Pregnancy Symptoms in Hindi: इन लक्षणों से जाने आप प्रेगनेंट है या नहीं?

जब भी कोई महिला माँ बनने वाली होती है तो यह उस महिला के लिए काफी ज्यादा खुशी वाला पल होता है। कई बार ऐसा होता है की महिलाओं को पता ही नहीं चलता की वे प्रेगनेंट हैं क्योंकि वे गर्भावस्था के दौरान अपने अंदर होने वाले बदलाव को पहचान नहीं पाती है।

वैसे आजकल बाजार में कई प्रकार के प्रेग्नेंसी टेस्ट किट उपलब्ध हैं जिससे की आप आसानी से ये जान सकती है की आप प्रेग्नेंट है या नहीं। इसी के साथ कई महिलाओ का यह भी कहना है की उन्हें सेक्स के बाद ओवुलेशन के समय के पहले 10 दिनों में ही कुछ बदलाव महसूस होने लगते हैं ।

कई बार ऐसा होता है की सेक्स के बाद निषेचित अंडे बॉडी में कुछ बदलाव होने के संकेत देते जो कई महिलाये पहचान नहीं पाती है। इस में आपके अंदर के हॉर्मोन्स चेंज होते है और बॉडी में बदलाव आने लगते है।

इस लेख हम आपको महिलाओ के प्रेगनेंट होने वाले लक्षणों के बारे में बता रहे है जिससे उन्हें मदद मिलेगी ये जानने में की वे माँ बनने वाली हैं या नहीं । पढ़े Pregnancy Symptoms in Hindi.

Pregnancy Symptoms in Hindi: जानिए प्रेगनेंट होने वाले लक्षणों को

Pregnancy Symptoms in Hindi

ब्रैस्ट में चैंजे

  • जब महिलाएं गर्भ धारण कर लेती हैं तो उसके स्तन में कुछ चैंजेज आते है जिससे उन्हें पता चल जाता है की वे माँ बनने वाली है।
  • सबसे पहले स्तन में भारीपन महसूस होता है और वे संवेदनशील ज्यादा हो जाते है। साथ हीं स्तनों में सूजन आना भी इसी का एक लक्षण होता है।
  • बॉडी में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन नामक हॉर्मोन होते है जिससे की स्तन में चैंजेज आते है।
  • जब कोई महिला गर्भ धारण कर लेती है तो उनके स्तनो में कोमलता आ जाती है।

चक्कर आने की समस्या होना

  • जब भी कोई महिला माँ बनने वाली होती है तो उसे चक्कर आने से समस्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में यह एक आम सी समस्या होती है।
  • कई महिलाओ को इस दौरान सर दर्द की भी शिकायत रहती है, ऐसा होना भी काफी सामान्य माना जाता है।
  • चक्कर आने की समस्या कम ब्लड प्रेशर के कारण भी होती क्योंकि प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन बॉडी में ब्लड की वाहिकाओं को बढ़ाता है जिससे की ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।
  • 2010 में ब्राज़ील के जर्नल ऑफ़ ओटरहिनोलोरैन्जोलॉजी के एक अध्ययन में यह पब्लिश हुआ है की महिलाओ की गर्भ अवस्था में हॉर्मोन डिस्फंक्शन होता है जिससे वेस्टिबुलर की समस्या हो जाती है।
  • जिसके कारण महिलाओं को चक्कर आना और कान बजना जैसी समस्या हो जाती है।
  • यह समस्या प्रेगनेंसी के स्टार्टिंग के पहले तीन महीनों में ज्यादा होती है।
  • जो महिलाएं पहले से एनिमिया की समस्या से ग्रसित है उन्हें चक्कर आने की समस्या अधिक होती है।

पूरे शरीर में थकान महसूस होना

  • जब कोई महिला गर्भधारण करती है तो उसकी बॉडी से निकलने वाला प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन बढ़ जाता है और इसी के कारण थकान की समस्या भी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
  • साथ ही इस दौरान बॉडी में ब्लड प्रेशर भी कम हो जाता है और शुगर लेवल भी कम हो जाता है। इस कारा भी बॉडी में काफी ज्यादा थकान महसूस होती है।
  • स्टार्टिंग के समय में बॉडी बच्चे को सहारा देने के लिए तैयार होती है जिससे की थकान में आप ज्यादा समय के लिए लेटना और बैठना पसंद करते है।

जी मचलाना और उलटी होना

  • जैसे ही कोई महिला माँ बनने वाली होती है तो उसका जी मचलाने लगता है और साथ हीं मॉर्निंग सिकनेस भी इसी का एक लक्षण है।
  • प्रसूति और स्त्री रोग के अमेरिकन कांग्रेस के मुताबिक 70 से 85% तक महिलाओ को गर्भधारण पर जी मचलाना और उलटी की समस्या ज़रूर होती है।
  • यह आपको किसी भी समय हो सकती है, साथ ही गर्भ अवस्था में फोलिक एसिड की कमी भी उलटी का कारण बनती है।
  • यह समस्या गर्भावस्था के पहले महीने में ही शुरू हो जाती है।
  • उलटी की समस्या से राहत पाने के लिए स्टार्च वाली चीज़ो का सेवन सुबह सुबह करना चाहिए।
  • स्टार्च वाली चीज़ो के अलावा अपनी बॉडी को हाइड्रेट भी रखना ज़रुरी होता है।
  • जिन महिलाओ को यह समस्या होती है उन्हें आसानी से पचने वाला भोजन ही करना चाहिए।

मूड स्विंग्स की परेशानी होना

  • मूड स्विंग्स की परेशानी काफी आम है प्रेग्नेंट महिलाओ में।
  • इसमें महिलाये असमान्य रूप से रोने और भावनात्मक महसूस करने लग जाती है।
  • ऐसी स्थिति में उनकी मनोदशा में हर थोड़ी देर में बदलाव आता है।
  • वैसे समस्या हॉर्मोनल चैंजेज के कारण होती है।
  • यह हॉर्मोनल चैंजेज न्यूरोट्रांसमीटर को भी काफी ज्यादा प्रभावित करती है।
  • जब कोई महिला माँ बनने वाली होती है तो वो अपने अंदर कभी अच्छी और कभी बुरी भावनाओं का आभास करती है।
  • ऐसे में महिलाओ को ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए और साथ ही अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए।

ऐंठन की समस्या होना

  • कई महिलाओ को यह समस्या उनके पीरियड्स आने के पहले होती है पर गर्भवती होने पर भी ऐंठन की समस्या हो जाती है।
  • यह समस्या तब ज्यादा होती जब फर्टिलाइज्ड अंडे गर्भाशय की परत को जोड़ते हैं। इसी वजह से ऐंठन महसूस होती है।
  • इस समस्या से राहत पाने के लिए आपको टहलना चाहिए और साथ ही धीरे धीरे स्ट्रेचिंग बह करनी चाहिए।

ब्लोटिंग की समस्या होना

  • इसमें आपको एक जैसा आहार खाने के बाद भी पेट फुले रहने की शिकायत होती है।
  • अन्य कारणों की तरह ब्लोटिंग भी बॉडी में अचानक से होना शुरू हो जाता है।
  • यह समस्या भी हॉर्मोनल चैंजेज के कारण होती है।
  • गर्भावस्था में बॉडी में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिससे की यह समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • यह हॉर्मोनल चैंजेज इंटेस्टाइन को कमजोर कर देती है जिससे किसी किसी महिलाओ को सूजन की समस्या भी हो जाती है।
  • हॉर्मोनल चैंजेज पाचन क्रिया को धीमा कर देते है जिसके कारण पेट फूलना, डकार आना, और गैस की समस्या हो जाती है।

ऊपर दिए लेख में आपको प्रेग्नेंट होने के कुछ लक्षण बताए गए हैं जिन से आपको आसानी से पता चल जाएगा की आप प्रेग्नेंट है की नहीं। ऊपर दिए यह सभी लक्षण अगर किसी महिला में पाए जाते हैं तो यह समझ लीजिये की वो महिला माँ बनने वाली है।

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