Vrat Recipes in Hindi: व्रत के लिए पौष्टिक एवं स्वादिष्ट आहार

हमारे देश में बहुत पुराने समय से ही व्रत में उपवास रखने की परंपरा है। लोग व्रत रखने की प्रथा को इसलिए मानते है की उन्हे ऐसा लगता है की यह भगवान तक अपनी बात को पहुंचाने का एक तरीका है। इसे आध्यात्मिक और धार्मिक साधना के रूप में भी रखा जाता है। व्रत कोई भी हो किसी चीज़ के लिए भी रखा गया हो लोग इसे अपनी पूरी श्रद्धा से रखते है।

व्रत रखना कही न कही सेहत के लिए भी अच्छा होता है। कुछ लोग बिना पानी और खाने का व्रत रखते है, कुछ लोग एक समय भोजन करते है और कुछ लोग सिर्फ फलाहार का सेवन करते है। लोग अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते है। कई लोग व्रत के दौरान कुछ व्रत का खाना खा लेते है।

व्रत के खाने में हमे पौष्टिक खाने का सेवन करना चाहिए जिससे हमारे शरीर में पूरी तरह से एनर्जी बनी रहे और साथ ही हमे बार बार भूख भी न लगे। अगर हम व्रत में खाने की बात करे तो बहुत कम ही आहार होते है जिसे हम खा सकते है और हमेशा एक ही तरह से उन आहारों को बना कर खाना अच्छा भी नहीं लगता है।

तो इस लेख में हम आपको व्रत में खाने वाले आहारों को अगल अलग तरह से कैसे बना कर खा सकते है ये बताएँगे और साथ ही आप यहाँ उसकी पौष्टिकता के बारे में जान पाएंगे।आइये पढ़ते हों विस्तार से Vrat Recipes in Hindi.

Vrat Recipes in Hindi: सीखिए व्रत में खाने वाले फलाहार की रेसिपी

Vrat Recipes in Hindi

 

कच्चे केले की टिक्की

  • कच्चे केले में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी और विटामिन बी 6 जैसे तत्व होते है।
  • केले में पोटैशियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
  • कच्चे केले में पके हुए केले के मुकाबले कम शुगर होती है। यह पूरी तरह सेहत के लिए फ़ायदेमंद है।
  • तैयारी का समय: 10 मिनट
  • बनाने का समय: 10 मिनट
  • कितने लोगो के लिए: 16 टिक्की के लिए

सामग्री

  • कच्चे केले 5 – 6 मीडियम आकर के
  • हरी मिर्च 4
  • सेंधा नमक 1¼ छोटा चम्मच या स्वादानुसार
  • कटा हरा धनिया 2 – 3 बड़े चम्मच
  • घी या तेल सेकने और तलने के लिए।

विधि

  • पहले केले को धो कर दो टुकड़े कर के उसे उबाले।
  • अगर आप चाहे तो केले को एक सिटी आने तक कुकर में उबाल सकते है।
  • अब उबलने के बाद केले को ठंडा होने दे।
  • हरी मिर्च बारीक काट ले।
  • उबले केले के छिलके निकाल कर उसे मसल ले।
  • अब इस मसले हुए केले में हरी मिर्च, धनिया, और नमक डाल दे ।
  • अब इस मिश्रण को 16 बराबर हिस्सों में बाट ले और इसे टिक्की का आकार दे दें।
  • आप टिक्की के आकार को अपने हिसाब से बड़ा या छोटा बना सकती है।
  • अब इन कच्ची केले की टिक्की को 10 मिनट के लिए फ्रिज में रख दे, इससे टिक्की फटेगी नहीं।
  • आप टिक्की को तल भी सकते है और चाहे तो सेक सकते है।
  • सेकने के लिए तवा गर्म करें थोड़ा तेल लगाए फिर इस पर टिक्की रख दे और दोनों तरफ से लाल होने तक सेकें।
  • तलने के लिए तेल गर्म कर ले फिर टिक्की डाल दे और लाल होने तक तले।
  • अब आपकी टिक्की तैयार है इसे आप फलाहारी चटनी के साथ खा सकते है।

सुझाव

  • केले को उबालने के बाद ठन्डे होने का इंतज़ार करे वरना टिक्की को बांधने में प्रॉब्लम आएगी।
  • अगर फिर भी केले की टिक्की बांधने में प्रॉब्लम आ रही है तो उसमे उबले आलू मसल कर मिला ले।
  • अगर आपको तीखा खाना पसंद है तो मिर्ची की मात्रा बढ़ा दें ।

फलाहारी थालीपीठ

तैयारी का समय: 15 मिनट

बनाने का समय: 25 मिनट

कितने लोगो के लिए: 10 थालीपीठ के लिए

सामग्री

  • साबूदाना ½ कप
  • पानी 1 कप
  • उबले आलू 2 मीडियम साइज के
  • सिघाड़े का आटा ⅓ कप
  • भुनी मूंगफली 4 बड़े चम्मच
  • हरी मिर्च 4 – 5
  • सेंधा नमक 1¼ छोटा चम्मच या स्वादानुसार
  • धनिया बारीक़ कटा हुआ 2 बड़े चम्मच
  • निम्बू का रस 1½ छोटा चम्मच
  • तेल सेखने के लिए लगभग 3 बड़े चम्मच
  • थोड़ा सूखा सिंघाड़े का आटा

विधि  

  • पहले साबूदाने को धो ले और भिगो के कम से कम 2 – 3 घंटे के लिए रख दे।
  • भिगोने के बाद साबूदाने मुलायम हो जायेंगे और अगर मुलयाम ना हुए हों तो थोड़ा और पानी डाल कर रख दे फिर मुलायम होने के बाद इसे छान कर एक पात्र में निकाल ले।
  • हरी मिर्च बारीक बारीक काट ले।
  • उबले आलू को छील कर मसल ले।
  • भुनी मूंगफली को दरदरा कूट ले।
  • अब भीगे साबूदाने में हरी मिर्च, धनिया, नमक, मसले आलू, सिघाड़े का आटा और दरदरी मूंगफली डाल कर मिलाये।
  • अब इस मिश्रण में निम्बू का रस डाले और अच्छी तरह मिलाये।
  • अब इस मिश्रण को 10 बराबर हिस्सों में बाँट ले और लोई बना ले।
  • अब तवा गर्म होने के लिए रख दे और जब तक तवा गर्म हो तब तक लोई  3 – 4 इंच बड़ा बेल ले।
  • ध्यान रखे की मोटा ही बेले क्योकि थालीपीठ मोटे होते है।
  • अब तवे पर थोड़ा तेल लगा दे और बेला हुआ थालीपीठ तवे पर डाले।
  • कम से कम 40 सेकण्ड्स तक इंतज़ार करे फिर इसी दूसरी साइड सेके।
  • थालीपीठ की दोनों साइड को धीमी आँच पर सेके।
  • थाली पीठ को सिकने में कम से कम 3 मिनट लगते है।
  • जब दोनों साइड अच्छी तरह सेक जाये उसके बाद थालीपीठ को फलाहारी चटनी या दही के साथ परोस सकते है।

सुझाव

  • अगर आपका तवा बड़ा है तो आप एक साथ 2 – 3 थालीपीठ भी सेक सकते है।
  • अगर आप चाहे तो सिघाड़े के आटे की जगह कुट्टू के आटे का भी इस्तेमाल कर सकते है।

फलाहारी भेल

तैयारी का समय: 10 मिनट

बनाने का समय: 15 मिनट

कितने लोगो के लिए: 4 लोगो के लिए

सामग्री

  • कच्ची मूंगफली ¾ कप
  • मखाने 2 कप
  • सेंधा नमक 1 छोटा चम्मच
  • हरी मिर्च 2
  • उबले आलू 2 मीडियम साइज के
  • कटा हरा धनिया 1 बड़ा चम्मच
  • निम्बू का रस 1 बड़ा चम्मच
  • तेल या घी 2½ छोटा चम्मच

विधि

  • पहले एक कढ़ाई ले उसमे 1½ चम्मच घी या तेल गर्म कर ले फिर उसमे मूंगफली डाल दे और उसे 10 मिनट तक के लिए भुने। जब उसका रंग बदल जाये तब उसे दूसरे पात्र में निकाल लें ।
  • अब उसी कढ़ाई  में 1 चम्मच तेल या घी रख दे और मखाने करारे कर ले, 2 – 3 मिनट में मखाने तैयार हो जायेंगे।
  • उबले हुए आलू को छील ले और छोटे छोटे टुकड़े काट ले।
  • हरी मिर्च को बारीक़ काट ले।
  • अब एक पात्र में कटे आलू, मूंगफली, हरी मिर्च, धनिया, मखाने डाल कर मिलाये।
  • अब इस मिश्रण पर निम्बू का रस डाल दे और अच्छी तरह मिक्स कर के खाये।

सुझाव

  • अगर आप चाहे तो मखाने और मूंगफली को पहले से भूनकर एक एयरटाइट डिब्बे में रख ले। फिर बाद में जब कभी भी खाना हो तो बाकि सब चीज़े मिला कर भेल बनाये ।

अगर आप भी व्रत रखते है और समझ नहीं आता की क्या खाये या फिर वो सभी फलाहारी चीज़े खा क्र आप बोर हो गए है तो ऊपर दी गयी किसी भी रेसिपी को बनाये और स्वादिष्ट और पौष्टिक आहार को मज़ा ले।

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