5-in-1 Vaccine: आपके शिशु को विभिन्न बीमारियों से बचाने में सहायक वैक्सीन

बहुत सी गंभीर और खतरनाक बीमारियाँ दुनियाभर में फैली हुई है। इनमे से कई बीमारियाँ ऐसी होती है जिनके लिए पहले से ही बचाव कर लिया जाये तो उस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। खासकर छोटे बच्चोंं के लिए यह जरूरी है, क्योंकि उनका रोग प्रतिरोधक तंत्र बहुत ही कमजोर होता है।

इसलिए अपने शिशु को बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगवाना बहुत ही आवश्यक होता है। बच्चों के लिए कई टीके मौजूद होते है जिनमे से 5 in one वैक्सीन भी एक है। यह आपके बच्चे को बचपन की पांच गंभीर बीमारियों के विरुद्ध रक्षा करने के लिए एक इंजेक्शन के रूप में दिया गया है

ये बीमारियाँ है – टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी, पोलियो और Hib आदि। शिशु के जन्म के 7, 12 और 16 सप्ताह होने पर अगर यह 5-इन-1 वैक्सीन लगायी जाए तो इन दी गयी बीमारियों से बचा जा सकता है।

फाइव इन वन वैक्सीन के एक टीके से आप अपनी नन्ही सी जान को 5 प्रकार की बीमारियों से छुटकारा दिला सकते है। आइये जानते है 5 in 1 Vaccine को कब और कैसे शिशु को दे सकते है।

जानें 5-in-1 Vaccine से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी और अपने बच्चे को रखे स्वस्थ

5-in-1 Vaccine

5 in One Vaccine

  • इस टीके को पेंटावेलेंट वैक्सीन भी कहा जाता है।
  • इस टीके की मदद से टिटनेस, काली खांसी, पोलियो, डिप्थीरिया और Hib जैसे रोगों को एक ही वैक्सीन की मदद से दूर रखा जाता है।

टिटनेस

  • टिटनेस एक ऐसा रोग है जिसके कारण शरीर की मांसपेशियों में ऐठन होने लगती है। टिटनेस तब होता है जब शरीर पर कोई घाव या फिर चोट लगती है।
  • टिटनेस का यह संक्रमण होने पर शरीर में फैलने लगता है। यदि चोट लगने के उपरान्त टिटनेस का टीकाकरण हो जाता है तो इस रोग को आसानी से ठीक किया जा सकता है।

काली खांसी

  • काली खांसी में रोगी को जोर से खांसी आती है। रात के समय यह समस्या बढ़ जाती है। यह इतनी तेज होती है की इसके कारण साँस भी फूलने लगती है।
  • अधिकांश बच्चों को काली खांसी अपनी चपेट में ले लेती है। इसलिए इसका टीकाकरण करना ज़रुरी होता है।

पोलियो

  • बच्चों में पोलियो बहुत ही आसानी से हो सकता है और यह बीमारी एक बार होने से जीवन पर्यन्त चलती रहती है। यह व्यक्ति को विकलांग बना देती है।
  • यह एक तरह का संक्रामक रोग होता है। इसके लिए इसका उपचार बचपन में ही किया जाना ज़रूरी होता है।

डिप्थीरिया

  • यह एक प्रकार का गंभीर संक्रामक रोग होता है। यह गले और नाक में पायी जाने वाली श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है।
  • यह रोग आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में फ़ैल सकता है।
  • इस बीमारी को भी टीकाकरण की मदद से दूर किया जा सकता है।

Hib

  • हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा को ही Hib कहा जाता है।
  • यह भी गंभीर संक्रामक रोग होता है जो की बच्चों को अपनी चपेट में ले लेता है।
  • इसलिए इसे भी बच्चों से दूर रखने के लिए इसका टीकाकरण करना ज़रुरी होता है।

उपरोक्त बीमारियाँ गंभीर बीमारियाँ होती है इसलिए इनका निदान किया जाना बहुत ही ज़रूरी होता है। इसके लिए वैक्सीन का उपयोग किया जाता है। इन पांचो रोगों के लिए अलग अलग टीके लगाने होते है। इन टीकों को अलग से न लगाना पड़े इसके लिए 5 in 1 Vaccine For Babies का ईजाद किया गया है।

बच्चोंं को 5-इन -1 वैक्सीन कब देना चाहिए?

  • 5-इन -1 वैक्सीन तीन बार बच्चे को दिया जा सकता है।
  • जब बच्चा 8 सप्ताह का हो तब उसे यह देते है और फिर उसके बाद 12 और 16 सप्ताह होने पर दिया जाता है।
  • हर बच्चे को इन तीन खुराक की आवश्यकता होती है ताकि वह इन पांच प्रकार की बीमारियों के खिलाफ प्रतिरक्षा का विकास कर सके।
  • प्रत्येक बार टीके की एक और खुराक दी जाती है जिससे की बच्चे की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बढ़ जाती है।

कैसे दिया जाता है 5-में -1 वैक्सीन?

  • इस टीके को बच्चे की जांघो में दिया जाता है।

5 in 1 वैक्सीन कितनी अच्छी तरह काम करता है?

  • 5 in 1 Vaccine बहुत अच्छी तरह से काम करता है।
  • यह डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खाँसी, Hib और पोलियो संक्रमण के लिए बहुत अच्छी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्पन्न करता है।

कितना सुरक्षित है फाइव इन वन वैक्सीन?

  • फाइव इन वन वैक्सीन बहुत सुरक्षित है। यह निष्क्रिय है, जिसका अर्थ है कि इसमें कोई भी जीवित जीव (live organisms) शामिल नहीं है।
  • इसलिए आपके बच्चे को यह टीका लगाने से कोई बीमारी नहीं होती है।
  • टीके के कुछ साइड इफेक्ट भी हैं, जिसमे बच्चा थोड़ा चिड़चिड़ा होने लगता है जो की आम बात है।
  • बच्चे को इंजेक्शन साइट पर थोड़ी सी छोटी बम्प, लालिमा और सूजन भी हो सकती है।

क्या 5 in 1 Vaccine को अन्य टीकों के समय पर दिया जा सकता है?

5 in 1 Vaccine एक ही समय पर अन्य टीके के साथ आपके बच्चे के लिए सुरक्षित है अन्य टीके जैसे रोटावायरस वैक्सीन, न्यूमोकोकल वैक्सीन और मेन बी वैक्सीन को भी इसके साथ दिया जा सकता है।

किन शिशुओं को 5 in 1 के टीके नहीं लगने चाहिए?

  • अधिकतर बच्चों को 5-in-1 वैक्सीन्स लगते है। लेकिन उनमे से कुछ बच्चे होते है जिन्हे ये टीके नहीं लगाए जा सकते।
  • इनमे ऐसे बच्चे शामिल है जिन्हे टीके से एलर्जी होती है। जिन्हे टीका लगाने के बाद बुखार आता हो।

Five in One Vaccine के जरिये आप अपने बच्चे को उपरोक्त बीमारियों से सुरक्षित रख सकते है। Vaccination बच्चों के लिए बहुत ही ज़रुरी है इससे बच्चे बीमारियों से बचे रहते है क्योंकि बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है जिसके कारण बीमारियाँ उन्हें जल्दी ही अपनी चपेट में ले सकती है। बीमारियों से बचाव करने के अपने बच्चों के प्रति सजग रहे और समय समय पर टीके लगवाते रहे। बच्चे को कौन कौन से टीके लगवाने है इसके बारे में जानकारी आपको आपके डॉक्टर से भी मिल सकती है। इसलिए बच्चे के बारे में पूरी जानकारी रखे और समय पर टीकाकरण ज़रुर करवाए क्योंकि यह उनकी पूरी जिंदगी का सवाल है जिसे आपको ही सवारना है। आप अपने बच्चे को अच्छी लाइफ दे सकते है। बच्चों को बीमारियों से सुरक्षित रखे।

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