Nipah Virus: भारत में फ़ैल रहे जानलेवा निपाह वायरस के लक्षण और बचाव

घातक वायरस के कारण बहुत सारी खतरनाक बीमारियाँ फ़ैल जाती हैं. इन बीमारियों की चपेट में आ कर बहुत सारे लोगों की जान तक चली जाती है. लोग हर साल Virus Protection के उपचार में बहुत सारे पैसे खर्च कर देते हैं. इन्ही वायरस जनित बीमारियों में से एक है निपाह वायरस के कारण फैलने वाला एक रहस्यमई दुर्लभ दिमागी बुखार।

कुछ दिन पहले केरल में इसी रहस्यमई दिमागी बुखार के फैल जाने की खबर आई। इस रहस्यमई बुखार के कारण केरल के कोझिकोड़ जिले में कुछ लोगों की मौत भी हो गई है। ये बीमारी निपाह वायरस के कारण और ज्यादा फैलने का खतरा बढ़ गया है।

निपाह वायरस को खतरनाक वायरस की श्रेणी में रखा जाता है। इस वायरस इसलिए भी खतरनाक माना जा रहा है क्‍योंकि फिलहाल इसका इलाज ढूंढा नहीं जा सका है. इस वायरस के कारण होने वाले बुखार से बचने के लिए कोई वैक्‍सीनेशन जैसी सुविधा भी अभी उपलब्ध नहीं है।

इस जानलेवा वायरस को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के द्वारा जारी की गई वायरसों की उस लिस्ट में स्थान दिया गया है जिनसे मनुष्यों को बड़ा खतरा हो सकता है. आइये आज के इस लेख में पढ़ते हैं Nipah Virus (NiV) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

Nipah Virus: जाने निपाह वायरस क्या है, इसके लक्षण और बचाव

Nipah Virus

What is Nipah Virus: निपाह वायरस क्या है?

  • निपाह एक जानलेवा वायरस है जो मनुष्‍यों और जानवरों दोनों में फ़ैल सकता है. इस वायरस के फैलने से लोगों में एक गंभीर संक्रमण हो जाता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निपाह वायरस एक तेज़ी से उभरता हुआ वायरस है, जो जानवरों तथा इंसानों में गंभीर बीमारी को जन्म दे देता ।
  • इसी वायरल संक्रमण की वज़ह से लोगों की एन्सेफलाइटिस की समस्या होने लग जाती है, इसलिए इस निपाह वायरस से फैलने वाली बीमारी को ‘निपाह वायरस एन्सेफलाइटिस’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • ‘निपाह वायरस’ का सम्बन्ध हेंड्रा वायरस से होता है. इसके अंतर्गत संक्रमण का फैलाव फ्रूट बैट्स के के माध्यम से होता है।
  • आरंभिक जांच के अनुसार खजूर की खेती करने वाले लोगों को इस वायरस का संक्रमण सबसे जल्दी अपनी चपेट में ले लेता है।
  • निपाह वायरस के बारे में सबसे पहले साल 1998 में मलेशिया के कम्पंग सुंगाई नामक स्थान पर पता चला था. वहीं से इस वायरस का नामाकर हुआ. उस वक़्त इस बीमारी के वाहक सूअर बनते थे।
  • इस वायरस की वजह से इससे पहले साल 2004 में बांग्लादेश में बहुत सारे लोग प्रभावित हो गए थे. यहाँ खजूर के पेड़ से निकलने वाले तरल को चखने से इस वायरस का फैलाव हुआ।
  • कहा जाता है की खजूर के पेड़ों में इस वायरस को चमगादड़ के जरिये पहुँचाया गया था जिन्हें फ्रूट बैट कहा जाता है।

Nipah Virus Symptoms: वायरस की चपेट में आ जाने के लक्षण

  • निपाह वायरस से चपेट में आने वाले लोगों को आमतौर पर सांस लेने में समस्या होने लग जाती है।
  • इसकी वज़ह से दिमाग के अन्दर जलन जैसी फिलिंग महसूस होती है।
  • इस वायरस से प्रभावित होने के बाद पीड़ित को अगर समय पर उपचार ना मिले तो उसकी मौत भी हो सकती है.
  • चिकित्सकों का कहना है की इंसानों में फैलने वाले निपाह वायरस दरअसल एन्सेफलाइटिस से जुड़ा हुआ होता है, इसी कारण से ब्रेन में सूजन की समस्या भी हो जाती है।
  • इसके अलावा बुखार, सिरदर्द, चक्‍कर आना आदि भी भी इसी वायरस के शुरुआती लक्षणों में से प्रमुख होते हैं।
  • 5 से 14 दिन तक अगर व्यक्ति इस वायरस से प्रभावित रहता है तो ये वायरस तीन से 14 दिन तक मरीज को तेज़ बुख़ार और सिरदर्द से परेशान रख सकता है।
  • इसकी वज़ह से मांसपेशियों में दर्द बढ़ जाने की भी संभावना होती है।
  • डॉक्टरों के अनुसार कुछ मामलों में वायरल इन्फेक्शन के 24-28 घंटे के अंदर लक्षण बढ़ जाने के बाद पीड़ित व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है।
  • आम तौर पर यह वायरस इंसानों में पहले से संक्रमण की चपेट में आ जाने वाली चमगादड़ों, सूअरों या फिर दूसरे इंसानों से हीं फैलता है।

वायरस से बचाव

  • फिलहाल किसी प्रकार का Nipah Virus Treatment उपलब्ध नहीं है. जानलेवा निपाह वायरस से बचाव के लिए अब तक किसी प्रकार का कोई वैक्सीन नहीं आया है और फिलहाल इसका कोई उपचार भी उपलब्ध नहीं है.
  • इस वायरस से बचाव के लिए आपको फलों, खासकर खजूर खाने से बचना चाहिए।
  • वैसे अगर ये वायरस बहुत ज्यादा फ़ैल रहा हो तो फल खाना कुछ दिनों के लिए बंद कर देना हीं अच्छा हो सकता है. क्योंकि फलों पर चमगादड़ों के लार और पेसाब हो सकते हैं।
  • इसके अलावा पेड़ से जमीन पर गिरे फलों को खाने से बचना चाहिए।
  • ऐसा इसलिए क्योंकि पहले से गिरा हुआ फल किसी जानवर द्वारा खाया हुआ भी हो सकता है और अगर वो जानवर निपाह वायरस से ग्रसित हुआ तो आपको भी उस वायरस के प्रभाव में ला देगा।
  • यह वायरस जानवरों के अलावा एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है।
  • इस तरफ के वायरस फैलाव को रोकने के लिये संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की जरूरत होती है.
  • मरीज का अच्छे से देखभाल कर के हीं वायरस का प्रभाव कम करने में मदद मिलती है।
  • संक्रमित जानवरों मुख्य रूप से सुअर को हमेशा अपने आस पास से दूर रखें।
  • इस वायरस की चपेट में आ कर अगर किसी व्यक्ति की मौत हो गई है तो उस व्यक्ति के शव से जितना हो सके दूर रहना आपको इस वायरस के चपेट में आ जाने से बचाएगा।

आज के इस लेख में आपने पढ़ा भारत में फ़ैल रहे जानलेवा नेपाह वायरस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ. आपने इस लेख के माध्यम से नेपाह वायरस क्या है, कैसे फैलता है और इससे हम कैसे बचाव कर सकते है जैसी महत्वपूर्ण जानकारिया हांसिल की. अगर आप या आपके आस पास में ऐसा कुछ भी देखने को मिलता है तो आप इस लेख में बताई गई बातों के माध्यम से अपनी भी मदद करेंगे और दूसरों को भी मदद पहुंचाएंगे.


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