Kadam Tree Benefits: औषधीय गुणों से भरपूर होता है कदम्ब का वृक्ष और फूल

कदम्ब एक प्रसिद्ध फूलदार वृक्ष है जिसके पत्ते बड़े और मोटे होते हैं और उनमे से गोंद भी निकलता है। Kadamba Tree के पत्ते महुए के पत्तों के समान और फल नींबू की भांति गोल होते है।

साथ ही फूल फलों के ऊपर ही होते है। Kadamba के फूल छोटे और खुशबुदार होते हैं। कदम्ब के वृक्ष अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में पाए जाते हैं। वैसे तो यह देश के कई स्थानों पर मिलते हैं परन्तु उत्तर भारत में इनकी कई प्रजातियाँ देखने को मिलती है।

यह राजकदम्ब, कदम्बिका आदि नामों से जाना जाता है। पुराणों में प्रचलित है की भगवान श्री कृष्ण कदम्ब के पेड़ के नीचे ही रहकर अपनी बांसुरी बजाया करते थे।

इस वृक्ष का जितना धार्मिक महत्व है उससे कहीं ज्यादा इसके लाभ आपकी सेहत से भी जुड़े हुए है। यहाँ तक की यह जहररोधक औषधि के नाम से भी जाना जाता है। इसके वृक्ष और इसके फूल को बीमारियों को खत्म करने के लिए प्रयोग किया जाता है। आइये विस्तार से जानते है Kadam Tree Benefits.

Kadam Tree Benefits: जानिए कदम्ब के पेड़ और फूल अनगिनत लाभकारी फायदे

Kadam Tree Benefits

कदम का पेड़:

  • कदम का पेड़ बहुत से कार्यो में उपयोग किया जाता है। इसकी लकड़ी से सामान बनाया जाता है।
  • साथ ही इसके फूल इत्र बनाने के लिए इस्तेमाल किये जाते है और इसके बीजो का उपयोग कर तेल निकाला जाता है जो की बहुत फ़ायदेमंद होता है।
  • इसके अलावा कदम का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है।
  • इस वृक्ष की पूजा भी की जाती है। इसके फल गोल होते है और फूल गुलाबी रंग के होते है। इसके पत्ते गहरे हरे रंग के होते है। कदम्ब खाने में थोड़ा तीखा लगता है।
  • आयुर्वेद में इसकी पत्तियां, फूल और छाल का इस्तेमाल किया जाता है जिससे अनेक रोगों को ठीक किया जाता है।
  • आपको बता दे की हिन्दू धर्म में भगवान् कृष्ण इसी वृक्ष के नीचे अपनी बासुरी बजाया करते थे।

क्या हैं इसके उपयोग: Kadamba Tree Uses

कदम का पेड़ बहुत ही लाभकारी होता है इसके अनेक फायदे होते है। आईये जानते है वह फायदे कौन कौन से है।

एलर्जी में सहायक

  • चार सौ ग्राम पानी में बराबर मात्रा में कदम्ब के फल और पत्तियों के साथ उसकी छाल को मिला लें ध्यान रहे की प्रत्येक की मात्रा दस ग्राम हो)
  • फिर इन सबका काढ़ा बना लें और सुबह शाम इसका सेवन करें।
  • इस काढ़े से ना ठीक होने वाली एलर्जी भी ठीक हो जाती है।
  • इसके अतिरिक्त यह काढ़ा शरीर में उपस्थित जहर को भी खत्म कर देता है।

माताओं के दूध की कमी

  • जिन माताओं का दूध कम आता है वे माताएं शतवार के चूर्ण के साथ कदम्बिका के चूर्ण को मिलाकर इसका नियमित सेवन करें।
  • इस उपाय को करने से आपके शिशु के लिए आपका दूध पर्याप्त मात्रा में होगा।

पशुओं के रोग

  • पशुओं के बाड़े में कदम्ब की पत्तियों और फूलों को रखना चाहिए।
  • इस उपाय को करने से पशुओं को बाहरी रोग नहीं लगते हैं।
  • यदि पशुओं को कोई रोग हो जाए तो इसको रखने से कोई रोग नहीं फैलता है।

शरीर की दुर्बलता को दूर करे

  • यदि आपके शरीर में कमजोरी हो तो आप राजकदम्ब के फलों से बने चूर्ण का सेवन प्रतिदिन पानी के साथ करें।
  • इसके नियमित सेवन से शरीर की कमजोरी जल्द दूर हो जायेगी।

पैरों की चोट व सूजन में लाभकारी

  • सूजन और चोट लगने पर उसके उपचार के लिए कदम्ब की छाल और पत्तों को लें फिर इसे पानी में उबाल लें।
  • फिर उसमें थोड़ा नमक मिला लें और उससे पैरों की नियमित सिकांई करें।
  • इस उपाय से पैरों की चोट व सूजन ठीक होकर दूर हो जाती है।

बुखार आने पर लाभकारी

  • यदि बुखार है तो आप पांच तुलसी के पत्तों के साथ पांच ग्राम कदम्बिका की छाल को मिलाकर काढ़ा तैयार कर लें।
  • इस काढ़े का सेवन थोड़े दिनों तक नियमित रूप से करने पर इससे बुखार जल्दी ठीक हो जाता है।

घाव ठीक करने के लिए सहायक

  • अगर कोई घाव ठीक नहीं हो रहा हों तो कदम्ब की पत्तियों और छाल को पानी में उबालें।
  • उसके बाद उसे गुनगुना होने पर उससे घावों को साफ कर ले।
  • ऐसा करने से आपके घाव जल्दी ठीक हो जाएगें।

पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

  • बहुत से लोग पेट से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते है। पेट के ख़राब होने से कब्ज, गैस आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।
  • कदम्ब के फल से इसका उपचार किया जा सकता है। इसके लिए कदम्ब के फल का रस निकाल ले और उसमे सेंधा नमक को मिला ले।
  • इस मिश्रण का 2-2 चम्मच सुबह के समय और शाम के समय सेवन करे। ऐसा करने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और पेट की समस्याएं नहीं होती है।

त्वचा सम्बन्धी समस्याओं को दूर करे

  • त्वचा में किसी प्रकार की खाज खुजली की समस्या उत्पन्न हो जाती है तो इसे दूर करना जरूरी होता है।
  • आप कदम्ब का उपयोग कर इसे आसानी से दूर कर सकते है। इसका उपयोग करने के लिए कदम के पत्तों को बारीक पीस लें और उसमे कदम्ब के फल का रस मिला ले फिर इस लेप को प्रभावित स्थान पर लगाए। ऐसा नियमित रूप से करने पर दाद और खुजली दूर हो जाती है।

मुंह के छालो के लिए लाभकारी

  • यदि आप मुंह के छालो के लिए परेशान है तो आप कदम्ब का सहारा ले सकते है।
  • इसके लिए कदम्ब के पत्तो और उसके फल को पानी में अच्छी तरह से उबाल ले और फिर उस पानी के हलके ठंडा हो जाने पर उससे कुल्ला करे। यह छालों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।

इसके अन्य फायदे

  • यदि किसी व्यक्ति को कीड़े मकोड़े ने काटा है तो कदम्ब की छाल का लेप लगाने से इसमें आराम मिलता है।
  • यदि मधुमेह रोगी इसके बीज का सेवन करते है तो यह उनके लिए किसी रामबाण से कम नहीं होती है।
  • यह मूत्र विकार को दूर करने में भी मदद करता है।

अब तो आप जान ही गए होंगे की कदम्ब का पेड़ हमारे लिए कितना फ़ायदेमंद है इसलिए जितना हो सके अपने आस पास कदम्ब का पेड़ ज़रूर लगाए ताकि आप उसके लाभों का इस्तेमाल कर सके। साथ ही इसके पेड़ के नीचे आराम करने से मन शांत रहता है और आप आसानी से योग भी कर सकते है।


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