Baccho Ki Exercise: बच्चो के शारीरिक विकास के लिए व्यायाम

स्वस्थ रहने के लिए आजकल सभी के लिए व्यायाम करना आवश्यक हो गया है। यदि व्यायाम नहीं किया जाये तो शरीर को कई प्रकार की समस्या होती है। इसलिए व्यायाम को हर उम्र के लोगो को करना चाहिए फिर चाहे वह बूढ़े हो या बच्चे।

आपको यह जानकर हैरानी होगी की शिशुओं को भी व्यायाम करना चाहिए। क्योंकि जब बच्चे छोटे होते है उनकी शारीरिक गतिविधियां बहुत कम होती जिसके कारण उनका खाना सही से पचने में कठिनाई आती है।

छोटे बच्चे बिस्तर पर ही हाथ और पैरों को चला कर अपना खाना पचाने की कोशिश करते है।रोने और चिल्लाने की क्रियाओं द्वारा ही उनका भोजन पचता है।

यह माना जाता है की छोटे बच्चों में जो बच्चा जितना एक्टिव रहता है वह उतना ही स्वस्थ रहता है। यदि आपका बच्चा भी छोटा है तो कुछ आसान व्यायाम करा सकते है। जानते है Baccho Ki Exercise के बारे में।

Baccho Ki Exercise: बच्चो को कराये यह लाभकारी व्यायाम और बरते सावधानियां

Baby Exercises in Hindi

टमी एक्सरसाइज से बच्चों को पेट के बल लेटाएं

  • प्रतिदिन बच्चों को पेट के बल 3 से 5 मिनट तक लेटना फ़ायदेमंद होता है।
  • शोध से पता चला है की यदि बच्चे पेट के बल लेटते है तो उनके हाथों, गले, पीठ और पेट की मांसपेशियाँ मजबूत होती है।
  • ऐसा करने से बच्चों के धैर्य में भी वृद्धि होती है।
  • शुरुआत में हो सकता है आपको बच्चों को उल्टा लेटाने में कठिनाई आये। परन्तु इसका नियमित अभ्यास करने पर बच्चों को इसकी आदत पड़ जाती है। और वह स्वयं से ही उलटे होने लगते है।

साइकिल चलाना

  • बहुत से छोटे बच्चे पैरों से सायकल चलने जैसे मुद्रा खुद करने लगते है। यदि आपका बच्चा पैरों से सायकल नहीं चला पाता है तो उसे सायकल चलाने की आदत डलवाए।
  • ऐसा करवाने से बच्चे का पेट साफ रहता है। जिससे वह तंदरुस्त रहते है। ऐसा करने से उनके पैरों, जांघो और घुटनो की अच्छे से कसरत हो जाती है।

वेट लिफ्टिंग कराये

  • बच्चों को वेट लिफ्टिंग करना भी बहुत ही अच्छा होता है।
  • इसे करने से बच्चों में वस्तुओ को पकड़ने की क्षमता का विकास होता है।
  • साथ ही साथ हाथ, बाजू और कंधे की मांसपेशियों को भी मज़बूती मिलती है।
  • यह व्यायाम उन बच्चों के लिए अच्छा होता है जो 3 से 4 महीने की उम्र के होते है, क्योंकि इस उम्र में बच्चे सामान को उठाना प्रारम्भ कर देते है।
  • तो आप सामान के साथ ही बच्चों को व्यायाम करा सकते है। छोटे छोटे सामान जैसे झुनझुना और कम वेट के सामान बच्चों को उठाने के लिए दे सकते है।
  • सामान को उनके सामने रख दे और उन्हें उसे उठाने के लिए उत्साहित करे। परन्तु इस बात का भी ध्यान रहे की जो वस्तुएँ आप बच्चे को उठाने के लिए दे रहे वह भारी नहीं होने चाहिए।

सिट-अप्स कराये

  • छोटे बच्चे खुद से कोई भी व्यायाम नहीं कर सकते है इसके लिए आपको उन्हें व्यायाम कराना होता है। अपने बच्चों को सीट अप कराये ऐसा करने से हाथों और पैरों में ताकत आती है।
  • यदि बच्चा बैठता है तो उससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती है साथ ही पीठ और जांघ में भी मज़बूती आती है।
  • इसे करने से पेट की समस्याएं जैसे कब्ज दूर हो जाती है। और बच्चा स्वस्थ रहता है।

टो टू इयर पोज़

  • इसे कराने के लिए बच्चे को पीठ के बल लिटा दे। इसके बाद बच्चे के पैरों को सीधा कर दे।
  • इतना करने के बाद उसके दाएँ पैर वाले अंगूठे को बाएँ कान की ओर लाने की कोशिश करे। ध्यान रहे ज्यादा खिचाव ना करे, पैर जितनी दूर जाता है उतना ही ले जाए। अब पैरों को सीधा कर दे।
  • फिर बाएँ पैर वाला अंगूठा दाएँ कान की और ले जाए और वापस पैर को सीधा कर दे । ऐसा तीन से चार बार करे।

चेस्ट क्रॉस कराये

  • चेस्ट क्रॉस कराने के लिए सबसे पहले अपने बच्चे के दोनों हाथों को पकड़ ले। इसके बाद हाथों को बाहर की तरफ फैलाये।
  • फिर बच्चे के छाती की दाहिनी तरफ उसके बाएँ हाथ को ले जाए और दाएँ हाथ को छाती के बाईं तरफ ले जाए।
  • कुछ देर वैसे ही रुके और फिर हाथों को बाहर की तरफ फैलाये।
  • इस तरह लगभग पांच बार करे।
  • इस बात का ध्यान रखे की बच्चे के हाथों को धीरे धीरे हीं खींचे।

टोर्च सर्चिंग व्यायाम

  • यदि आपका शिशु थोड़ा थोड़ा घुटने के बल चलने का प्रयास कर रहा है तो उसे आप चलने के लिए प्रेरित कर सकते है।
  • इसके लिए अपने बच्चों के सामने कुछ दूरी पर उनके प्रिय खिलौनों को रख दे और उनसे उन्हें उठाने के लिए कहे । ऐसा करने से वह घुटनो के बल चलना सीख जाते है।

इसके अतिरिक्त यदि आपका बच्चा चलना सीखने लगा है तो उसे आप पैरों से चलने वाली लकड़ी या प्लास्टिक की गाड़ी से अभ्यास करा सकते है ऐसा करने से बच्चे चलना सीख जाते है साथ ही उनके हाथों की पकड़ भी मजबूत बनती है और शरीर की मांसपेशियों को भी मज़बूती मिलती है।

व्यायाम के समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • अपने बच्चों को उतना ही व्यायाम कराये जितना उनकी शारीरिक क्षमता हो। क्षमता से अधिक व्यायाम न कराये।
  • जब भी व्यायाम कराये तब इस बात का ध्यान दे की उसे व्यायाम के समय परेशानी न हो रही हो।
  • जरुरत से ज्यादा व्यायाम कराने से बच्चे थक भी सकते है और वह कमजोर भी हो सकते है।
  • अपने बच्चों को उनके वजन के अनुसार ही व्यायाम कराये।
  • यदि व्यायाम कराते समय कुछ भी संदेह हो रहा है तो बच्चे को व्यायाम ना कराये।
  • ध्यान रहे की बच्चों का शरीर बहुत ही कोमल होता है इसलिए उनके हाँथ और पैरों को पकड़ते समय जोर से ना पकड़े। उन्हें इससे चोट भी लग सकती है।
  • उनके पौष्टिक खान पान और पर्याप्त नींद पर भी ध्यान दे।

इन व्यायामों के जरिये आप अपने बच्चे के शरीर को स्वस्थ बना सकते है मगर उपरोक्त बताई गयी सावधानियों का भी ध्यान रहे यह तभी संभव हो पायेगा। साथ ही अपने बच्चे की समय समय पर मालिश भी करे इससे भी बच्चों की मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत बनती है। थोड़ी सी भी आशंका होने पर अपने बच्चे को डॉक्टर से ज़रूर दिखाए ताकि समय पर उसकी सही देखभाल हो सके।

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