आप सभी ने अपने खाने में शिमला मिर्च का उपयोग किया होगा, कभी सब्जी के रूप में तो कभी नूडल्स के साथ| कुछ लोग इसे गार्निशिंग के लिए भी इस्तेमाल करते है|

शिमला मिर्च में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है| लाल, हरे और पीले, तीनो ही रंग में मिलने वाली शिमला मिर्च स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है|

लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिमला मिर्च का रोज सेवन करने से मोटापा कम होता है। दरहसल शिमला मिर्च में कैलोरी की मात्रा न के बराबर होती है जिससे वजन नहीं बढ़ता|

साथ ही यह आपके मेटाबोलिज्म को बढ़ाने में भी सहायक है| इसलिए यदि आप अपने वजन को लेकर परेशान है तो शिमला मिर्च आपके लिए बहुत फायदेमंद है। यहाँ जानिए Capsicum for Weight Loss के बारे में|

Capsicum for Weight Loss: शिमला मिर्च खाने से कम होता है वजन

Capsicum for Weight Loss

किस तरह शिमला मिर्च से घटता है वजन?

विटामिन सी

  • जैसा की हम जानते है कि कैप्सिकम में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है|
  • जो की वजन कम करने की चाहत रखने वालों के लिए फायदेमंद है|
  • आपको बता दे कि विटामिन सी शरीर में वसा के उचित चयापचय के लिए जरुरी है।
  • ऐसा कहा जाता है कि आहार में विटामिन सी के बिना, आपके शरीर द्वारा संग्रहीत वसा का उपयोग करना कठिन होता है|

बेल पेपर

  • आपको बता दे की शिमला मिर्च एक तरह की मिर्च है इसलिए इसके सेवन से एड्रेनालाईन बढ़ता है|
  • एड्रेनालाईन के बढ़ने से ऊर्जा के स्तर में वृद्धि होती है|
  • अधिक ऊर्जा से खाद्य पदार्थ को पचाने के लिए मेटाबोलिज्म बढ़ता है जिससे वजन घटने में मदद मिलती है|

शिमला मिर्च का सूप

यदि आप शिमला मिर्च की सब्जी खाकर बोर हो गए है तो आप इसका सूप भी बना कर पी सकते हैं। इसका सूप कोलेस्ट्राल के स्तर को कम करता है साथ ही इससे बीमारियों से लड़ने की ताकत भी मिलती है|

सूप बनाने के लिए आपको शिमला मिर्च को एक बार केवल भूनना होता है। उसके बाद जैतून तेल तथा हरी प्याज़ की मदद से इसे स्वाद दिया जाता है| चिंता न करें ये सूप बनाना आसान है आप चुटकियों में इसे बना सकते है। इस सूप को भी उसी तरह तैयार किया जाता है, जिस तरह बाकी की सब्जियों का सूप तैयार होता हैं।

यदि आपको केवल शिमला मिर्च का सूप पसंद नहीं आ रहा है तो आप इसमें अपनी पसंद की सब्जियों का मिश्रण भी डाल सकते हैं। विटामिन सी से भरपूर होने की वजह से यह सूप आपको संक्रामक रोगों से लड़ने में मदद करता है| इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है|