योग और प्राणायाम शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है| इनके नियमित अभ्यास से कई बीमारियों का इलाज संभव है| यदि हम वर्तमान की बात करे तो कैंसर जैसी बीमारी भी आजकल आम हो गयी है|

कैंसर का रोग उतकों, कोशिकाओं और रक्त संबंधी रोग है। अधिकतर लोगो का मानना है की कैंसर का इलाज संभव नहीं है, किन्तु आधुनिक तकनीकों के चलते इसका इलाज अब संभव है|

लेकिन इसके इलाज इतना आसान नहीं है| इसमें रोगी बहुत परेशान भी होता है और तो और बहुत अधिक खर्चा आता है| इसलिए जरुरी है की समय पर ही एहतियात बरतना|

खानपान में थोड़ा सा बदलाव लाकर और योग को अपनी जीवनशैली में अपनाकर आप कैंसर जैसी घातक बीमारी से बच सकते हैं| और जिनका कैंसर एकदम शुरुवाती स्टेज पर है वे भी उसका उपचार कर सकते हैं। आइये आज के लेख में जानते है Yoga for Cancer के बारे में|

Yoga for Cancer: योग से कैंसर की बीमारी से हो सकता है बचाव

Yoga for Cancer

कैंसर क्या होता है?

  • मानव शरीर में जरुरत के अनुसार नियंत्रित रूप से कोशिकाएं बढ़ती है|
  • लेकिन जब यह कोशिकाएं अनयिंत्रित रूप से अपने आप बढ़ती जाए साथ ही खुद से ही विभाजित होती जाये तो यह कैंसर है|
  • कैंसर कोशिकाओं का आकर सामान्य सेलों से अलग होता है।
  • ये ठीक से कार्य भी नहीं करती है, साथ ही साथ ये शरीर के विभिन्न अंगों में फैलने की प्रवत्ति भी रखती है|

योग से कैंसर का खात्मा

यदि कैंसर के प्रारंभिक स्तिथि में ही किसी भी प्रकार के कैंसर का पता चल जाता है तो रोगी को दिन में तीन से चार बार अनुलोम-विलोम का अभ्यास करना चाहिए|

इसके अतिरिक्त कपालभाती, भस्त्रिका प्राणायाम, नाड़ी शोधन प्राणायाम तथा पांच मिनट के ध्यान के अभ्यास को अपनी रोज की दिनचर्या में शामिल कर लेना चाहिए|

शोध के मुताबित कैंसर में योग फायदेमंद

  • यह शोध अमेरिकन सोसाइटी आफ क्लीनिकल ऑन्‍कोलॉजी द्वारा किया गया गया है।
  • इसके प्रमुख शोधकर्ता कैरन मस्टियन का कहना है की हमारे पास कैंसर के पीड़ितों में थकान से निपटने के अच्छे उपाय नहीं थे।
  • इसके चलते कुछ रोगी नींद लेने के लिए दवाओं का प्रयोग करते हैं, किन्तु इन दवाओं से साइड इफेक्ट भी होता है।

लेकिन जो कैंसर रोगी योग का अभ्यास करते है उन्हें रात में अच्छी नींद आती है। साथ ही योग करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। यह शोध 400 से अधिक कैंसर रोगियों पर किया गया है।

इस शोध में मरीजों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को एक महीने के लिए हफ्ते में दो बार योग करवाया गया| शोध का परिणाम  यह आया कि योग करने वाले रोगियों ने नींद की दवाओं में कटौती की।

योग से उनकी थकान भी आधी हो गई, जीवन में भी सुधार था| उनकी रात में नींद की गुणवत्ता में 22 प्रतिशत का सुधार आया।  यह पूरा सुधार उन रोगियों के मुकाबले दोगुना था जिन्होंने योग नहीं किया। किन्तु कैरन मस्टियन ने यह भी कहा कि यह परिणाम योग के सभी रूपों पर लागू नहीं होता है।