के चक्र को नियमित रूप से बनाए रखने और ब्लड के नियमित प्रवाह को बढ़ावा देने वाले हॉर्मोन्स को बढ़ाने में मदद करती है।
  2. सोआ के बीज और पत्तियो में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते है। यह गुण दाँत और दाढ में लगने वाले कीड़े और मुंह के संक्रमण से बचाने में मदद करता है।
  3. शरीर में फंगल इन्फेक्शन के कारण पेचिस की समस्या होना आम बात है। इससे छुटकारा पाने के लिए सोआ की पत्तियो और बीज का इस्तेमाल करे।
  4. सोआ में पोटैशियम, कॉपर, मैंगनीज जैसे खनिज पदार्थ होते है जो की शरीर की कोशिकाओ, उच्च रक्तचाप और हृदय की धमनियो की गति को नियंत्रित करने में मदद करते है।
  5. इसमे कैलोरी की बहुत कम मात्रा पाई जाती है जो की कोलेस्टरॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है। साथ ही इसमे कई प्रकार के एंटी-ऑक्सीडेंट, फाइबर, नियासिन जैसे आवश्यक तत्व होते है जो की कोलेस्टरॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करते है।
  6. सोआ, हरे रंग की सब्जियो में गिना जाता है। इसका हरा रंग, शरीर की प्रक्रियाओ को सक्रिया करने और फ्री-रेडिकल्स को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे हृदय रोग और कैंसर जैसी समस्याओ से बचा जा सकता है।

 

यहाँ आपने जाना Dill Benefits in Hindi. शरीर को स्वस्थ्य बनाये रखना हमारे हाथ में है। इसलिए ऊपर बताये तरीको से आप एक स्वस्थ जीवन की आधारशिला रख सकते है।