Negative Effects of Social Media: सोशल मीडिया से लोगो का बर्बाद होता जीवन

सोशल मीडिया आज कल के लोगो की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है, इतना अहम की लोगो को यह भी पता नहीं चलता की उनके आस पास क्या चल रहा है। सोशल मीडिया साइट्स से लोग इतने एडिक्टेड हो गए है की जैसे ही थोड़ा सा समय मिलता है तो वे अपनी सोशल प्रोफाइल चेक करने लगते है।

सोशल मीडिया साइट्स के जरिए लोग अपने दूर के रिश्तेदारों और दोस्तों से तो मिल गए पर अपने आसपास के लोगो से दूर हो गए। सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल हमे अपनों से दूर करने के साथ साथ हमारे अंदर नकारात्मक प्रभाव भी पैदा करता है।

जिसके कारण हमारे स्वास्थ के अलावा हमारी मानसिक स्थिति पर भी काफी गहरा प्रभाव पड़ता है, और इन्ही सब के कारण और भी गंभीर समस्याएं हमारे जीवन में उत्पन्न होना शुरू हो जाती हैं जो दुष्प्रभाव भी डालती है।

जैसे जैसे आज कल सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना बढ़ रहा है वैसे वैसे उसके दुष्प्रभाव भी बढ़ते जा रहे है। ये सभी दुष्प्रभाव हर आयु के लोगो में देखे जा रहे है और ये लोगो के स्वास्थ से ज्यादा उनके मानसिकता पर प्रभाव डाल रहा है। कई शोधकर्ताओं ने सोशल मीडिया से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया है की कैसे आज कल लोगो को इसकी लत लग गयी है ।

आज कल लोगो के अंदर की नकारात्मकता का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया को भी माना जाता है। यह लोगो द्वारा सोशल मीडिया को ज्यादा अहमियत देने की वजह से हुआ है। इस लेख में हम सोशल मीडिया से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में पढ़ेंगे ।

Negative Effects of Social Media: सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल से पड़ने वाले दुष्प्रभाव

Negative Effects of Social Media

गलत चीजों को बढ़ावा देना

  • सोशल मीडिया पर जिस तरह लोग अपनी तस्वीरें डालते है सिगरेट और शराब पीते हुए वो कही न कही युवाओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करती है।
  • कही बार लोग अफवाओं को बेतहाशा शेयर कर के वायरल कर देते है और देश में दंगे होने तक की सम्भावना बन जाती है।
  • कई बार ऐसा होता है की लोग जो सोशल मीडिया पर देखते है उसे ही सच मान लेते है और उस बात का दूसरा पहलु जानने की कोशिश भी नहीं करते।

समय की बर्बादी

  • जिस तरह आज कल लोग सोशल मीडिया साइट्स पर सर्फिंग करने में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं उससे उनका समय बर्बाद हो रहा है।
  • इस सर्फिंग जैसे कार्यो में बर्बाद किये गए समय में लोग अपने लिए कुछ प्रोडक्टीव कर सकते है या फिर अपनों के साथ समय बीता सकते है।
  • समय की बर्बादी आज कल युवाओं में देखने को ज्यादा मिलती है। जो समय वो अपने अध्ययन में इस्तेमाल कर सकते है उस समय को वो सर्फिंग में बर्बाद कर देते है।

तुलना करने की भावना

  • आज कल ज्यादातर लोग सोशल मीडिया साइट्स पर तस्वीरें शेयर करते है और दुसरो की तस्वीरों से अपनी तस्वीरों की तुलना करते है ।
  • इस वजह से लोगो में अपने चेहरे, अपनी बॉडी को लेकर अनसटिस्फैक्शन बढ़ रहा है जिससे लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे है।
  • इस तरह की नकारात्मक सोच लड़कों से ज्यादा लड़कियों को प्रभावित करती है।

बढ़ता तनाव

  • आज कल लोगो को यह तनाव ज्यादा रहता है की जो उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर की थी उस पे कमेन्ट और लाइक्स कितने आये है।
  • अगर लोगो की तस्वीर पर लाइक्स और कमेन्ट कम आते है तो उन्हें लगता है जो उन्होंने तस्वीर शेयर की है वो अच्छी नहीं है फिर वो अपनी तस्वीर के लिए कई तरह के फ़िल्टर और एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल करते है।
  • यह तनाव लड़कियों में ज्यादा देखने को मिलता है और इससे उन्हें बॉडी कॉन्फिडेंस को लेकर डिप्रेशन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।

प्राइवेसी भी प्रभावित

  • सोशल मीडिया पर लोग क्या कर रहे, कहाँ जा रहे है और किस के साथ है, अपने निजी जीवन की सारी घटनाओ को सार्वजनिक रूप से शेयर करते है।
  • सोशल मीडिया कही न कही प्रोत्साहित करता है हमे हमारे निजी जीवन को सार्वजनिक करने में और इससे हमे कई परेशानियाँ भी हो सकती है।
  • जिस तरह लोग अपना व्यक्तिगत विवरण सोशल मीडिया साइट्स पर शेयर करते है, उससे कोई भी उस विवरण का दुरुपयोग कर सकता है।

तलाक का कारण

  • आज कल लोगो के रिश्तों के बीच की दीवार बना हुआ है सोशल मीडिया, लोग एक दूसरे को समझने के लिए समय ही नहीं निकल पाते।
  • सोशल मीडिया के कारण कोई न कोई बात को लेकर वाद-विवाद चलता ही रहता है।
  • सोशल मीडिया की वजह से एक छोटी सी बात इतनी बढ़ जाती है की ये रिश्ते पे एक बहुत गहरा नकारात्मक प्रभाव डालती है।

नींद में कमी आना

  • सोशल मीडिया पे ज्यादा एक्टिव रहने वाले लोगो के दिमाग में कही न कही यही चलता रहता है की आज इस पोस्ट पर कितने लाइक्स और कमेंट आये है और इस कारण वह बार बार प्रोफाइल चेक करते रहते है।
  • सोशल मीडिया पर बार बार एक्टिव होने के कारण नींद नहीं आती और इससे थकान होने के साथ ही लोग चिड़चिड़े भी हो जाते है।
  • नींद न पूरी होने का सबसे बड़ा नकारात्मक प्रभाव शरीर पर पड़ता है।

लोगो के बारे में राय बना लेना

  • आमतौर पर लोग दुसरो के प्रति अपनी राय उनकी सोशल मीडिया साइट्स की पोस्ट को देख कर ही बना लेते है।
  • लोग दुसरो की पसंद नापसंद सोशल मीडिया पर देख कर उनके प्रति वैसी हीं छवि तैयार कर लेते है।
  • लोग दुसरो को उनकी सोशल मीडिया की प्रोफाइल से ही जानते है, ये ज़रुरी नहीं की उस व्यक्ति से कोई मुलाकात हुई हो।

गलत जानकारी

  • सोशल मीडिया पर जो पोस्ट हो ज़रुरी नहीं की सही हो, यहाँ अपने विचार कोई भी व्यक्त कर सकता है।
  • सोशल मीडिया पर काफी तरह की जानकारियाँ मौजूद होती है लेकिन सब सही हो ये ज़रुरी नहीं कुछ भ्रमित भी कर सकती है।
  • ज़रुरी नहीं की सोशल मीडिया पे जो जानकरी है वो पूरी तरह से गलत हो, हो सकता है कुछ चीज़े बदल के पोस्ट किया गया हो।

सोशल मीडिया से हो रहे नकारात्मक प्रभाव लोगो में अलग अलग तरह से तनाव बना रहे है, इसलिए इस लेख में लिखी बातों का ध्यान रखे और सोशल मीडिया का एक हद तक हीं इस्तेमाल करें, इससे आपका जीवन स्वस्थ और तनाव से दूर रहेगा।