इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर फंक्शनल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर्स द्वारा किये गए एक अध्यन के अनुसार एसिडिटी के अधिकतर मरीजों को हफ्ते में एक से दो बार रात में इसकी परेशानी बढ़ जाती है|

आजकल की ख़राब लाइफस्टाइल के चलते हर 5 में से 3 व्यक्ति को एसिडिटी की शिकायत रहती है| रात में एसिडिटी बढ़ने से उस रात की तो नींद खराब होती ही है साथ ही साथ अगले दिन भी इससे परेशानी होती है।

रात के वक्त एसिडिटी होने के कई कारण है जैसे देर रात तक जागना, देर से खाना खाना (खासकर ऑयली या जंक फूड), धूम्रपान करना, शराब पीना, रात के वक्त चाय पीना आदि|

इस समस्या को एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोइसोफेगियल रिफ्लक्स यानि GERD भी कहते हैं। आपको बता दे की यदि इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाये तो इससे पेप्टिक अल्सर और कैंसर जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती है| इसलिए आज के लेख में हम आपको बता रहे है Tips for Night Time Acidity Relief.

Tips for Night Time Acidity Relief: रात में एसिडिटी से बचने के लिए

Tips for Night Time Acidity Relief

बायीं और करवट लेकर सोये

  • बायीं और करवट लेकर सोने से एसिडिटी के साथ साथ हार्टबर्न के लक्षण भी कम होते है|
  • इसलिए याद रखे की दायी और करवट लेकर नहीं सोना है इससे आपके पेट में मौजूद डाइजेस्टिव एसिड का स्त्राव ज्यादा होता है|

एसिडिटी बढ़ाने वाले आहार ना खाएं

  • वैसे तो हर किसी को अलग अलग चीज़ो से एसिडिटी हो सकती है लेकिन कुछ सामान्य आहार जिसे एसिडिटी में नहीं खाना चाहिए उन्हें हम देखते है|
  • हैवी और स्पाइसी फ़ूड खाने से पेट में एसिड ज्यादा रिलीज़ होता है|
  • इसके अलावा रात के खाने में खट्टी चीज़े ना शामिल करे जैसे की टमाटर आदि| इससे भी आपको परेशानी हो सकती है|
  • इसके अलावा सोने से पहले कोल्ड ड्रिंक, कॉफी और चाय भी एसिडिटी बढाती है|

सोने के 3 घंटे पहले खाना खाये

  • यदि आपको एसिडिटी की परेशानी होती है तो खाना खाते से सोने की आदत छोड़ दे|
  • आपने सोने और खाना खाने के बिच कम से कम ३ घंटे का अंतर होना चाहिए|
  • इससे खाने को पचने का समय मिल जाता है और आपको एसिडिटी नहीं होती|
  • रात का खाना हमेशा लाइट करना चाहिए, इससे डाइजेशन अच्छे से होता है|
  • खाना खाने के बाद इलायची खाने से वो एसिड को नूट्रलाइज़ कर देती है|
  • लोग कहते है की जब एसिडिटी हो रही हो तो दूध नहीं पीना चाहिए, लेकिन यदि आप सोने से पहले ठंडा दूध पीते है तो एसिडिटी नहीं होती|