शरीर को सेहतपूर्ण बनाने में विटामिन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वैसे तो शरीर को सारे विटामिन्स की जरुरत होती है लेकिन  विटामिन ई का एक खास महत्त्व होता है।

इसकी कमी से शरीर में कई प्रकार के दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैंI गर्भवती महिलाओं में यदि विटामिन ई की कमी है तो बच्चों में मानसिक कौशल संबंधी विकार व उपापचय में समस्या की संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।

विटामिन ई की कमी होने से भ्रूण में चोलीन और ग्लूकोज की कमी रह जाती है जिसके कारणवश उसका सही तरीके से विकास नहीं हो पाता। इसलिए Vitamin E in Pregnancy जरुरी है| विटामिन ई झुर्रियों को रोकने में भी मददगार है|

एक अध्यन में पाया गया है कि इस विटामिन की कमी को जन्म के बाद पूरा करने से बेहतर है कि बच्चा जब गर्भ में हो तभी पूरा किया जाए। विटामिन ई महिला के प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है।

Vitamin E in Pregnancy: गर्भावस्था में विटामिन ई के फायदे

Vitamin E in Pregnancy

विटामिन ई के फायदे

डीएचए की कमी रोके: विटामिन ई का पर्याप्त स्तर भ्रूण में डीएचए की कमी को रोकने में महत्वपूर्ण है

भ्रूण का मानसिक विकास: विटामिन ई की कमी से भ्रूण का मानसिक विकास प्रभावित होता है साथ ही शारीरिक असामान्यताएं होने का भी खतरा बना रहता हैI

एनीमिया से बचाव: विटामिन ई की कमी से नवजात शिशु को एनीमिया जैसी ही कई बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए विटामिन ई  इस बिमारियों से बच्चे की रक्षा करता है।

प्रतिरोधक क्षमता का विकास: शरीर में विटामिन ई की कमी से कई रोगों के होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। उदहारण के लिए  बांझपन,गंजापन, पीलिया और ह्रदय रोग|

लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण: विटामिन ई खून में लाल रक्त कोशिकाओं का गठन करता है।

मानसिक समस्याओं से निजात: विटामिन ई की कमी से मानसिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है।

संक्रमण से बचाव: शरीर में विटामिन ई होने से किसी भी रोग का संक्रमण जल्दी नहीं लग सकता है।

फैटी एसिड को संतुलन में मदद: विटामिन ई का काम शरीर के फैटी एसिड को संतुलित करना होता है।

हार्मोंस संतुलन: विटामिन ई का महत्वपूर्ण योगदान हार्मोंस संतुलन के लिए भी होता है।

अंगों को सामान्य रूप मे रखने: शरीर में अनेक अंगों को सामान्य रूप में बनाये रखने में विटामिन ई ही सहायता करता है। जैसे- मांसपेशियां और अन्य टिश्यू।

ग्लैण्ड की रक्षा: थायराइड ग्लैण्ड तथा पिट्यूटरी ग्लैण्ड की कार्यशैली में विटामिन ई की कमी से बाधा उत्पन्न हो जाती है। इसलिए विटामिन इ का सेवन जरुरी होता हैI

विटामिन ई युक्त आहार

गेंहू, वनस्पति तेल, हरे साग, जौ,चना, खजूर, मक्खन- मलाई, शकरकन्द, अंकुरित अनाज, बादाम, बीज और फलों में विटामिन  ई पाया जाता है।

लेने से पहले चिकित्सक से परामर्श करे

विटामिन ई का ज्यादा सेवन भी गर्भवती महिला के लिए हानिकारक हो सकता है इसके लिए आप अपने डॉक्टर से कंसल्ट कर सकते है|