मछली का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। क्योंकि मछली में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और सेचुरेटेड फैट की भरपूर मात्रा पायी जाती है, जो की शरीर के लिए फ़ायदेमंद होती है।

इसके सेवन से शरीर को सभी ना केवल सभी पोषक तत्व प्राप्त हो जाते है बल्कि कई बीमारियों से भी निजात मिलती है। इसके सेवन से कई बीमारियाँ जैसे हृदय सम्बन्धी रोग, रक्तचाप और मोटापा जैसे रोग भी दूर हो जाते है।

मछली का सेवन करने से सौन्दर्य में भी इजाफा होता है। साथ ही इसके सेवन से दिमाग तेज होता है और भुलाने की बीमारी से छुटकारा मिलता है। इसलिए आहार में मछली को ज़रूर शामिल करना चाहिए।

आपको बता दे की मछली का सेवन जितना सामान्य व्यक्ति के लिए लाभकारी होता है उसी प्रकार यह गर्भवती महिला के लिए भी बहुत ही फ़ायदेमंद होता है। यह गर्भावस्था में होने वाली कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। तो चलिए आज के लेख में जानते है Eating Fish during Pregnancy के क्या फायदे होते है।

Eating Fish during Pregnancy: जानिए गर्भावस्‍था के दौरान फिश खाना क्यों है ज़रुरी

Eating Fish during Pregnancy

सांस से जुड़ी समस्याएं नहीं होती है

  • गर्भावस्था में मछली खाने से होने वाली संतान को सांस से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
  • गर्भावस्था में महिला को ट्राउट, साल्मन और ट्यूना मछलियों का सेवन करना अच्छा होता है।

अस्थमा का खतरा कम होता है

  • मछली खाने से गर्भावस्था में महिला को अस्थमा होने का भी खतरा कम हो जाता है।
  • साथ ही होने वाले बच्चे में भी अस्थमा होने का खतरा नहीं रहता है।

दिमाग तेज होना

  • शोध से पता चला है की गर्भावस्था के दौरान मछली खाने से होने वाले बच्चे का मस्तिष्क स्वस्थ रहता है।
  • मछली में उपस्थित पोषक तत्व मस्तिष्क को तेज करने का कार्य करते हैं।
  • शोध से पता चला है कि गर्भवती महिलाओं के लिए लिपिड (वसा) की संतुलित मात्रा का सेवन भ्रूण के मस्तिष्क विकास के लिए आवश्यक होता है।
  • लिपिड में उपस्थित फैटी एसिड जैसे ओमेगा-6 और ओमेगा-3 जानवरों और मनुष्यों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में से हैं। जो की मछली में आसानी से उपलब्ध होते है।

घबराहट और चिंता से निजात

  • शोध में पाया गया है कि जिन महिलाओं ने सप्‍ताह में एक बार ब्‍लैक या ऑयली मछली का सेवन किया है उन्‍हें घबराहट जैसी परेशानियों का सामना कम करना पड़ा।
  • जिन महिलाओं ने इसका सेवन नहीं किया उन्हें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान अधिक चिंता व घबराहट का अनुभव हुआ।
  • साथ ही शाकाहारी महिलाओं में भी मांस या मछली खाने वाली गर्भवती महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा घबराहट व चिंता देखी गयी।

एनीमिया के खतरे से छुटकारा

  • प्रेगनेंसी में मछली का सेवन करना लाभकारी होता है। इससे मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों को प्रोटीन और आयरन मिलता है।
  • आपको बता दे की एक प्रेगनेंट महिला को कम से कम एक दिन में 27 मिलीग्राम आयरन का सेवन करना आवश्यक है।
  • इसलिए मछली के सेवन से गर्भवती महिला को एनीमिया के खतरे से छुटकारा मिलता है।